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90 दिन में लंबित कार्य पूरा न करने पर अधिकारी नपेंगे: सत्यपाल सिंह
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मेरठ। 90 दिन में लंबित पड़े विकास कार्यों को पूरा नहीं किया गया तो अधिकारी नपेंगे। याचिकाओं को जानबूझकर लंबित रखने वाले अधिकारी अपने कार्य में सुधार कर लें। यह बात विधान परिषद की याचिका समिति ने मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर जनपद के अधिकारियों से कहीं। समिति के सभापति सत्यपाल सिंह ने लंबित याचिकाओं को लेकर विभागीय अधिकारियों को जमकर क्लास लगाई है।
विकास भवन सभागार में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की याचिका समिति के सभापति सत्यपाल सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को मेरठ, बुलंदशहर और हापुड़ के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। जिसमें सभापति द्वारा समिति के कार्य एवं उद्देश्यों से अवगत कराया गया। समिति ने मेरठ, बुलंदशहर व हापुड़ तीनों जनपदों से संबंधित प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा की। कहा कि जो कार्य पूर्ण होने वाले हैं या पूर्ण हो गए हैं। उनकी रिपोर्ट समिति को भेजते हुए अवगत कराया जाए। लंबित प्रकरणों का मौके पर सक्षम स्तर से जांच कर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आमजनमानस के विकास कार्यों के संबंध में जो भी प्रकरण या याचिका रखी गई है। उनको प्राथमिकता दी जाए। सभापति ने कहा कि जनता की आशा, उम्मीद के अनुरूप प्राप्त याचिका, विकास कार्य को कराया जाए। उन्होंने कहा है कि समस्या का निदान अधिकारियों की प्राथमिकता में होना चाहिए, यदि कार्य अच्छा हुआ है तो उसका प्रस्तुतीकरण भी अच्छा होना चाहिए।
निस्तारित प्रकरणों की अनुपालन आख्या समिति को समय से उपलब्ध कराई जाए। जिससे लखनऊ में आयोजित समिति की बैठक में उक्त प्रकरणों को समाप्त किया जा सके। इस अवसर पर समिति सदस्य विजय बहादुर पाठक, जितेन्द्र सिंह सेंगर, बहोरन लाल मौर्य, रजनीकांत महेश्वरी, रमेंद्र भाई पटेल, सर्वेश गुप्ता, अजय कुमार मौर्य, राम प्रकाश पाल, डीएम वीके सिंह, सीडीओ नूपुर गोयल, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, एडीएम प्रशासन बलराम सिंह, सीएमओ डाॅ. अशोक कटारिया और हापुड़-बुलंदशहर के डीएम व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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विकास भवन सभागार में उत्तर प्रदेश विधान परिषद की याचिका समिति के सभापति सत्यपाल सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को मेरठ, बुलंदशहर और हापुड़ के अधिकारियों के साथ बैठक की गई। जिसमें सभापति द्वारा समिति के कार्य एवं उद्देश्यों से अवगत कराया गया। समिति ने मेरठ, बुलंदशहर व हापुड़ तीनों जनपदों से संबंधित प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा की। कहा कि जो कार्य पूर्ण होने वाले हैं या पूर्ण हो गए हैं। उनकी रिपोर्ट समिति को भेजते हुए अवगत कराया जाए। लंबित प्रकरणों का मौके पर सक्षम स्तर से जांच कर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आमजनमानस के विकास कार्यों के संबंध में जो भी प्रकरण या याचिका रखी गई है। उनको प्राथमिकता दी जाए। सभापति ने कहा कि जनता की आशा, उम्मीद के अनुरूप प्राप्त याचिका, विकास कार्य को कराया जाए। उन्होंने कहा है कि समस्या का निदान अधिकारियों की प्राथमिकता में होना चाहिए, यदि कार्य अच्छा हुआ है तो उसका प्रस्तुतीकरण भी अच्छा होना चाहिए।
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निस्तारित प्रकरणों की अनुपालन आख्या समिति को समय से उपलब्ध कराई जाए। जिससे लखनऊ में आयोजित समिति की बैठक में उक्त प्रकरणों को समाप्त किया जा सके। इस अवसर पर समिति सदस्य विजय बहादुर पाठक, जितेन्द्र सिंह सेंगर, बहोरन लाल मौर्य, रजनीकांत महेश्वरी, रमेंद्र भाई पटेल, सर्वेश गुप्ता, अजय कुमार मौर्य, राम प्रकाश पाल, डीएम वीके सिंह, सीडीओ नूपुर गोयल, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, एडीएम प्रशासन बलराम सिंह, सीएमओ डाॅ. अशोक कटारिया और हापुड़-बुलंदशहर के डीएम व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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