जेल में परिजनों से ज्यादा अपराधियों से गुर्गे कर रहे मुलाकात, हो रही माॅनिटरिंग, शिकंजा कसने की तैयारी
योगी सरकार में अपराधियों पर शिकंजा कसने का अभियान जारी है। शातिर अपराधी मुठभेड़ में मारे गए या फिर जेलों में बंद है। इसके बावजूद भी वेस्ट यूपी के जिलों में अपराध का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। खुफिया विभाग के इनपुट के अनुसार जेलों में बंद अपराधियों से परिजनों से ज्यादा गुर्गे मुलाकात कर रहे हैं।
पेशी के दौरान भी कचहरी में गुर्गे ही मिलने के लिए जाते हैं। इसको लेकर जेल प्रशासन में भी हलचल मची है। जेल में अपराधियों से मुलाकात करने वाले लोगों का रिकॉर्ड डीआईजी जेल ने मांग लिया है। बताया है कि बागपत जेल की शिकायतें सबसे ज्यादा है। जेलों में मुलाकात करने वालों की निगरानी कराई जा रही है।
जमानतियों के बाद मुलाकात पर नजर
जेल में बंद शातिर अपराधियों के जमानतियों के बाद अब पुलिस मुलाकात करने वालों पर भी नजर रख रही है। अपराधियों से कौन-कौन मुलाकात कर रहा है इसका लेखा-जोखा जेल से लिया जा रहा है और मुलाकात करने वालों से स्थानीय पुलिस उनके घर पर जांच कर रही है। मुलाकात किस उद्देश्य से हुई और कोई उनकी प्लानिंग तो नहीं बनी। इन सब की जांच हो रही है।
दूरदराज जेल में भी करने जाते मुलाकात
योगेश भदौड़ा सिद्धार्थनगर, उधम सिंह आजमगढ़, भूपेंद्र बाफर आजमगढ़, मुकीम काला हरियाणा में और अन्य अपराधी भी अलग-अलग जेल में बंद हैं। दूरदराज जेल में बंद अपराधियों से भी उनके साथी मुलाकात करने के लिए जाते हैं।
कई बार पेशी के दौरान भी मुलाकात करते गुर्गों को पुलिस ने लाठी फटकार कर भगाया भी है। इसके अलावा भी चिट्ठी का सिलसिला जारी है। जेल से या फिर पेशी के दौरान अपराधी अपने गुर्गों को चिट्ठी तक पहुंचाते हैं।
चल रही निगरानी
जेल में अपराधियों से मुलाकात करने जा रहे उनके साथियों की निगरानी जेल प्रशासन द्वारा कराई जा रही है। शातिर अपराधियों पर पुलिस की नजर है। मुलाकात करने वालों का जेल में सत्यापन होता है। इस मामले में लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी। -अखिलेश कुमार, डीआईजी जेल