केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बोले- समुद्र में फेंकनी पड़ेगी चीनी, जानें क्या है बड़ी वजह
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केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में चीनी, गेहूं और चावल का आवश्यकता से बहुत अधिक स्टॉक है। चीनी का उत्पादन जिस तरह लगातार बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मूल्य घट रहा है, ऐसे हालात में चीनी को समुद्र में फेंकना पड़ेगा। गन्ने के रस से एथनॉल बनाकर ही किसान और सरकार दोनों की समस्या का निदान हो सकता है। इससे प्रदेश में 25 युवा किसानों को रोजगार भी मिलेगा।
जीआईसी मैदान में रैली में नितिन गडकरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी के दाम 20 रुपये किलो हैं। केंद्र सरकार की नीति के चलते देश में चीनी के दामों को रोककर रखा गया है। किसानों को जो भुगतान किया जा रहा है, उसे देखते हुए 34 रुपये किलो चीनी बिके तब मिल को लाभ होगा। हमें ब्राजील की तरह तकनीक अपनानी होगी और एथनॉल बनाकर ही इस समस्या का समाधान करना होगा।
गडकरी ने कहा कि वह एक गन्ना किसान होने के साथ चीनी मिलों के मालिक भी हैं। जिस तरह लगातार चीनी का उत्पादन बढ़ रहा है, यदि समय रहते नहीं चेता गया तो चीनी को समुद्र में फेंकना पडे़गा। वहीं, गडकरी ने प्रदेश के गन्ना राज्य मंत्री सुरेश राणा से कहा कि वह उनसे आकर मिल सकते हैं और पूरी तकनीक को समझ सकते हैं।
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