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टीचर नहीं, बच्चे संभाल रहे क्लास, शिक्षिकाएं मिलीं गायब

Thu, 26 Oct 2017 11:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Thu, 26 Oct 2017 11:57 AM IST
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Not a teacher, the children handling the class, teachers found missing
कृष्‍णापुरी स्थित प्राथमिक विद्यालय में नहीं ‌मिलीं शिक्षिकाएं - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

मेरठ में परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का बेसिक शिक्षा विभाग लाख दावा करें, लेकिन स्कूलों की हालत जस की तस ही नजर आ रही है। अभियान के तहत बुधवार को अमर उजाला की टीम ब्रह्मपुरी नगरीय क्षेत्र के कृष्णापुरी स्थित प्राथमिक विद्यालय नवीन बागपत गेट पहुंची।

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क्लास से शिक्षिकाएं गायब मिलीं और बच्चे ही क्लास संभालते मिले। बच्चे जमीन पर ही बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। कक्षा एक व दो के बच्चे एक कमरे में बैठे थे, जिन्हें एक छात्रा खड़े होकर पढ़ा रही थी। जबकि छात्रा ही बच्चों की कापियों को जांच रही थी। बच्चों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मैम तो कहीं गई हैं। तीसरी और चौथी कक्षा के बच्चे दूसरे कमरे में बैठे थे। वहां पर भी शिक्षिका मौजूद नहीं थी। जबकि स्कूल के तीसरे कमरे में शिक्षामित्र ब्रजेश कुमारी बच्चों को पढ़ाती मिली। ब्रजेश कुमारी और एक चपरासी ही स्कूल की देखरेख कर रहे थे। ब्रजेश कुमारी ने बताया स्कूल में दो सहायक अध्यापिकाएं मनीषा जैन, निमिशा तिवारी हैं, जो किसी निजी कार्यक्रम में गई हैं। इसके चलते स्कूल में बच्चों को ही दो कक्षाओं की जिम्मेदारी दी गई है। यह लापरवाही देखकर इतना तो तय है कि स्कूल के शिक्षक ही सर्व शिक्षा अभियान को पलीता लगा रहे हैं।
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पढ़ें : ये है सरकारी पढ़ाई, स्कूल बुलाकर कराई जा रही सफाई

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Not a teacher, the children handling the class, teachers found missing
ये है स्कूलों का हाल

स्कूल में मूलभूत सुविधाओं की बात करें तो बच्चों के लिए एक कक्षा में फर्नीचर नहीं था, जबकि शासन से फर्नीचर सहित अन्य कार्यों के लिए पूरा पैसा भेजा जाता है। इसके बाद भी बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। जबकि शौचालय की हालत भी दयनीय ही नजर आई। विभागीय अधिकारी किराए के भवनों पर विवाद का बहाना ले लेते हैं, लेकिन यह स्कूल तो विभाग की अपनी जमीन पर बना हुआ है। इसके बावजूद भी यहां स्कूल विकास की राह देख रहा है। 

दो सरकारी हैंडपंप वो भी पडे़ हैं ठप 
स्कूल में दो सरकारी नल तो लगवाए गए हैं, लेकिन दोनों ही नल बंद पड़े हैं। शिक्षकों ने बताया कि नगर निगम से नल के लिए कई बार शिकायत की जा चुकी है। दोनों नल को ठीक नहीं कराया गया। इसके बाद शिक्षकों ने निजी पैसों से सबमर्सिबल लगवाया है। इसमें समस्या यह है कि बिजली होने पर ही बच्चे पानी पीते हैं। 

व्यवस्‍था सुधारने को विभाग लगातार कर रहा प्रयास
बेसिक शिक्षा अधिकारी सतेंद्र कुमार ढाका का कहना है कि स्कूल की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है। स्कूल की शिक्षिकाएं कक्षाओं में नहीं थी, तो इसकी जांच कराएंगे। शिक्षिकाओं को स्कूलों की शिक्षा सुधार पर ध्यान देना चाहिए। मामले में स्कूल स्टाफ से भी बात की जाएगी।

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