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Meerut News: इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
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मेरठ। एसटीएफ मेरठ ने नोएडा के सेक्टर-63 के ए-ब्लाॅक में छापा मारकर इंश्योरेंस पॉलिसी में कम पैसों में नवीनीकरण कराने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का बृहस्पतिवार को भंडाफोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी जितेंद्र उर्फ जिगर अपने साथियों के साथ मिलकर शास्त्रीनगर में बेरोजगारों को ठगने के लिए कॉल सेंटर भी चलाता था। अनुज अभी फरार है।
एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह के मुताबिक, करीब दो साल पूर्व इस गैंग ने गौतमबुद्धनगर में फर्जी कॉल सेंटर खोला था। बेरोजगार युवक और युवतियों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी होती थी। इसी गिरोह ने शास्त्रीनगर में भी कॉल सेंटर खोला हुआ था। एसटीएफ ने करीब एक माह पूर्व छापा मारकर तीन लोगों को पकड़ा था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि गाजियाबाद निवासी जितेंद्र उर्फ जिगर गौतमबुद्धनगर की एक कंपनी में काम करता है। कंपनी में नौकरी का आवेदन करने वालों का डाटा जितेंद्र ही फर्जी कॉल सेंटर वालों को देता था।
बृहस्पतिवार को मेरठ एसटीएफ ने नोएडा के सेक्टर-63 ए-ब्लाॅक में छापा मारा, जहां पर कॉल सेंटर का बोर्ड लगा था। एसटीएफ ने जांच की। जिसमें ग्लोबल डाटा आर्ट्स से डाटा लेकर फर्जी आईडी की सिम से कॉल करके इंश्योरेंस पालिसी को कम रुपये में नवीनीकरण कराने का लालच देकर फर्जी बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे।
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एसटीएफ ने सेक्टर-63 ए-ब्लाॅक की बिल्डिंग नंबर ए-146 की दूसरी मंजिल से जितेंद्र उर्फ जिगर, लोहारपुर गाजियाबाद निवासी इमरान, खत्रीवाड़ा सिकंदराबाद बुलंदशहर निवासी रोहित सैनी को गिरफ्तार किया है। फर्जी कॉल सेंटर के ऑफिस पर एसटीएफ ने लैपटॉप, कंप्यूटर, रजिस्टर बरामद किए।
गैंग का सरगना गौरव यादव
इस गिरोह का सरगना गौरव यादव बताया गया है। उसी के नाम से यह काॅल सेंटर चल रहा था। आरोपियों ने छह महीने पहले ही यह ठगी का काम शुरू किया था। यह गिरोह ग्लोबल डाटा आर्टस कम्पनी से डाटा लेते हैं, जो ग्लोबल डाटा आर्टस कंपनी की मेल आईडी से गौरव यादव की मेल आईडी पर मिलता है। उक्त डाटा प्राप्त फोन नम्बरों पर फर्जी आईडी के सिम से काल कर जिनकी पालिसी खत्म हो गयी है और ज्यादा किश्त बकाया है, बकाया किश्त से कम रूपये में पालिसी नवीनीकरण कराने का लालच देकर दोबारा शुरू कराने के लिए वह अपने फर्जी बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कराकर ठगी का काम करते हैं तथा फर्जी अकाउंट के एटीएम द्वारा पैसे निकालकर कुछ प्रतिशत अपने पास रखकर बाकी गौरव यादव को देते हैं।
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एएसपी एसटीएफ बृजेश सिंह के मुताबिक, करीब दो साल पूर्व इस गैंग ने गौतमबुद्धनगर में फर्जी कॉल सेंटर खोला था। बेरोजगार युवक और युवतियों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी होती थी। इसी गिरोह ने शास्त्रीनगर में भी कॉल सेंटर खोला हुआ था। एसटीएफ ने करीब एक माह पूर्व छापा मारकर तीन लोगों को पकड़ा था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि गाजियाबाद निवासी जितेंद्र उर्फ जिगर गौतमबुद्धनगर की एक कंपनी में काम करता है। कंपनी में नौकरी का आवेदन करने वालों का डाटा जितेंद्र ही फर्जी कॉल सेंटर वालों को देता था।
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बृहस्पतिवार को मेरठ एसटीएफ ने नोएडा के सेक्टर-63 ए-ब्लाॅक में छापा मारा, जहां पर कॉल सेंटर का बोर्ड लगा था। एसटीएफ ने जांच की। जिसमें ग्लोबल डाटा आर्ट्स से डाटा लेकर फर्जी आईडी की सिम से कॉल करके इंश्योरेंस पालिसी को कम रुपये में नवीनीकरण कराने का लालच देकर फर्जी बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे।
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एसटीएफ ने सेक्टर-63 ए-ब्लाॅक की बिल्डिंग नंबर ए-146 की दूसरी मंजिल से जितेंद्र उर्फ जिगर, लोहारपुर गाजियाबाद निवासी इमरान, खत्रीवाड़ा सिकंदराबाद बुलंदशहर निवासी रोहित सैनी को गिरफ्तार किया है। फर्जी कॉल सेंटर के ऑफिस पर एसटीएफ ने लैपटॉप, कंप्यूटर, रजिस्टर बरामद किए।
गैंग का सरगना गौरव यादव
इस गिरोह का सरगना गौरव यादव बताया गया है। उसी के नाम से यह काॅल सेंटर चल रहा था। आरोपियों ने छह महीने पहले ही यह ठगी का काम शुरू किया था। यह गिरोह ग्लोबल डाटा आर्टस कम्पनी से डाटा लेते हैं, जो ग्लोबल डाटा आर्टस कंपनी की मेल आईडी से गौरव यादव की मेल आईडी पर मिलता है। उक्त डाटा प्राप्त फोन नम्बरों पर फर्जी आईडी के सिम से काल कर जिनकी पालिसी खत्म हो गयी है और ज्यादा किश्त बकाया है, बकाया किश्त से कम रूपये में पालिसी नवीनीकरण कराने का लालच देकर दोबारा शुरू कराने के लिए वह अपने फर्जी बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कराकर ठगी का काम करते हैं तथा फर्जी अकाउंट के एटीएम द्वारा पैसे निकालकर कुछ प्रतिशत अपने पास रखकर बाकी गौरव यादव को देते हैं।