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Meerut News: एनटीपीसी से अनुबंध खत्म होने की कगार पर, नए प्लांट की तैयारी
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- गांवड़ी में कूड़े का लगने लगा ढेर, लोगों में निगम के प्रति नाराजगी
फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शहर की बढ़ती आबादी व प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले 900 तक मैट्रिक टन कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर निगम और एनटीपीसी के बीच हुआ अनुबंध अब समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है। इस समझौते की अवधि समाप्त होने के बाद निगम ने शहर की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली में बदलाव लाने की तैयारी में है। इस क्रम में नगर निगम ने गांवड़ी गांव नया वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की दिशा में कवायद तेज कर दी है।
महानगर को ठोस अपशिष्ट कचरे का निस्तारण करने के लिए करीब दो साल पहले निगम और एनटीपीसी के बीच अनुबंध हुआ था। एनटीपीसी द्वारा कूड़ा छंटनी के बाद लेने की शर्त रखी थी। इसके लिए 18 महीने में निगम को करीब 50 करोड़ की लागत से गांवड़ी में प्लांट लगाना था। नगर निगम प्लांट नहीं लगा पाया और एनटीपीसी ने गांवड़ी में अपनी अत्याधुनिक मशीन लगाने का कार्य शुरू नहीं कराया। अनुबंध के दौरान रखी गई अवधि समाप्त हो गई। लोहियानगर में कूड़ा निस्तारण प्लांट चालू करने के बाद निगम द्वारा गांवड़ी में कूड़ा डाला जा रहा है। इसके चलते कूड़े का ढेर लग गया। इससे लेकर लोगों में आक्रोश है।
एक महीने से गांवड़ी और उसके आसपास के लोगों में निगम के प्रति नाराजगी है। लोगों का कहना है कि एनटीपीसी द्वारा प्लांट लगाकर कूड़े से बिजली या फिर कोयला बनाने की शर्त पर ही उन्होंने अपनी जमीन दी थी। अत्याधुनिक तरीके से कूड़े का निस्तारण नहीं कराया जा रहा, बल्कि भूगर्भ दूषित हो रहा है। लोगों में बढ़ते आक्रोश और एनटीपीसी द्वारा गांवड़ी में कोई कार्य न होने के चलते नगर निगम ने वहां पर नया प्लांट स्थापित करने की तैयारी कर ली। मुख्य अभियंता प्रमोद कुमार का कहना कि निगम द्वारा गांवड़ी में कूड़ा प्लांट लगाने के लिए अत्याधुनिक मशीनें खरीदने की तैयारी चल रही है। जल्द ही वहां पर नया कूड़ा प्लांट निगम स्थापित करेगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शहर की बढ़ती आबादी व प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले 900 तक मैट्रिक टन कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर निगम और एनटीपीसी के बीच हुआ अनुबंध अब समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया है। इस समझौते की अवधि समाप्त होने के बाद निगम ने शहर की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली में बदलाव लाने की तैयारी में है। इस क्रम में नगर निगम ने गांवड़ी गांव नया वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की दिशा में कवायद तेज कर दी है।
महानगर को ठोस अपशिष्ट कचरे का निस्तारण करने के लिए करीब दो साल पहले निगम और एनटीपीसी के बीच अनुबंध हुआ था। एनटीपीसी द्वारा कूड़ा छंटनी के बाद लेने की शर्त रखी थी। इसके लिए 18 महीने में निगम को करीब 50 करोड़ की लागत से गांवड़ी में प्लांट लगाना था। नगर निगम प्लांट नहीं लगा पाया और एनटीपीसी ने गांवड़ी में अपनी अत्याधुनिक मशीन लगाने का कार्य शुरू नहीं कराया। अनुबंध के दौरान रखी गई अवधि समाप्त हो गई। लोहियानगर में कूड़ा निस्तारण प्लांट चालू करने के बाद निगम द्वारा गांवड़ी में कूड़ा डाला जा रहा है। इसके चलते कूड़े का ढेर लग गया। इससे लेकर लोगों में आक्रोश है।
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एक महीने से गांवड़ी और उसके आसपास के लोगों में निगम के प्रति नाराजगी है। लोगों का कहना है कि एनटीपीसी द्वारा प्लांट लगाकर कूड़े से बिजली या फिर कोयला बनाने की शर्त पर ही उन्होंने अपनी जमीन दी थी। अत्याधुनिक तरीके से कूड़े का निस्तारण नहीं कराया जा रहा, बल्कि भूगर्भ दूषित हो रहा है। लोगों में बढ़ते आक्रोश और एनटीपीसी द्वारा गांवड़ी में कोई कार्य न होने के चलते नगर निगम ने वहां पर नया प्लांट स्थापित करने की तैयारी कर ली। मुख्य अभियंता प्रमोद कुमार का कहना कि निगम द्वारा गांवड़ी में कूड़ा प्लांट लगाने के लिए अत्याधुनिक मशीनें खरीदने की तैयारी चल रही है। जल्द ही वहां पर नया कूड़ा प्लांट निगम स्थापित करेगा।
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