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निगम को नहीं पता, 100 कर्मचारी कैसे हुए लापता
amarujala
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:45 AM IST
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- फोटो : amarujala
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नगर निगम में आउट सोर्सिंग पर 200 सफाई कर्मचारियों की भर्ती हवा हवाई साबित हो रही है। 200 में से 100 सफाई कर्मचारियों की सूची नगर स्वास्थ्य विभाग में नहीं है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी भी 100 सफाई कर्मचारियों की तैनाती से लेकर उनकी विभाग में फाइल से इनकार कर रहे हैं।
नगर निगम में आउट सोर्सिंग पर सफाई कर्मचारियों की भर्ती को लेकर आरोप प्रत्यारोप लगते रहे हैं। एक सप्ताह पहले मेरठ आए नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना के सामने भी भाजपा के कुछ नेताओं ने मामला रखा था। भाजपा के सूत्र बताते हैं कि नगर विकास मंत्री से भर्ती प्रक्रिया में कुछ भाजपा के पार्षदों की मिलीभगत की शिकायत की गई। यही कारण रहा कि भाजपा के पार्षदों की शिकायत पर नगर विकास मंत्री ने कोई संज्ञान नहीं लिया था। आउट सोर्सिंग सफाईकर्मी भर्ती प्रकरण से जुड़े पार्षदों की शिकायत पार्टी हाईकमान से भी की जा रही है। इसलिए सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया फंसती नजर आ रही है। जिन 100 सफाई कर्मचारियों की वार्डों में तैनाती की बात की जा रही है। उसकी फाइल या कोई पत्रावली नगर स्वास्थ्य विभाग में नहीं है। इस संबंध में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुंवरसेन का कहना है कि न तो विभाग में ऐसे कर्मचारियों की कोई पत्रावली है और न हमें यह पता है कि ये सफाई कर्मचारी कहां काम कर रहे हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया में शामिल रहे लोगों की पोल खुलती नजर आ रही है।
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नगर निगम में आउट सोर्सिंग पर सफाई कर्मचारियों की भर्ती को लेकर आरोप प्रत्यारोप लगते रहे हैं। एक सप्ताह पहले मेरठ आए नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना के सामने भी भाजपा के कुछ नेताओं ने मामला रखा था। भाजपा के सूत्र बताते हैं कि नगर विकास मंत्री से भर्ती प्रक्रिया में कुछ भाजपा के पार्षदों की मिलीभगत की शिकायत की गई। यही कारण रहा कि भाजपा के पार्षदों की शिकायत पर नगर विकास मंत्री ने कोई संज्ञान नहीं लिया था। आउट सोर्सिंग सफाईकर्मी भर्ती प्रकरण से जुड़े पार्षदों की शिकायत पार्टी हाईकमान से भी की जा रही है। इसलिए सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया फंसती नजर आ रही है। जिन 100 सफाई कर्मचारियों की वार्डों में तैनाती की बात की जा रही है। उसकी फाइल या कोई पत्रावली नगर स्वास्थ्य विभाग में नहीं है। इस संबंध में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुंवरसेन का कहना है कि न तो विभाग में ऐसे कर्मचारियों की कोई पत्रावली है और न हमें यह पता है कि ये सफाई कर्मचारी कहां काम कर रहे हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया में शामिल रहे लोगों की पोल खुलती नजर आ रही है।
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