आयकर सर्च पूरी, जांच में खुलेंगे अहम राज, सराफ के 22 ठिकानों पर आयकर सर्च का मामला
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मेरठ में आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा खेमचंद पवन कुमार सराफ के 22 ठिकानों पर की गई सर्च शनिवार तड़के पांच बजे पूरी हो गई। इस दौरान 156 किलो सोना और 3.10 करोड़ रुपये कैश मिलने की चर्चा रही। किताबों में 88 लाख रुपये दिखाए गए थे।
सदर सराफा व्यापारी खेमचंद पवन कुमार सराफ प्राइवेट लिमिटेड के यहां दोनों विभागों द्वारा संयुक्त रूप से सर्च बृहस्पतिवार सुबह शुरू की गई थी। हालांकि बताया गया कि संपूर्ण प्रक्रिया शुक्रवार दोपहर 1:45 बजे ही समाप्त हो गई थी। लेकिन दस्तावेजों की लंबी सूची पर शहर के दो प्रतिष्ठित लोगों से हस्ताक्षर कराए गए।
संयुक्त व्यापार संघ के मंत्री अंकित गुप्ता और राजू राम ने साक्षी के रूप में हस्ताक्षर किए। मंत्री अंकित गुप्ता ने बताया कि सर्च शुरू होने से पूर्व उनसे एक पेज पर हस्ताक्षर कराए गए थे और उसके बाद शुक्रवार दोपहर आठ पेज की सूची पर हस्ताक्षर कराए गए।
सोमवार को देंगे आधिकारिक जानकारी
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार सर्च से संबंधित आधिकारिक जानकारी कानपुर के निदेशक राकेश गोयल और संयुक्त निदेशक विजय भारतीय सोमवार को दे सकते हैं। जांच में विभिन्न जिलों और प्रदेशों के अधिकारी शामिल रहे थे, जिनके द्वारा रिपोर्ट भेज दी गई है। अब संपूर्ण रिपोर्ट का एकीकरण कर मामले की जानकारी दी जा सकती है।
संपत्ति की जांच होगी, नौ लॉकर खुलेंगे
आयकर विभाग अब सराफ के संपत्ति संबंधित साक्ष्य भी जुटाएगा। इसके लिए विभाग ने खेमचंद पवन कुमार सराफ के यहां काम कर रहे कर्मचारियों के आधार कार्ड और पेन नंबर लिए हैं। विश्वसनीय कर्मचारियों के नाम से भी बड़ी संपत्ति खरीदने के अंदेशे से रजिस्ट्री कार्यालय से पेन नंबर के आधार पर संबंधित जानकारी जुटाई जा सकती हैं।
इसके अतिरिक्त विभिन्न बैंकों में सराफ के परिवार के नौ लॉकर बताए गए हैं। इन लॉकर से मिलने वाली संपत्ति को भी जोड़ा जाएगा। सोमवार या मंगलवार को परिवार के लोगों के सामने लॉकर खोले जाएंगे। बताया गया कि सर्च शुरू होने पर इन लॉकर को सील कर दिया गया था।
वित्तीय अनियमितताओं को लेकर था संशय: राहुल जैन
सदर सराफा खेमचंद पवन कुमार सराफ प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर राहुल जैन ने बताया कि आयकर विभाग की टीम ने रुटीन सर्च किया। मात्र 11 घंटे में सर्च पूरा हो गया था। आयकर विभाग को कुछ वित्तीय अनियमितताओं को लेकर संशय था। डायरेक्टर राहुल जैन ने कहा कि विभाग को सभी साक्ष्य और कागजात प्रस्तुत कर दिए गए हैं। कुछ अन्य बातों का जवाब भी दे दिया जाएगा।
राहुल जैन ने कहा कि हमारा प्रतिष्ठान 1950 से शहर में स्वर्ण कारोबार कर रहा है। सभी कार्य पक्के में किया जाता है। ईमानदारी से टैक्स देकर संपत्ति खरीदी गई हैं। आयकर विभाग के अधिकारियों ने हमारे प्रतिष्ठान में कोई तोड़फोड़ नहीं की है। अपनी कागजी कार्रवाई पूरी करने में 28 घंटे तक का समय लगा।