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UP: अब सहारनपुर से ब्रिटेन में होगा गुड़-शक्कर का निर्यात...आम, शहद के बाद अब दुनिया भर के देशों में खासी पसंद
Sun, 01 Dec 2024 10:19 AM IST
शाहरुख खान
देवेंद्र कुमार, अमर उजाला, सहारनपुर
देवेंद्र कुमार, अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 01 Dec 2024 10:19 AM IST
सार
अब सहारनपुर से गुड़ और शक्कर का ब्रिटेन में निर्यात होगा। काष्ठ हस्तशिल्प उत्पाद, आम, शहद के बाद अब गुड़ का भी जनपद से निर्यात होगा। दिसंबर के पहले सप्ताह में ब्रिटेन के लिए 25 टन केमिकल फ्री गुड़-शक्कर की खेप रवाना होगी।
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jaggery and sugar
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सहारनपुर का गुड़-शक्कर अब ब्रिटेन वासियों के जीवन में भी मिठास घोलेगी। जनपद से पहली बार 25 टन केमिकल फ्री गुड़-शक्कर का ब्रिटेन को निर्यात होगा। गुड़-शक्कर की पहली खेप दिसंबर के पहले सप्ताह में गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से ब्रिटेन के लिए रवाना होगी।
जनपद के काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों, आम और शहद को दुनिया भर के देशों में खासा पसंद किया जाता है। इसके चलते यहां से 1000 से 1200 करोड़ रुपये वार्षिक काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात कई देशों में होता है।
इसके अलावा आम और शहद का निर्यात भी यूरोपीय देशों, अमेरिका ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों में होता है। इस कड़ी में अब जनपद की गुड़-शक्कर भी जुड़ गई है।
बिहारीगढ़ क्षेत्र के गांव तकीपुर के प्रगतिशील बीटेक युवा किसान राहुल कांबोज दिसंबर के पहले सप्ताह में 25 टन केमिकल फ्री गुड़-शक्कर का निर्यात करेंगे। वह 20-25 अन्य किसानों के साथ रासायनिक कीटनाशकों से मुक्त गन्ने की खेती कर रहे हैं और सुस्वास्थ्यम कृषक उत्पादक संगठन के माध्यम से केमिकल फ्री गुड़-शक्कर देश के कई महानगरों में बेच रहे हैं।
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जनपद के काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों, आम और शहद को दुनिया भर के देशों में खासा पसंद किया जाता है। इसके चलते यहां से 1000 से 1200 करोड़ रुपये वार्षिक काष्ठ हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात कई देशों में होता है।
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इसके अलावा आम और शहद का निर्यात भी यूरोपीय देशों, अमेरिका ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों में होता है। इस कड़ी में अब जनपद की गुड़-शक्कर भी जुड़ गई है।
बिहारीगढ़ क्षेत्र के गांव तकीपुर के प्रगतिशील बीटेक युवा किसान राहुल कांबोज दिसंबर के पहले सप्ताह में 25 टन केमिकल फ्री गुड़-शक्कर का निर्यात करेंगे। वह 20-25 अन्य किसानों के साथ रासायनिक कीटनाशकों से मुक्त गन्ने की खेती कर रहे हैं और सुस्वास्थ्यम कृषक उत्पादक संगठन के माध्यम से केमिकल फ्री गुड़-शक्कर देश के कई महानगरों में बेच रहे हैं।
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पंजाब के कई महानगरों में बेच रहे गुड़-शक्कर
किसान राहुल कांबोज ने बताया कि वह गन्ने से गुड़-शक्कर बनाते समय भी किसी केमिकल प्रयोग नहीं करते। वे केमिकल फ्री गुड़-शक्कर को स्थानीय बाजार के साथ ही पंजाब के कई महानगरों में भी बेच रहे हैं। पंजाब की 19 आउटलेट वाले एक रेस्टोरेंट चैन को भी इसकी सप्लाई कर रहे हैं। जो गुड़ को प्रोसेस कर उससे कई प्रकार की मिठाईयां बनाते हैं। सादा गुड़-शक्कर के साथ ही हल्दीवाली शक्कर, आंवला गुड़ और ड्राईफ्रूटस वाला गुड़ भी बनाते हैं।
किसान राहुल कांबोज ने बताया कि वह गन्ने से गुड़-शक्कर बनाते समय भी किसी केमिकल प्रयोग नहीं करते। वे केमिकल फ्री गुड़-शक्कर को स्थानीय बाजार के साथ ही पंजाब के कई महानगरों में भी बेच रहे हैं। पंजाब की 19 आउटलेट वाले एक रेस्टोरेंट चैन को भी इसकी सप्लाई कर रहे हैं। जो गुड़ को प्रोसेस कर उससे कई प्रकार की मिठाईयां बनाते हैं। सादा गुड़-शक्कर के साथ ही हल्दीवाली शक्कर, आंवला गुड़ और ड्राईफ्रूटस वाला गुड़ भी बनाते हैं।
जनपद से पहली बार गुड़-शक्कर का निर्यात होगा। सुस्वास्थ्यम एफपीओ से जुड़े राहुल कांबोज दिसंबर के पहले सप्ताह में केमिकल फ्री 25 टन गुड़-शक्कर ब्रिटेन भेजेंगे। अन्य एफपीओ भी अपनी प्राकृतिक एवं जैविक खेती का संबंधित संस्था से प्रमाणीकरण करा लें। इससे न सिर्फ उनके उत्पादों का निर्यात संभव होगा, बल्कि उन्हें अनुदान भी प्राप्त होगा। - सुनील सोम, ज्येष्ठ निरीक्षक कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार विभाग।