फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Nodal officer frozen in Meerut still stops sugarcane payment

मेरठ में जमे नोडल अधिकारी फिर भी रुका गन्ना भुगतान

Tue, 20 Aug 2019 04:16 AM IST
Gaurav sharma राजदीप जाखड़
राजदीप जाखड़ Published by: Gaurav sharma Updated Tue, 20 Aug 2019 04:16 AM IST
विज्ञापन
Nodal officer frozen in Meerut still stops sugarcane payment
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
मेरठ। गन्ना बकाया भुगतान और सर्वेक्षण के लिए संयुक्त गन्ना आयुक्त एवं मेरठ परिक्षेत्र के नोडल अधिकारी ने क्षेत्र में डेरा डाल रखा है। इसके बावजूद शुगर इंडस्ट्री बकाया भुगतान नहीं कर रही हैं। गन्ना सर्वेक्षण में भी कई अनियमितताएं सामने आ रही हैं। मंडल की मिलों पर किसानों का करीब 1800 करोड़ बकाया चल रहा है। इसमें मेरठ के किसानों का करीब 750 करोड़ रुपये है। पिछले सत्र का बकाया भुगतान नहीं मिलने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

गन्ना पेराई सत्र 2018-19 मई माह में खत्म हो गया था। नियमानुसार गन्ना मूल्य का भुगतान गन्ना आपूर्ति के 14 दिन के अंदर किया जाना चाहिए। लेकिन सत्र खत्म होने के करीब चार माह बाद भी किसानों को उनका संपूर्ण गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हो सका है। आगामी पेराई सत्र 2019-20 की तैयारियां तेजी से चल ही है। इसके लिए गन्ना सर्वेक्षण कराया जा चुका है। इसका प्रदर्शन गांवों में किया जा रहा है। किसानों से संशोधन के लिए आपत्तियां ली जा रही है।
विज्ञापन

भुगतान की रफ्तार सुस्त
किसानों
की नाराजगी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने शुगर इंडस्ट्री को संपूर्ण भुगतान के लिए 31 अगस्त तक का अल्टीमेटम दे रखा है। लेकिन भुगतान की सुस्त रफ्तार से गन्ना विभाग परेशान है। मेरठ जनपद की मवाना, नंगलामल, किनौनी, मोहिउद्दीनपुर आदि मिलों पर भी 700 करोड़ से ज्यादा बकाया है। इसे देखते हुए संयुक्त गन्ना आयुक्त डॉ. वीबी सिंह पिछले तीन दिन से क्षेत्र में डेरा डाले हैं। उन्होंने बैठकों में बकाया दबाए बैठी मिलों के प्रबंधकों को कड़ी फटकार लगाई और जल्द भुगतान के लिए कहा। वहीं मंडल के सभी जिलों में जाकर गन्ना सर्वेक्षण का निरीक्षण किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

भुगतान नहीं करने पर कार्रवाई
डॉ. वीबी सिं
ह ने बताया कि जो शुगर इंडस्ट्री 31 अगस्त से पहले पूरा भुगतान नहीं करेगी उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। गन्ना सर्वे में डबल बांड, फर्जी बांड, फर्जी रकबा आदि को खत्म करने को कहा गया है। गन्ना सर्वे जहां भी अनियमितता मिली है, उसे ठीक कराया जा रहा है। मेरठ परिक्षेत्र के उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने बताया कि यहां की बकायेदार मिलों को नोटिस देकर भुगतान करने को कहा गया है। तय तिथि तक भुगतान नहीं करने वाली मिलों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed