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Meerut News: अवैध कब्जे की शिकायत पर नहीं हो रही कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। गांव कालंदी निवासी एक महिला ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और निजी रास्ते के अवरोध की शिकायत जिलाधिकारी से की। महिला ने आरोप लगाया कि गांव के मंदिर के पास स्थित श्मशान की भूमि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है, उस पर कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा जबरन कब्जा कर लिया गया है।
शिकायत में आदेश पत्नी प्रमोद ने बताया कि उसके निजी रास्ते को भी बंद कर दिया गया है। इससे उसे आवागमन में कठिनाई हो रही है। पीड़िता ने बताया कि वह पिछले सात वर्षों से अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। महिला ने दावा किया कि हल्का लेखपाल द्वारा की गई पैमाइश में रास्ता उसके पक्ष में पाया गया था, लेकिन इसके बावजूद अवैध कब्जा नहीं हटाया गया।
महिला का आरोप है कि कुछ स्थानीय दबावों के चलते रिपोर्ट पर कोई अमल नहीं हुआ और उसकी शिकायतों को अनदेखा कर दिया गया। इससे पीड़िता को न केवल मानसिक पीड़ा हो रही है, बल्कि उसका रोजमर्रा का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित राजस्व अधिकारियों को जांच सौंपी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।
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सरधना। गांव कालंदी निवासी एक महिला ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और निजी रास्ते के अवरोध की शिकायत जिलाधिकारी से की। महिला ने आरोप लगाया कि गांव के मंदिर के पास स्थित श्मशान की भूमि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है, उस पर कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा जबरन कब्जा कर लिया गया है।
शिकायत में आदेश पत्नी प्रमोद ने बताया कि उसके निजी रास्ते को भी बंद कर दिया गया है। इससे उसे आवागमन में कठिनाई हो रही है। पीड़िता ने बताया कि वह पिछले सात वर्षों से अधिकारियों के चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। महिला ने दावा किया कि हल्का लेखपाल द्वारा की गई पैमाइश में रास्ता उसके पक्ष में पाया गया था, लेकिन इसके बावजूद अवैध कब्जा नहीं हटाया गया।
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महिला का आरोप है कि कुछ स्थानीय दबावों के चलते रिपोर्ट पर कोई अमल नहीं हुआ और उसकी शिकायतों को अनदेखा कर दिया गया। इससे पीड़िता को न केवल मानसिक पीड़ा हो रही है, बल्कि उसका रोजमर्रा का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित राजस्व अधिकारियों को जांच सौंपी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।
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