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अब जिला अस्पताल में होगी डेंगू-चिकनगुनिया की जांज, सेंटिनल लैब को मिली हरी झंडी

Thu, 01 Jun 2017 02:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Thu, 01 Jun 2017 02:48 AM IST
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now jila hospital will do degue and chiken gunia chequeup
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

डेंगू और चिकनगुनिया की जांच अब जिला अस्पताल में भी होगी। मरीजों को मेडिकल कॉलेज की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। दरअसल, जिला अस्पताल में सेंटिनल लैब को हरी झंडी मिल गई है। जल्द ही एलाइजा रीडर मशीन और लैब टेकभनीशियन आ जाएगा। इसके बाद डेंगू और चिकनगुनिया की जांच यहां होगी। 

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लंबे समय से जिला अस्पताल में सेंटिनल लैब की कमी खल रही है। इस लैब में डेंगू और चिकनगुनिया जांच होती है। फिलहाल जांच कराने के लिए मरीजों को मेडिकल कॉलेज जाना पड़ता है। जिला अस्पताल में सेंटिनल लैब की मांग की जा रही थी, जो अब अमली जामा पहनने वाली है। जिला अस्पताल को डेंगू और चिकनगुनिया की जांच के लिए एडवांस किट भी मुहैया करा दी गई है। इसके लिए जिला अस्पताल में एक रूम खाली करा लिया गया है, जिसमें मशीन रखी जाएंगी। 
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यह होंगे टेस्ट 
कौन सा टेस्ट कराना चाहिए ये इस बार पर निर्भर करता है कि टेस्ट कब कराया जा रहा है। 
1- जीनोमिक टेस्ट पीसीआर विधि- चिकनगुनिया बुखार के लक्षण दिखने के एक सप्ताह के अंदर टेस्ट कराया जाए तो पीसीआर विधि से जीनोमिक टेस्ट करा सकते हैं। ये
टेस्ट चिकनगुनिया के लिए पक्की जानकारी दे सकता है।  
2- एंटीबाडीज की जांच- चिकनगुनिया शुरू होने के 7-8 दिन बाद शरीर में एंटीबॉडीज बनने लगते हैं। एंटीबॉडीज की जांच करके आमतौर पर चिकनगुनिया के लिए टेस्ट किए जाते हैं। 
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3- कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) टेस्ट- इस टेस्ट से चिकनगुनिया होने की आशंका का पता चल जाता है। इसलिए चिकनगुनिया की शुरुआती जांच के लिए इस टेस्ट का इस्तेमाल किया जाता है।  

क्या है डेंगू-चिकनगुनिया 
चिकनगुनिया एक वायरल बुखार है। एडीज एजिप्टी नाम के मच्छर के काटने से फैलता है। जब चिकनगुनिया का वायरस मनुष्य के शरीर में प्रवेश करता है तो मनुष्य बुखार, खांसी, जुकाम, बदन दर्द और जोड़ों के दर्द से पीड़ित हो जाता है। यह वायरस उसी प्रकार की बीमारी पैदा करता है, जिस प्रकार की स्थिति डेंगू रोग में होती है। मादा एडीज इजिप्टी मच्छर लोगों को डेंगू से पीड़ित करता है। जब मच्छर किसी को काटता है तो डेंगू फैलाने वाला पायरस मच्छर की लार के साथ शरीर में प्रवेश कर जाता है। 


हर दिन लगेंगे 24 कैंप 
स्वास्थ्य जांच के लिए जून माह में स्वास्थ्य विभाग हर रोज 24 जगह कैंप का आयोजन करेगा। यहां मरीजों को जांच होगी और उन्हें दवाइयां दी जाएंगी। सीएमओ डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि उनके कार्यालय में बना कंट्रोल रूम इसकी मॉनीटरिंग करेगा।

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