भीम आर्मी जिलाध्यक्ष के भाई का मर्डर नहीं, ऐसे हुई थी मौत
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सहारनपुर में भीम आर्मी जिलाध्यक्ष कमल वालिया के भाई सचिन वालिया की मौत तमंचा चेक करते समय चली गोली से हुई थी। पुलिस ने मंगलवार को एक आरोपी को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त तमंचा और खोखा बरामद कर लिया।
रामनगर में नौ मई को सचिन वालिया की गोली लगने से मौत हो गई थी। भीम आर्मी ने राजपूत समाज के लोगों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था। इस मामले में चार युवकों को नामजद कराया गया था। करीब 24 घंटे बाद कड़ी सुरक्षा में सचिन वालिया का अंतिम संस्कार हो पाया था। हालांकि पुलिस ने पहले दिन रामनगर में सड़क पर खून की बूंदे और बाद में गली को धोने की वीडियो के आधार पर हत्या की बात को खारिज कर दिया था। पुलिस ने मुरादाबाद से फोरेंसिक टीम बुलाकर रामनगर में एक मकान से साक्ष्य इकट्ठा किया था। पुलिस उप महानिरीक्षक शरद सचान ने एक सप्ताह बाद मंगलवार को सचिन वालिया के मौत के मामले से पर्दा उठा दिया है। उन्होंने बताया कि साक्ष्यों के संकलन के आधार पर रामनगर निवासी प्रवीण उर्फ मांडा को गिरफ्तार किया गया है।
पूछताछ में आरोपी प्रवीण ने बताया कि नौ मई को वह रामनगर में अपनी दुकान पर मौजूद था। उसी समय सचिन वालिया ने फोन करके निहाल के घर बुलाया। जब वह निहाल के घर पहुंचा तो वहां पर सचिन के अलावा गुल्लू निवासी गलीरा, राहुल निवासी कोरी माजरा, शिवम निवासी नया गांव, नितिन, चैंकी तथा निहाल निवासी रामनगर मौजूद थे। वहां पर एक तमंचा रखा हुआ था। निहाल के मकान में पहुंचने के बाद तमंचे को सभी चेक करने लगे। जब वह तमंचा चेक कर रहा था, उसे यह नहीं पता था कि तमंचे में कारतूस फंसा हुआ है। अचानक चेक करते समय उससे तमंचे का ट्रिगर दब गया और गोली चल गई, जो सीधी सचिन वालिया के मुंह पर लगी। तमंचे को निहाल के घर पर ही छोड़कर वह सचिन वालिया को कार में लेकर तुरंत अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने सचिन को मृत घोषित कर दिया। डीआईजी शरद सचान ने बताया कि पुलिस ने जांच के लिए निहाल का मकान खुलवाया तो तलाशी में न सिर्फ घटना में प्रयुक्त तमंचा बरामद हुआ, बल्कि चला हुआ कारतूस भी पुलिस ने घटनास्थल से बरामद कर लिया है।
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सिर्फ गोली लगने की सूचना दी थी
डीआईजी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी प्रवीण ने पूछताछ में बताया है कि गोली लगने के बाद पहले तो उसे तुरंत अस्पताल की ओर लेकर भागे। रास्ते में उसने ही अपने फोन से सचिन के भाई कमल वालिया को फोन करके कहा कि सचिन को गोली लगी है, तुरंत अस्पताल पहुंचें। कमल वालिया ने यह भी पूछा कि गोली किसने मार दी, तो इस बात को छुपा गए और कहा कि यह बाद में बताएंगे, पहले तुरंत अस्पताल पहुंचे।
रास्ते में रोकने पर बताया छत से गिरा सचिन
डीआईजी शरद सचान ने बताया कि आरोपी प्रवीण ने बताया कि रास्ते में चेकिंग कर रही पुलिस टीम ने रोक कर पूछा तो उसने सभी को यही बताया कि छत से गिरकर चोट लग गई है। अस्पताल में भी आरोपी ने यही बताया।
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