प्रधानमंत्री को दलितों की नहीं परवाह, बहन मायावती को लाना होगा: चंद्रशेखर
दलित संगठन भीम आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष चंद्रशेखर शनिवार को मुजफ्फरनगर जिले के गादला में हुए बवाल में मारे गए अमरीश और जेल गए उपकार बावरा के परिजनों से मिले। उन्होंने अमरेश के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा व सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग करते हुए एक दिसंबर को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने की घोषणा की। यहां उन्होंने मायावती को प्रधानमंत्री बनाए जाने की बात कही।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में दलित संगठनों द्वारा दो अप्रेल को आहूत भारत बंद के दौरान शहर क्षेत्र में हिंसा भड़क उठी थी। कई जगह पथराव व आगजनी के साथ ही गुस्साई भीड़ ने नई मंडी थाना भी फूंक दिया था। भीम आर्मी के संस्थापक अध्यक्ष चंद्रशेखर शनिवार को इस बवाल में मारे गए अमरेश के घर गांव गादला पहुंचे और उसके माता-पिता सुरेश व जलसो देवी को सांत्वना दी।
अमरेश के चित्र पर पुष्प अर्पित करने के बाद चंद्रशेखर ने कहा कि प्रधानमंत्री को दलितों की परवाह नहीं है। हमें बहन मायावती को प्रधानमंत्री बनाना होगा। उन्होंने कहा कि दो अप्रैल के दलित प्रदर्शन ने देश के लोगों को उनकी ताकत के बारे में बता दिया है, जो भी दलितों के अधिकारों को छीनने का प्रयास करेगा, उसे भीम आर्मी मुंहतोड़ जवाब देगी, जिसमें अब ओबीसी वर्ग का भी सहयोग मिलने लगा है।
उन्होंने अमरेश को कौमी शहीद का दर्जा देते हुए सरकार से पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री को धोखेबाज बताते हुए कहा कि अब मैं जेल से बाहर आ गया हूं और किसी को डरने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने बवाल में जेल में बंद भीम आर्मी जिलाध्यक्ष उपकार बावरा और अर्जुन सिंह के साथ ही शहीद उधमसिंह सेना के संस्थापक विकास मेडियन की रिहाई की मांग करते हुए इसके लिए एक दिसंबर को मुख्यालय पर प्रदर्शन करने की घोषणा की। चंद्रशेखर ने जनपद में भीम आर्मी-2 के गठन की जानकारी होने से भी इंकार किया।
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