फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Muzaffarnagar riots Leaders giving provocative speeches will now be heard in Allahabad High Court

मुजफ्फरनगर दंगा: भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं पर अब हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

Tue, 25 Sep 2018 10:18 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Tue, 25 Sep 2018 10:18 PM IST
विज्ञापन
Muzaffarnagar riots Leaders giving provocative speeches will now be heard in Allahabad High Court
फाइल फोटो

पांच साल पहले हुए मुजफ्फरनगर दंगे से जुड़े दस मुकदमों की सुनवाई अब हाईकोर्ट इलाहाबाद में जनप्रतिनिधियों के लिए गठित विशेष बेंच करेंगी। दंगे के दौरान भड़काऊ भाषण और बगैर प्रशासन की अनुमति के जनसभा के आरोपी सांसदों, विधायकों और हिंदू एवं मुस्लिम संगठनों के तमाम नेताओं के विरुद्ध ये मुकदमे अभी तक स्थानीय अदालतों में लंबित थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दंगे के दस मामलों सहित कुल 35 जनप्रतिनिधियों से संबंधित मुकदमे उच्च न्यायालय की विशेष बेंच में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। 

विज्ञापन


बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 11 प्रदेशों में जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट में विशेष बेंच गठित की गई है। इसी के तहत कवाल कांड के बाद सात सितंबर 2013 को मुजफ्फरनगर और शामली में भड़के दंगे के दस मामलों समेत 35 मुकदमों की सुनवाई अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनप्रतिनिधियों के लिए गठित विशेष बेंच में होगी। ये सभी वाद जनप्रतिनिधियों से जुड़े हैं। जानसठ कोतवाली के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन, गौरव और शाहनवाज की हत्या हुई थी। तिहरे हत्याकांड के बाद जिले में तनाव व्याप्त हो गया था। हिंदू और मुस्लिम संगठन उग्र हो गए थे।

विज्ञापन

इस घटना के विरोध में 29 अगस्त को खालापार में जुमे की नमाज के बाद मुस्लिमों ने तत्कालीन डीएम कौशलराज शर्मा और एसएसपी एससी दूबे को ज्ञापन दिया था। प्रतिक्रिया में हिंदू संगठनों ने सिखेड़ा थाना क्षेत्र के नंगलामंदौड़ में 31 अगस्त और 7 सितंबर 2013 को बड़ी पंचायतें की थी। इन्हीं सभा और पंचायतों में माहौल खराब करने और भड़काऊ भाषण देने के मामलों में भाजपा एवं मुस्लिम नेताओं को आरोपी बनाया गया था। पांच साल से ये सभी मुकदमे विभिन्न अदालतों में चल रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दंगे से जुड़े 10 मुकदमों समेत कुल 35 वादों की पत्रावली विशेष वाहक से सोमवार को उच्च न्यायालय इलाहाबाद भेज दी गई है। अब जनप्रतिनिधियों से जुड़े सभी मुकदमों की सुनवाई वहीं होगी। 

दंगों के मामलों में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ संजीव बालियान, बिजनौर सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह, गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा, सरधना विधायक संगीत सोम, बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक, खतौली विधायक विक्रम सैनी, विहिप नेता साध्वी प्राची आदि मुख्य रूप से आरोपी हैं। अन्य मामलों में पूर्व सांसद सईदुज्जमां, कादिर राना, पूर्व विधायक नूरसलीम राना, जमील अहमद, अशोक कंसल, विधायक कपिल देव आदि शामिल हैं। बताते चले कि केंद्र सरकार ने 11 सितंबर को उच्चतम न्यायालय को जानकारी दी कि प्रदेश समेत देश के 11 राज्यों में जनप्रतिनिधियों से जुड़े मुकदमों की सुनवाई के लिए 12 विशेष अदालतें गठित करने की अधिसूचना जारी की है। उसी कार्रवाई के संदर्भ में इलाहाबाद हाईकोर्ट में बनाई गई विशेष अदालत में मुजफ्फरनगर के दंगशें दस वादों समेत 35 मुकदमों की सुनवाई शुरु होगी।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed