फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   No horror movie set, this is drug warehouse at meerut

हॉरर फिल्म का सेट नहीं, ये है ड्रग वेयरहाउस, यहां दिन में भी लगता है डर

Mon, 19 Mar 2018 12:50 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, अरीश रिज़वी, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, अरीश रिज़वी, मेरठ Updated Mon, 19 Mar 2018 12:50 PM IST
विज्ञापन
No horror movie set, this is drug warehouse at meerut
बदहाल स्वास्थ्य विभाग का दवा गोदाम - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में स्वास्थ्य विभाग का ड्रग वेयरहाउस (दवा गोदाम) खंडहर हो गया है। ऐसा लगता है जैसे किसी हॉरर फिल्म की शूटिंग के लिए कोई सेट तैयार किया गया हो। रात की छोड़ें, यहां तो दिन में जाने से भी डर लगता है। प्रदेश सरकार ने इसे छह जिलों की दवाओं के रखरखाव के लिए बनाया था। लेकिन सुध नहीं ली गई। नतीजा यह कि यह इमारत अब बदहाल हो चुकी है।

विज्ञापन


यह बिल्डिंग मेरठ-दिल्ली रोड से करीब एक किलोमीटर अंदर राजकीय कुष्ठ आश्रम के सामने है, जो करीब एक बीघा में है। इसमें एक बड़े गोदाम के अलावा दवा काउंटर, चौकीदार रूम और एक ऑफिस बना है। इन पर लगे ताले जंग खा चुके हैं। ऊंची-ऊंची झाड़ियों से सब घिरा हुआ है। लाखों रुपये खर्च कर यूपी सरकार ने वर्ष 2001-02 में इसे तैयार कराया था। 
विज्ञापन

होना तो यह था यहां
इस भवन में अपर निदेशक कार्यालय के अंतर्गत आने वाली स्वास्थ्य विभाग की दवाओं का रखरखाव किया जाना था। फिर यहां से इन्हें मेरठ के अलावा गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, बुलंदशहर, हापुड़ और बागपत के स्वास्थ्य केंद्रों के लिए सप्लाई किया जाना था। शुरू में कई साल तो यह चला। लेकिन अब भवन लंबे समय से बंद पड़ा है। इसके बारे में अपर निदेशक कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी ज्यादा जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि यह भवन शासन ने बनवाया था। यह फिलहाल बंद है।

विज्ञापन
विज्ञापन

जीर्णोद्धार हो तो आ सकता है काम

No horror movie set, this is drug warehouse at meerut
यह अकेली ऐसी बिल्डिंग नहीं - फोटो : अमर उजाला

अगर इस भवन का जीर्णोद्धार हो जाए तो यह दवा के रखरखाव के काम आ सकता है। फिलहाल मेडिकल कॉलेज परिसर में बने अपर निदेशक स्वास्थ्य के कार्यालय में दवाएं आती हैं और वहीं से इन्हें मेरठ समेत बाकी जिलों को सप्लाई किया जाता है। दूसरी तरफ सवाल यह भी उठता है कि अगर सिर्फ सड़क बनाया जाना ही मसला है तो जब इस बिल्डिंग को बनाया जा रहा था, तब जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान क्यों नहीं दिया।

यह अकेली ऐसी बिल्डिंग नहीं
मेडिकल कॉलेज में 50 वार्डों की प्राइवेट रूम की बिल्डिंग 27 वर्षों से बंद है। अब इसकी सुध ली गई है और इसके 20 वार्ड शुरू कराए जा रहे हैं। बाकी के 30 वार्ड बाद में शुरू कराए जाएंगे। इसी तरह जिला अस्पताल में बने 10 प्राइवेट वार्डों की बिल्डिंग खंडहर होने के कगार पर है। लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। 

सड़क बने तो बात बने
इस ड्रग वेयरहाउस को मुख्य मार्ग से कनेक्ट करने वाली सड़क की हालत बहुत खराब है, जिसे इस वेयर हाउस के बंद होने का प्रमुख कारण माना जाता है। इस सड़क को बनवाने के लिए करीब चार लाख रुपये की डिमांड शासन को भेजी गई थी। लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिली। इसके लिए कई बार रिमाइंडर भी भेजे जा चुके हैं। सड़क बनाए जाने के बाद ही इसे फिर से शुरू कराया जा सकता है। क्योंकि बिना सड़क बने यहां दवाओं के ट्रक आने-जाने में दिक्कत होगी। -मंजू शर्मा, अपर निदेशक स्वास्थ्य 

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed