Meerut: फर्जी IPS बन रौब गालिब करने वाली जोया खान के घर से मिली लाल-नीली बत्ती, सामने आए नए कारनामे
पांच साल पहले फर्जी आईएफएस अधिकारी बनकर रौब गालिब करके सुर्खियों में आई जोया खान के अब नए कारनामे सामने आए हैं। अब वह फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर ठगी कर रही थी। गुरुग्राम एसटीएफ की टीम उसे लेकर मेरठ पहुंची। पूछताछ के बाद वापस ले गई।
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पांच साल पहले फर्जी आईएफएस (इंडियन फोरेन सर्विस) अधिकारी बनकर रौब गालिब करके सुर्खियों में आई जोया खान के अब नए कारनामे सामने आए हैं। अब वह फर्जी आईपीएस (इंडियन पोलिस सर्विस) अधिकारी बनकर गुरुग्राम में रौब गालिब कर ठगी कर रही थीं।
जोया खान को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार देर रात गुरुग्राम एसटीएफ की टीम उसे यहां लेकर पहुंची। टीम ने सदर बाजार थाने में आमद दर्ज कराने के बाद जोया के वेस्ट एंड रोड पर तिवारी कैंपस स्थित आवास पर छापा मारा। यहां से आईपीएस और आईएफएस अधिकारी की वर्दी और बैज के साथ ही आईकार्ड, कई दस्तावेज जब्त करने के साथ ही लाल एवं नीली बत्ती भी बरामद की गई। इसके बाद टीम जोया को लेकर गुरुग्राम के लिए रवाना हो गई।
सदर बाजार पुलिस के मुताबिक गुरुग्राम में जोया को दो दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। वह फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर घूम रही थी। वहां पर अधिकारियों पर रौब गालिब कर रही थी। उसने वहां वीआईपी सुविधाएं भी ले रखी थीं। अधिकारियों को शक होने के बाद उसे पकड़ लिया गया था। यहां उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया। टीम ने नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ से भी उसके बारे में कुछ जानकारियां जुटाई हैं। इंस्पेक्टर सदर बाजार देव सिंह रावत ने बताया कि पहले भी जोया ऐसे फर्जीवाड़े में जेल जा चुकी है।
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प्रधानमंत्री की रैली में फर्जी अधिकारी बनकर घूमी थी
28 मार्च 2019 को मेरठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में भी वह एस्कार्ट लेकर फर्जी अधिकारी बनकर घूम रही थी। यहां पर तो वह पकड़ी नहीं जा सकी, लेकिन बाद में उसे पकड़ा गया था। इसके बाद भी उसने ऐसे कारनामे बंद नहीं किए।
कई जिलों में पुलिस अधिकारियों पर रौब गालिब किया, वीआईपी सुविधाएं लीं
जोया आईएफएस और आईपीएस जैसे फर्जी अधिकारी बनकर कई जिलों के पुलिस अधिकारियों पर रौब गालिब करती रही। वह ऐसे अंदाज में पुलिस अफसरों-कर्मचारियों से पेश आती थी कि वे उसे सेल्यूट करते थे।
जोया के इसी अंदाज के कारण मेरठ के अलावा नोएडा, गाजियाबाद, सहारनपुर सहित अन्य जिलों में भी उसे अक्सर वीआईपी सुविधाएं मिलीं। जोया अक्सर लग्जरी गाड़ी से सफर करती है। वर्ष 2019 में तो सरकारी गनर और एस्कॉर्ट भी उसके साथ चलते थे। पुलिस के मुताबिक जोया खान ने स्नातक के बाद वर्ष 2007 में पीसीएस की परीक्षा दी थी, लेकिन सफलता नहीं मिली।
आवाज बदलकर भी करती थी बात
पुलिस के मुताबिक जोया अक्सर आवाज बदलकर और मोबाइल स्क्रीन पर सीयूजी नंबर दर्शाकर अधिकारियों से बात करती थी। नोएडा के तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण पर भी जोया भड़क गई थी, लेकिन जिस तरह वह पेश आई, उससे शक बढ़ गया। इसके बाद से ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी और इस कड़ी में नोएडा पुलिस भी जोया खान के फ्लैट पर पहुंची थी।