योगीराज में नौचंदी मेले में सपा की नहीं भाजपा की चलेगी, संजीव बालियान होंगे मुख्य अतिथि
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जिला पंचायत का वर्तमान बोर्ड शायद जिला पंचायत के इतिहास का सबसे चर्चित और विवादित बोर्ड रहेगा। हर दिन एक नया विवाद यहां सामने आ रहा है। अब नया मामला नौचंदी मेला उद्घाटन को लेकर सामने आया है। जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष ने पुरानी परंपरा को दरकिनार कर मेला उद्घाटन जनप्रतिनिधियों से कराने का कार्यक्रम तय कर दिया। इस पर ऐसा विवाद हुआ कि प्रशासनिक महकमा भी हिल गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान सपा नेता अतुल प्रधान की पत्नी हैं। जो समाजवादी पार्टी से हैं जबकि प्रदेश में इस समय भाजपा की सरकार आ चुकी है। लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष अभी भी कहीं न कहीं अपनी पार्टी को वरीयता देने की कोशिश में लगी रहती हैं। जिसके चलते जिला पंचायत के अधिकारी और कर्मचारी ही नहीं प्रशासनिक अधिकारी भी परेशान हैं।
नौचंदी मेला होली के दूसरे रविवार को शुरू होता है। इस बार भी उद्घाटन 26 मार्च को होना है। इस मेले का उद्घाटन आज तक मंडलायुक्त और समापन जिलाधिकारी करते रहे हैं और सभी मेला आयोजन समितियों ने इस परंपरा का निर्वहन किया है। लेकिन इस बार मेला उद्घाटन के लिए पहले जिला पंचायत अध्यक्ष की तरफ से जो कार्ड छपवाया गया, उसके मुख्य अतिथि सपा नेता और सांसद धर्मेंद्र यादव का नाम छपवाया गया। इस निमंत्रण पत्र को देख प्रशासनिक अधिकारियों के होश उड़ गये। एक तरफ पुरानी परंपरा टूटती नजर आयी, तो उससे बड़ा खतरा प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद सपा सांसद धर्मेंद्र यादव का नाम होना। जबकि मेरठ में स्थानीय भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री तक मौजूद हैं।
ऐसी स्थिति में तुरंत दबाव बनाकर इन छपे हुए कार्ड को निरस्त कराया गया और दूसरे निमंत्रण पत्र प्रकाशित कराए गए। इन निमंत्रण पत्रों पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. संजीव बालियान का नाम रखा गया। ताकि भाजपा खेमे की नाराजगी से प्रशासनिक अधिकारियों को दो चार न होना पड़े। ये दोनों कार्ड जिला पंचायत बोर्ड के साथ ही अधिकारियों के बीच भी चर्चा का विषय बने हैं।
कहां से होगा इस फिजुलखर्ची का भुगतान
इस मामले पर भाजपा जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह ने कहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष शायद भूल रही हैं कि वह इस समय जिस पद पर बैठी हैं, वह किसी पार्टी का नहीं है। ऐसे में उन्हें पार्टी प्रेम छोड़कर समझ लेना चाहिए कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है। वहीं, अध्यक्ष अब यह बताएं कि हजारों रुपये खर्च कर जो निमंत्रण पत्र पूर्व में प्रकाशित कराये हैं, उनका भुगतान किस मद से होगा। क्योंकि वह निमंत्रण पत्र निरस्त हो चुके हैं।