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चालीस मिनट तक छावनी में तब्दील रहा पटेल नगर

Mon, 22 Nov 2021 02:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Nov 2021 02:09 AM IST
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network destroid of kabadi of sotiganj
गल्ला के बाद इकबाल, सोतीगंज के कबाड़ियों का नेटवर्क नेस्तनाबूद
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मेरठ। सोतीगंज में लूट और चोरी के वाहनों से करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति जुटाने वाले शातिर कबाड़ियों पर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। हाजी नईम गल्ला और इकबाल जैसे कबाड़ियों की करोड़ों की संपत्ति जब्त करने के बाद तो सोतीगंज में कबाड़ माफिया का तिलिस्म ही टूट चुका है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली सहित कई राज्यों तक फैले इनके नेटवर्क को पुलिस ने काफी हद तक कमजोर कर दिया है।
अन्य कबाड़ियों और परिवारों को भी आभास हो चुका है कि उनका नंबर भी जल्द आ सकता है। यही वजह रही कि रविवार को पटेल नगर में भी कबाड़ी हाजी इकबाल की संपत्ति कुर्क करने से पहले ही परिवार के लोगों ने दोनों कोठियों का ज्यादातर कीमती सामान समेट लिया था। करीब 40 मिनट तक पटेल नगर में पुलिस छावनी जैसा नजारा रहा।
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दरअसल, एक कोठी से जुड़ा कुर्की आदेश 15 नवंबर को मिला था, लेकिन तब कार्रवाई नहीं की गई। दूसरी कोठी का आदेश मिलने पर पुलिस ने यह काम पूरा किया। एएसपी कैंट सूरज राय ने अफसरों से संपर्क किया। हाजी इकबाल की दोनों कोठियों पर कम समय में कार्रवाई खत्म करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए दो टीमें बनाई गई। एक टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर लालकुर्ती तो दूसरी का इंस्पेक्टर सदर ने किया। फोरेंसिक टीम भी इस दौरान सक्रिय दिखी।
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वाहनों के अवैध कटान से बाइक मिस्त्री इकबाल बना करोड़पति
मेरठ। सोतीगंज के शातिर कबाड़ी हाजी इकबाल का नेटवर्क दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान जैसे राज्यों तक है। पुलिस का कहना है कि हाजी इकबाल के पिता मोहम्मद उमर मजदूर थे। इकबाल अपने सोतीगंज निवासी बहनोई के पास रहा और वहीं बाइक मिस्त्री का काम सीखा। धीरे-धीरे वह स्क्रैप का काम करने लगा। इसी दौरान उसकी ऐसे लोगों से मुलाकात हुई जो चोरी के वाहन खरीदने-बेचने का काम करते थे। उसने गिरोह तैयार किया और काम भी शुरु कर दिया। वर्ष 2009 तक उसकी माली हालत सुधरती चली गई। इसी दौरान इकबाल ने पटेलनगर में मकान संख्या 30ए खरीदा और आलीशान कोठी तैयार कर चर्चा में आ गया। वर्ष 2010 में उसने दिल्ली रोड रविंद्रपुरी में 161, 162ए और 162बी खरीदे और वहां बड़े गोदाम तैयार कर वाहन कटान का काम शुरु किया। 2015 तक वह अकूत संपत्ति का मालिक बन गया। उसने पटेलनगर में मकान संख्या 29 को दो करोड़ रुपये में खरीदा। दिखावे के लिए लोन भी लिया। खास बात यह थी कि कागजों में 1.5 करोड़ का यह मकान दिखाया गया था। संवाद
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कमरे की उखड़ी छत को लेकर होती रही चर्चा
कुर्की के समय एक कोटी में उखड़ी हुई छत को लेकर चर्चा होती रही। यह आशंका रही कि शायद कुछ सामान इस छत की सीलिंग में छिपाया गया हो, लेकिन वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
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पुलिस की कार्रवाई देखते रहे इकबाल के रिश्तेदार
- महिलाएं अपनी छतों पर चढ़कर पुलिस कार्रवाई देख रहीं थी तो भीड़ में हाजी इकबाल के कुछ रिश्तेदार वीडियो तक बनाते रहे, वहीं कुछ अन्य कबाड़ियों के साथ कुर्सियों पर बैठे रहे।
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कबाड़ियों में चर्चा, अब किसका नंबर आएगा
पहले हाजी नईम उर्फ गल्ला, उसके बाद कबाड़ी आदिल और अब हाजी इकबाल की संपत्ति कुर्क कर पुलिस-प्रशासन ने कबाड़ियों को लेकर अपने मंसूबे साफ कर दिए हैं। अगला कौन कबाड़ी निशाने पर होगा, इसे लेकर कबाड़ियों में खूब चर्चा रही। पुलिस की फेहरिस्त में गैंगस्टर में निरुद्ध कई कबाड़ी हैं। चुनाव से पहले ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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चोरी व लूट के वाहनों की खरीद फरोख्त से जुड़े कबाड़ियों को लेकर पुलिस सख्त है। जिन कबाड़ियों पर गैंगस्टर लगी है, उन सभी की संपत्ति का विवरण पुलिस जुटाने में लग गई है। अगला कबाड़ी कौन होगा, फिलहाल इस पर बोलना जल्दबाजी होगी। - सूरज राय, एएसपी कैंट
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