अदालत के फैसले पर हत्यारों के परिजनों का जबरदस्त हंगामा, लगाए मुर्दाबाद के नारे
कवाल कांड में अदालत ने शुक्रवार को सभी सात आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी। साथ ही हत्यारों पर दो-दो लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। वहीं कोर्ट के फैसले के बाद हत्यारों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इसके अलावा पुलिस प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। यहां एकत्र भीड़ ने शहनवाज के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांगी की है।
वहीं सीओ सिटी हरीश भदौरिया ने दो दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर भीड़ को शांत किया। बता दें कि सभी सात आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल भेज दिया गया है।
जानिए क्या था पूरा मामला
27 अगस्त, 2013 को जानसठ कोतवाली क्षेत्र के कवाल गांव में मलिकपुरा के गौरव और उसके ममेरे भाई सचिन की हत्या कर दी गई थी। इस घटना में कवाल के शाहनवाज की भी मौत हुई थी।
जिसके बाद महापंचायत के दौरान दंगा भड़क गया था। पांच साल की न्यायिक प्रक्रिया के बाद कोर्ट ने सात आरोपियों को इस मामले में दोषी करार दिया। पुलिस प्रशासन ने फैसले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए थे।
कवाल की बहुचर्चित घटना के बाद मुजफ्फरनगर और शामली में दंगा भड़क गया था। पांच साल चली केस की सुनवाई के बाद एडीजे कोर्ट संख्या-7 के न्यायाधीश हिमांशु भटनागर ने बुधवार को सभी सात आरोपियों को दोहरे हत्याकांड में दोषी करार दिया था। गौरव के पिता रविंद्र सिंह ने जानसठ कोतवाली में घटना के दिन मुकदमा दर्ज कराया था।
केस के मुल्जिमों मुजस्सिम और उसके भाई मुजम्मिल, फुरकान, मृतक शाहनवाज के सगे भाई जहांगीर व नदीम, अफजाल और उसके भाई इकबाल को कोर्ट ने बलवे की धारा 147, 148, 149, हत्या की धारा 302, धमकी देने की धारा 506 में सजा का हकदार माना था।
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