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Meerut News: नवाब गए पाकिस्तान, जिमखाना की अरबों की संपत्ति का मालिक कौन?

Thu, 05 Sep 2024 05:55 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 05 Sep 2024 05:55 AM IST
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Nawab went to Pakistan, who is the owner of Gymkhana's property worth billions?
मेरठ। जिमखाना मैदान से जुड़ी अरबों की संपत्ति का मालिक कौन है? इसको लेकर विवाद शुरू हो गया है। संपत्ति के मालिक नवाब साहब बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए। उन्होंने संपत्ति 100 साल के लिए मेरठ नगर पालिका को लीज पर दी थी। अब लीज समाप्त हो गई और दस लोगों ने संपत्ति पर अपनी दावेदारी ठोक दी है। नगर निगम भी संपत्ति को अपनी बता रहा है। ऐसे में प्रशासन ने असली मालिक तलाश शुरू कर दी है। बुधवार को अधिकारियों ने कलक्ट्रेट परिसर स्थित रिकॉर्ड रूम में 100 साल पुराने दस्तावेज खंगाले।
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अंग्रेजी हुकूमत में मेरठ के नवाब साहब को जिमखाना मैदान और उसकी संपत्ति दी थी, जिसमें शर्त थी कि जिमखाना मैदान की रखरखाव की जिम्मेदारी नवाब की थी और आसपास के लोग वहां पर सार्वजनिक कार्यक्रम करने के साथ-साथ सुबह-शाम घूमने आ सकते हैं। जिमखाना पार्क का मेंटीनेंस नहीं किया गया। मेरठ नगर पालिका ने 100 साल के लिए नवाब से जिमखाना मैदान को लीज पर ले लिया। सन 1947 में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे में नवाब परिवार सहित पाकिस्तान चले गए। 2024 में लीज का समय पूरा हो गया और निगम ने लीज की अवधि बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की। इस पर 10 लोगों ने आपत्ति लगाते हुए जिमखाना की संपत्ति पर अपना हक जता दिया। बताया गया कि पाकिस्तान में शिफ्ट होने से पहले नवाब साहब ने 1938 में जिमखाना की संपत्ति परिवर्तित कर दी, जिसमें उक्त दस लोगों का नाम दर्ज हो गया। बुढ़ाना गेट निवासी व्यापारी शरद ने अपने परिवार के लोगों व अन्य के नाम पर संपित्त होने का दावा किया है।
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इसे नगर निगम ने मानने से इन्कार कर दिया। नगर निगम अधिकारियों का दावा है कि जिमखाना की संपत्ति 100 साल से उनके पास लीज पर थी। सवाल उठाया कि संपत्ति परिवर्तित हुई है तो नगर पालिका को 100 साल की लीज कैसे मिल गई। इस बीच कोई विरोध या आपत्ति भी निगम में नहीं आई। जिमखाना किसका है, इसकी छानबीन जिला प्रशासन और नगर निगम करने में लग गया। बुधवार को निगम अधिकारियों ने कलक्ट्रेट में जिमखाना की संपत्ति का रिकॉर्ड खंगाला। निगम का दावा है कि संपत्ति परिवर्तित होने की सुबूत नहीं मिले तो हक जताने वालों की बात नकार दी जाएगी।
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जांच में मिली महत्वपूर्ण जानकारी
निगम अधिकारियों ने बताया कि यह अरबों रुपये की संपत्ति का मामला है। जिमखाना की संपत्ति में लेडीज पार्क, बच्चा पार्क और जिमखाना मैदान है। जिस पर निगम का 100 साल से कब्जा है। उक्त दस लोग इस संपत्ति पर अपना हक होने का दावा कर रहे हैं। निगम ने दस्तावेज खंगालने शुरू किए तो कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। जांच पड़ताल के बाद ही पता चलेगा कि आखिर इस अरबों रुपये की संपत्ति का असली हकदार कौन है।


वर्जन
बच्चा पार्क, लेडीज पार्क और जिमखाना मैदान को 100 साल पहले नगर पालिका ने लीज पर लिया था। लीज के दौरान संपत्ति परिवर्तित होने का दावा करते हुए दस लोग अपना हक जता रहे हैं, जिसका कोई पुख्ता प्रमाण निगम को नहीं दिया गया। कलक्ट्रेट परिसर स्थित रिकॉर्ड रूम में 100 साल पुराने दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है। - ममता मालवीय, अपर नगर आयुक्त
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