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Meerut News: रैन बसेरे में खाली नहीं बिस्तर, सड़कों पर रात गुजारने की मजबूरी

Fri, 15 Dec 2023 12:02 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Updated Fri, 15 Dec 2023 12:02 AM IST
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No vacant bed in night shelter, forced to spend night on streets
सहारनपुर। न्यूनतम तापमान दस डिग्री सेल्सियस तक आ गया है। रात की सर्दी लोगों की कंपकंपी छुड़ा रही है, लेकिन सड़कों पर रात गुजारने वालों के लिए नगर निगम ने अभी तक पर्याप्त व्यवस्था नहीं की है। स्थायी रैन बसेरे में मात्र 55 बिस्तरों की व्यवस्था है, लेकिन कई दिन से रैन बसेरे में बिस्तर खाली नहीं है। चूंकि रैन बसेरे में प्रवेश के लिए आधार जरूरी है। ऐसे में बेघर लोग सड़कों पर रात गुजारने को मजबूर हैं। बुधवार की रात नौ बजे रैन बसेरे में कोई भी बिस्तर खाली नहीं था, जबकि रैन बसेरे के ठीक सामने बनी मार्केट के बरामदे में बेघर लोग बच्चों के साथ लेटे हुए थे।
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बेघर लोगों को सर्दी से बचाने के लिए नगर निगम प्रत्येक वर्ष स्थायी और अस्थायी रैन बसेरों की व्यवस्था करता है। जिससे बेघर लोगों को सर्दी से बचाया जा सके, लेकिन अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। 12 महीने चलने वाला रैन बसेरा फिलहाल चल रहा है, जिसमें 55 बेड की व्यवस्था है। इसमें महिलाओं के लिए अलग और पुरुषों के लिए अलग व्यवस्था रहती है। चूंकि रात में अधिक ठंड पड़ रही है। ऐसे में बीते करीब 15 दिन से रैन बसेरे में बिस्तर खाली नहीं है। रैन बसेरे में बिना आधार कार्ड के प्रवेश नहीं है। ऐसे में केवल वही लोग इसका लाभ ले पाते हैं, जिनके पास आधार होता है, चूंकि महानगर में बड़ी संख्या में लोग फुटपाथ पर रहते हैं और उनके पास आधार कार्ड भी नहीं हैं। ऐसे लोग बिना आधार की वजह से रैन बसेरे में प्रवेश नहीं ले पाते हैं। जिसकी वजह से उनको सड़कों पर ही रात गुजारनी पड़ रही है। इनमें पुरुषों के साथ ही महिलाएं और बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं।
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कचरा जलाकर दूर कर रहे सर्दी
नगर निगम की ओर से अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में सड़कों पर रात बिता रहे बेघर लोग खुद को सर्दी से बचाने के लिए कचरा आदि जलाते हैं। बुधवार की रात लोग समूह बनाए रेलवे स्टेशन के बाहर और जीपीओ रोड पर कचरा जलाकर हाथ सेंकते नजर आए। जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में तीमारदार मरीजों के साथ आते हैं। वहां अलाव की व्यवस्था नहीं होने से तीमारदार परेशान हैं।
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अलाव की व्यवस्था प्रत्येक वर्ष 15 दिसंबर से की जाती है। ऐसे में नगर निगम शुक्रवार से अलाव जलाना शुरू कर देगा, जिनके लिए जगह पहले से चिह्नित है। इसके अलावा यदि रैन बसेरे में बिस्तर खाली नहीं है तो हमारे पास कमेला क्षेत्र और लाल लाजपत मार्केट में रैन बसेरे की व्यवस्था है, जिन्हें शुरू किया जाएगा। - राजेश यादव, अपर नगरायुक्त
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