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यूपी: थर्ड डिग्री से हुई नरेंद्र गुर्जर की मौत, इंस्पेक्टर समेत तीन सस्पेंड

Fri, 27 Apr 2018 12:29 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Fri, 27 Apr 2018 12:29 PM IST
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Narendra was killed by third degree at meerut, three suspensions with inspector
नरेंद्र गुर्जर के आवास पर सांत्वना देने पहुंचे विधायक सोमेंद्र तोमर, अन्य - फोटो : अमर उजाला

मेरठ में नरेंद्र गुर्जर की मौत का मामला तूल पकड़ गया है। परिजनों का आरोप है कि नरेंद्र को जेल भेजने से पहले मवाना पुलिस ने थर्ड डिग्री दी थी। मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुर्जर समाज ने पुलिस ऑफिस से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए। इंस्पेक्टर मवाना पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग करते हुए एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपा। एसएसपी ने इंस्पेक्टर, दरोगा व एक सिपाही को सस्पेंड करते हुए एसपी देहात को जांच सौंप दी है।

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मवाना पुलिस ने गत शनिवार को दो गाय ले जाते हुए नरेंद्र गुर्जर (34) पुत्र मलखान निवासी डौरली, पल्लवपुरम और रोहित समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर गोवध अधिनियम के तहत जेल भेजा था। जबकि इन चारों लोगों का कहना था कि वह गाय खरीदकर पालने के लिए ले जा रहे हैं। लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। गंभीर धारा लगाकर पुलिस ने जेल भेजा था। जेल में बंद नरेंद्र की सोमवार को हालत बिगड़ गई थी। उसे मेडिकल अस्पताल ले जाया गया, जहां मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई थी। जिस पर मवाना तहसील में हंगामा हुआ था।
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पोस्टमार्टम हाउस पर लगी भीड़ 
नरेंद्र का पोस्टमार्टम कराने के लिए डॉक्टरों का पैनल बनाया गया। वीडियोग्राफी कराकर पोस्टमार्टम किया गया। नरेंद्र के परिजनों के साथ सैकड़ों लोगों की भीड़ पहुंच गई। पुलिस के खिलाफ लोगों ने नारेबाजी की। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत किया।
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पुलिस को किया अलर्ट

Narendra was killed by third degree at meerut, three suspensions with inspector
फाइल फोटो

नरेंद्र के शरीर पर चोटों के 12 निशान मिले हैं। लोगों ने इसकी वीडियो बनाई। एलआईयू समेत खुफिया विभाग भी अलर्ट हो गया है। एसएसपी ने पुलिस को निर्देश दिए कि अपने-अपने इलाके में अलर्ट रहें। जिला पंचायत सदस्य रोहताश पहलवान ने आरोप लगाया कि एक प्रधान के कहने पर यह खेल हुआ है। 

इंस्पेक्टर पर दर्ज हो हत्या का केस 
नरेंद्र की मौत को लेकर परिजनों और गुर्जर समाज के लोगों में तीखा आक्रोश है। बुधवार को नरेंद्र के भाई समेत सैकड़ों लोग एसएसपी ऑफिस पहुंचे। एसएसपी से इस मामले में इंस्पेक्टर मवाना के खिलाफ नरेंद्र की हत्या का मामला दर्ज कराने की मांग की। नहीं तो आंदोलन करने की चेतावनी दी। सवाल उठाया कि दोनों गायें दुधारू और जिंदा थीं। इसके बाद भी पुलिस ने गोवध अधिनियम के तहत मुकदमा किया है। इससे साफ है कि इंस्पेक्टर ने फर्जी मुकदमा किया है।

किसने नरेंद्र को पीटा 
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नरेंद्र को बर्बरता से पीटने का खुलासा हुआ है। उसके नाखून तक खींचे गए। गुप्तांग पर भी चोट मारी गई। शरीर पर चोटों के निशान देखकर परिजनों ने कहा कि नरेंद्र की हत्या की गई है। सवाल उठता कि आखिर नरेंद्र को किसने पीटा। इसको लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। लोगों ने चेतावनी दी कि पुलिस पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह आंदोलन करेंगे। वहींसवाल जेल प्रशासन पर भी उठ रहे हैं। जेल भेजने से पहले पुलिस आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराती है, उसके बाद ही वह कोर्ट में पेश होता है। सवाल उठता कि अगर पुलिस ने नरेंद्र को थर्ड डिग्री दी तो वह मेडिकल में रिपोर्ट में क्यों नहीं आई। नरेंद्र के परिजनों को शक है कि जेल में भी कुछ हो सकता है। पुलिस अफसरों ने बताया कि नरेंद्र की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच होगी, जिसमें मौत का कारण स्पष्ट होगा।

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पुलिस की भूमिका संदिग्ध

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एसएसपी मंजिल सैनी

एसएसपी मंजिल सैनी दहल ने कहा कि मवाना पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है। बिना जांच किए पुलिस ने चारों लोगों को कैसे जेल भेज दिया। इंस्पेक्टर मवाना बृजेश कुशवाहा, दरोगा धर्मेन्द्र श्योराम और सिपाही ओमकार को सस्पेंड कर एसपी देहात से जांच कराई जा रही है। उसके बाद आगे कार्रवाई होगी।

बीमार था नरेंद्र 
वरिष्ठ जेल अधीक्षक बीडी पांडे ने बताया कि नरेंद्र की तबीयत खराब थी। उसे पहले जेल परिसर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। फिर उसे  मेडिकल रैफर किया गया। जहां उसकी मौत हुई। डॉक्टरों ने उसे नशे का आदी होना बताया है। 


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