पुलवामा अटैक पर विवादित पोस्ट डालने वाले अफसर सस्पेंड, ऐसी हुई कार्रवाई
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पुलवामा आतंकी हमले पर विवादित टिप्पणी में अशिष्ट भाषा के दोषी पाए गए जिले के बीएसए दिनेश कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया है। पीईएस एसोसिएशन के ग्रुप पर उन्होंने यह पोस्ट कर दी थी कि जवानों पर अटैक कराया गया है, हुआ नहीं है। मामले के खुलासे के बाद बवाल खड़ा हो गया था। बीएसए प्रकरण मामले में डीएम द्वारा शासन को भेजी गई जांच रिपोर्ट में दोषी पाए गए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार यादव पर गाज गिर गई है।
जम्मू-कश्मीर में आतंकी के आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 42 जवानों ने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। शहीदों के बलिदान से पूरा देश मर्माहत था। घटना को लेकर पीईएस एसोसिएशन के ग्रुप पर शहीद जवानों के लिए एक दिन का वेतन देने के संदर्भ में शिक्षा अधिकारियों की चर्चा हो रही थी, इसी बीच बीएसए ने अपनी पोस्ट की। बीएसए ने लिखा, आप जैसे लोग रूम के अंदर रहकर बोलते हैं, हिम्मत है तो गलत को गलत बोलकर दिखाएं। व्हाट्सएप पर उपदेश सबको अच्छा लगता है, दम हो तो बाहर निकलो। जवानों पर अटैक कराया गया है, हुआ नहीं है। बीएसए की यह कथित टिप्पणी उनके गले की फांस बन गई। मामला उजागर होने के बाद हिंदू संगठनों ने 18 फरवरी को सरकुलर रोड स्थित बीएसए दफ्तर पर तोड़फोड़ और हंगामा कर दिया था।
भाजपा विधायक कपिलदेव अग्रवाल ने बीएसए प्रकरण की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित से की थी। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी तथा बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव डॉ प्रभात कुमार ने प्रशासन से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी थी। बवाल बढ़ता देख डीएम डॉ अजय शंकर पांडेय ने एडीएम प्रशासन अमित सिंह को प्रकरण की जांच सौंप दी। जांच में बीएसए ने खुद स्वीकार किया कि पोस्ट उनके द्वारा ही की गई है। जांच समिति ने बीएसए को अशिष्ट भाषा का दोषी माना और डीएम को रिपोर्ट दी। शासन को भेजी गई रिपोर्ट पर बीएसए दिनेश कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा अनुभाग एक के विशेष सचिव आनंद कुमार सिंह ने बीएसए मुजफ्फरनगर के निलंबन के आदेश जारी किए हैं।
विवादित टिप्पणी को माना गया गंभीर कृत्य
जांच में बीएसए की एक ओर अभद्र टिप्पणी सामने आई है। पीईएस एसोसिएशन के ग्रुप पर उनकी प्रथम विवादित टिप्पणी प्रात: 8.10 बजे की है, जबकि दूसरी टिप्पणी 8.56 पर की गई है। बीएसए दिनेश यादव ने जिसमें लिखा है कि अभी लिख देंगे तो बहुत से उपदेश देने वाले ग्रुप छोड़कर भाग जाएंगे। शासन ने इसे बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी माना है। सरकारी अधिकारी होते हुए उन्होंने अपने शब्दों और भाव पर नियंत्रण नहीं रखा। उक्त टिप्पणी कर्मचारी आचरण नियमावली स्पष्टतया उल्लंघन है। यह गंभीर कृत्य है।
लखनऊ निदेशालय में अटैच किए गए बीएसए
बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव के आदेशानुसार निलंबित बीएसए दिनेश यादव को शिक्षा निदेशक बेसिक निशातगंज, लखनऊ कार्यालय से संबंद्ध कर दिया गया है। उनके खिलाफ अनुशासनिक जांच के लिए लखनऊ मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
बीएसए की तल्खी से विभाग में थी नाराजगी
जून में जिले के बीएसए बने दिनेश यादव के अक्खड़ स्वभाव और तल्ख बातों को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग में अंदरूनी नाराजगी थी। अंतर जनपदीय तबादले के अंतर्गत 119 अध्यापक जिले में आए, जिन्हें शिक्षक विहीन प्राइमरी और जूनियर हाई स्कूलों में तैनाती दी गई। दूरस्थ गांव में अध्यापिकाओं को लगाए जाने के मामले में उन्होंने किसी की नहीं सुनी। मृतक आश्रित पदों पर नियुक्ति को लेकर उन पर आरोप लगे। कई कर्मचारियों को उन्होंने काम ही आवंटित नहीं किया। कार्यों के प्रति उदासीनता को लेकर उनके खिलाफ तत्कालीन डीएम राजीव शर्मा ने शासन को लिखा था।
भाजपा नेता ने सीएम के पोर्टल पर भी शिकायत भेजी थी
बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश यादव द्वारा व्हाट्सएप पर पुलवामा आतंकी हमले के संबंध में अभद्र टिप्पणी करने के मामले में शासन की ओर से उनको निलंबित कर दिया है। भाजपा युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अनुज सहरावत ने भी बीएसए की प्रदेश के मुख्यमंत्री को विभागीय कार्रवाई करने के लिए पोर्टल पर शिकायत की थी। इसके अलावा 19 फरवरी को भाजपा नेता ने बीएसए के विरुद्ध देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने को तहरीर दी थी।
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