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Meerut News: बदलेगी सूरत, संजय वन बनेगा पर्यटन स्थल
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मेरठ। दिल्ली रोड पर 12 एकड़ में फैले संजय वन के दिन अब बहुरने वाले हैं। मिनी चिड़िया घर के प्रस्ताव को रद्द होने के कारण यहां पर्यटन स्थल बनाने की तैयारी है। रैपिड़ रेल स्टेशन के नजदीक और सड़क के किनारे स्थित होने के कारण यहां पार्क, कैफेटेरिया, साइकिल ट्रैक, बोटिंग समेत कई सुविधाएं लोगों को देने की तैयारी की जा रही है। वन विभाग की ओर से एक सप्ताह में इसका प्रस्ताव बनाकर ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेन्द्र तोमर व जिलाधिकारी दीपक मीणा के माध्यम से शासन को भिजवाया जाएगा।
संजय वन में सौ से अधिक प्रजाति के पक्षी हैं। पेड़-पौधों की सैकड़ों प्रजातियों हैं। स्मृति वन के साथ नक्षत्र वाटिका स्थापित है। एक वॉकिंग ट्रैक है जो वर्तमान में खस्ताहाल में है। 65 फीट ऊंचा मेरठ दर्शन स्तंभ (वॉच टावर) भी कारगिल शहीद मनोज तलवार को समर्पित है। दो वर्ष पूर्व वन विभाग की ओर से यहां मिनी चिड़ियाघर बनाने की तैयारी की गई थी। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन बीते वर्ष इस प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया।
इनका होगा निर्माण
वन विभाग की ओर से यहां एक और वॉकिंग ट्रैक, साइकिल ट्रैक, प्राकृतिक पगडंडी, कैफेटेरिया, दो पार्क, एक तालाब जिसमें बोटिंग की व्यवस्था होगी, वॉच टावर को भी आधुनिक तरीके से तैयार किया जाएगा। दिल्ली रोड और रैपिड रेल स्टेशन के नजदीक होने के कारण यहां लोगों का अधिक आना जाना रहेगा। इसे लेकर विभाग की ओर से यह योजना तैयार की गई है।
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पहले भी था यहां चिड़ियाघर
वन अफसरों के मुताबिक संजय वन भी पहले चिड़ियाघर हुआ करता था। यहां 1992 तक चिड़ियाघर था। उसमें सैकड़ों प्रकार के पक्षी, हिरन, खरगोश, लोमड़ी, मगरमच्छ आदि वन्य जीव इसमें थे। यहां पर्यटन स्थल बनने के बाद संजय वन केवल नाम के लिए ही वन रह जाएगा। यहां कोई भी वन्य जीव नहीं होगा। उन्हें हस्तिनापुर में बनाए जा रहे रेस्क्यू सेंटर में ही रखा जा सकेगा।
वर्जन
पर्यटन विभाग के साथ मिलकर योजना बनाई जा रही है। एक सप्ताह में प्रस्ताव तैयार हो जाएगा। इसके बाद इसे शासन को भिजवाया जाएगा। - राजेश कुमार, डीएफओ
मुख्यमंत्री के सामने रखा गया प्रस्ताव
संजय वन का प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। बीते माह इनर रिंग रोड, संजय वन, कताई मिल, मलियाना का ड्रेनेज सिस्टम समेत कई मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता हुई थी। जल्द ही सभी पर कार्य शुरू होगा। - डॉ. सोमेन्द्र तोमर, ऊर्जा राज्यमंत्री
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संजय वन में सौ से अधिक प्रजाति के पक्षी हैं। पेड़-पौधों की सैकड़ों प्रजातियों हैं। स्मृति वन के साथ नक्षत्र वाटिका स्थापित है। एक वॉकिंग ट्रैक है जो वर्तमान में खस्ताहाल में है। 65 फीट ऊंचा मेरठ दर्शन स्तंभ (वॉच टावर) भी कारगिल शहीद मनोज तलवार को समर्पित है। दो वर्ष पूर्व वन विभाग की ओर से यहां मिनी चिड़ियाघर बनाने की तैयारी की गई थी। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन बीते वर्ष इस प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया।
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इनका होगा निर्माण
वन विभाग की ओर से यहां एक और वॉकिंग ट्रैक, साइकिल ट्रैक, प्राकृतिक पगडंडी, कैफेटेरिया, दो पार्क, एक तालाब जिसमें बोटिंग की व्यवस्था होगी, वॉच टावर को भी आधुनिक तरीके से तैयार किया जाएगा। दिल्ली रोड और रैपिड रेल स्टेशन के नजदीक होने के कारण यहां लोगों का अधिक आना जाना रहेगा। इसे लेकर विभाग की ओर से यह योजना तैयार की गई है।
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पहले भी था यहां चिड़ियाघर
वन अफसरों के मुताबिक संजय वन भी पहले चिड़ियाघर हुआ करता था। यहां 1992 तक चिड़ियाघर था। उसमें सैकड़ों प्रकार के पक्षी, हिरन, खरगोश, लोमड़ी, मगरमच्छ आदि वन्य जीव इसमें थे। यहां पर्यटन स्थल बनने के बाद संजय वन केवल नाम के लिए ही वन रह जाएगा। यहां कोई भी वन्य जीव नहीं होगा। उन्हें हस्तिनापुर में बनाए जा रहे रेस्क्यू सेंटर में ही रखा जा सकेगा।
वर्जन
पर्यटन विभाग के साथ मिलकर योजना बनाई जा रही है। एक सप्ताह में प्रस्ताव तैयार हो जाएगा। इसके बाद इसे शासन को भिजवाया जाएगा। - राजेश कुमार, डीएफओ
मुख्यमंत्री के सामने रखा गया प्रस्ताव
संजय वन का प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। बीते माह इनर रिंग रोड, संजय वन, कताई मिल, मलियाना का ड्रेनेज सिस्टम समेत कई मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता हुई थी। जल्द ही सभी पर कार्य शुरू होगा। - डॉ. सोमेन्द्र तोमर, ऊर्जा राज्यमंत्री