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सालों से नहीं ली सुध, बेहद खराब मिली तीन बेयरिंग की हालत

Wed, 13 Aug 2025 12:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ Updated Wed, 13 Aug 2025 12:09 AM IST
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No attention was paid for years, the condition of three bearings was found to be very bad
बिजनौर में जांच के दौरान बैराज के पुल के खराब मिले बेयरिंग। स्रोत विभाग
बिजनौर। पुलों में लगे बेयरिंग की मियाद गारंटी दस साल होती है। दस साल तक इन्हें देखने की जरूरत नहीं, मगर इसके बाद हर दो या तीन साल पर इनकी जांच जरूरी होती है। अब बिजनौर बैराज के पुल का स्लैब हिलने लगा तो बेयरिंग की सुध ली गई। देखने पर पता लगा कि तीन बेयरिंग खराब हो गए हैं, जिन्हें देखने से ही लग रहा है कि सालों से इसकी जांच नहीं की गई है।
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पिछले सात दिनों से बिजनौर बैराज का पुल यातायात के लिए पूरी तरह से बंद है। इसे बंद भी तब किया गया जब बाढ़ आने के बाद अधिकारी अचानक पुल पर पहुंचे तो एक ट्रक गुजरा। तब अधिकारियों ने देखा कि स्लैब सामान्य से ज्यादा हिल रहा है।
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इसके बाद तुरंत बाद ही यातायात रोक दिया गया था। इसके बाद डीएम ने अधिकारिक तौर पर यातायात बंद करने के निर्देश दिए। हालांकि उसी दिन नेशनल हाईवे के अधिकारियों ने केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान और आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से संपर्क साधा। तभी से ब्रिज एक्सपर्ट के आने का इंतजार किया जा रहा है।
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n बाढ़ या ओवरलोड से आई खराबी, होगी जांच : मंगलवार को एनएच की टीम ने नीचे उतरकर देखा तो तीन बेयरिंग जाम मिले, इनके दो पेडस्टल में दरार मिली। इसके बाद गर्डर को आपस में जोड़ने वाले आधार डायाफ्राम में भी दरार मिली है। यह भी माना जा रहा है कि ओवरलोड की वजह से भी डायाफ्राम में दरार आ सकती है। हालांकि यह भी साफ नहीं हुआ कि पहले बेयरिंग जाम हुए या डायाफ्राम या पेडस्टल में पहले दरार आई।

n गर्डर को आपस में जोड़ता है डायाफ्राम : पुल में डायाफ्राम कंक्रीट और सीमेंट से बना होता है। यह गार्डर के बीच हवा या भूकंप का प्रतिरोध करने और भार को वितरित करने के लिए लगाया जाता है। यह पुल के स्लैब को कठोरता प्रदान करता है, साथ ही वजन को गर्डर से बेयरिंग तक स्थानांतरित करने में मदद करता है।
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