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विकास की पहल: हस्तिनापुर सेंक्चुअरी से बाहर होंगे बिजनौर के 212 गांव, डीएम ने दिए नए सीमांकन के निर्देश
Fri, 18 Jun 2021 12:07 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Fri, 18 Jun 2021 12:07 AM IST
सार
हस्तिनापुर सेंक्चुअरी में आने वाले क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, विद्युतीकरण या फिर निर्माण कार्यों पर पाबंदी है। अब जो 212 गांव सेंक्चुअरी से बाहर होने जा रहे हैं, वह विकसित हो सकेंगे।
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hastinpur century
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कई दशकों से उठ रही हस्तिनापुर सेंक्चुअरी के नए सीमांकन की मांग अब पूरी होने जा रही है। अब जिले के करीब 200 गांव सेंक्चुअरी क्षेत्र से बाहर कर दिए जाएंगे। वहीं अब मात्र 115 गांव ही सेंक्चुअरी में शामिल रहेंगे। ये गांव चांदपुर और बिजनौर तहसील के होंगे। डीएम उमेश मिश्रा ने बिजनौर तहसीलदार और चांदपुर तहसीलदार के नेतृत्व में नए सीमांकन के लिए टीमों का गठन भी कर दिया है।
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हस्तिनापुर सेंक्चुअरी के पुनर्गठन को एनजीटी से मंजूरी मिलने के बाद सीमांकन को लेकर कार्रवाई तेज हो गई है। बिजनौर में काम भी शुरू हो गया है। तीन दिन पहले डीएम उमेश मिश्रा, कमिश्नर मेरठ, डीएम मुजफ्फरनगर और दिल्ली के अफसरों की वीडियो कांफ्रेंसिंग हुई थी।
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नई सीमा को लेकर चर्चा हुई। जिसमें बिजनौर की ओर से 212 गांवों को सेंक्चुअरी से बाहर रखने का प्रस्ताव रखा गया। अब तक हस्तिनापुर सेंचुरी में बिजनौर और चांदपुर तहसील के 327 गांव शामिल थे। नया सीमांकन पूरा होने के बाद मात्र 115 गांव ही सेंक्चुअरी में रह जाएंगे।
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बारहसिंघा के संरक्षण को बनी थी हस्तिनापुर सेंक्चुअरी
हस्तिनापुर वाइल्ड लाइफ सेंक्चुअरी की पहली अधिसूचना 1986 में की गई थी। 2073 वर्ग किलोमीटर इस सेंक्चुअरी का क्षेत्रफल बताया जाता है। यूं तो इसे बारहसिंघा के लिए संरक्षित किया गया था, इस सेंक्चुअरी में हिरण, सांभर, चीतल, नीलगाय, तेंदुआ, जंगली बिल्ली, गंगा में घड़ियाल, डॉल्फिन, सैकड़ों प्रजाति के पक्षी, अजगर आदि देखने को मिलते हैं।
इन जिलों में फैली है सेंक्चुअरी
हस्तिनापुर सेंक्चुअरी इस समय मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर जिलों में फैली हुई है।
नए सीमांकन से यह होंगे लाभ
हस्तिनापुर सेंक्चुअरी में आने वाले क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, विद्युतीकरण या फिर निर्माण कार्यों पर पाबंदी है। हालांकि बिजनौर और चांदपुर क्षेत्र के अधिकांश इलाके विकसित हो गए थे और इसके पुनर्गठन की आवश्यकता थी। अब जो 212 गांव सेंक्चुअरी से बाहर होने जा रहे हैं, वह विकसित हो सकेंगे।
हस्तिनापुर सेंक्चुअरी में है बिजनौर डीएम आवास
वर्तमान में बिजनौर शहर का ही बड़ा हिस्सा सेंक्चुअरी में आता है। सीमांकन की जरूरत कितनी थी, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डीएम आवास, कलक्ट्रेट तक सेंक्चुअरी में आता है।
सीमांकन के लिए टीमों का गठन किया है
अभी तक हस्तिनापुर सेंक्चुअरी में 327 गांव आते हैं। इनमें से अब केवल 115 गांव ही सेंक्चुअरी क्षेत्र में रह जाएंगे। नए सीमांकन के लिए बिजनौर और चांदपुर तहसीलदार के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया है। शीघ्र ही सर्वे शुरू हो जाएगा। सर्वे में बता दिया जाएगा कि कौन से गांव सेंक्चुअरी में रहेंगे, कौन से बाहर होंगे। - उमेश मिश्रा, डीएम बिजनौर
हस्तिनापुर वाइल्ड लाइफ सेंक्चुअरी की पहली अधिसूचना 1986 में की गई थी। 2073 वर्ग किलोमीटर इस सेंक्चुअरी का क्षेत्रफल बताया जाता है। यूं तो इसे बारहसिंघा के लिए संरक्षित किया गया था, इस सेंक्चुअरी में हिरण, सांभर, चीतल, नीलगाय, तेंदुआ, जंगली बिल्ली, गंगा में घड़ियाल, डॉल्फिन, सैकड़ों प्रजाति के पक्षी, अजगर आदि देखने को मिलते हैं।
इन जिलों में फैली है सेंक्चुअरी
हस्तिनापुर सेंक्चुअरी इस समय मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर जिलों में फैली हुई है।
नए सीमांकन से यह होंगे लाभ
हस्तिनापुर सेंक्चुअरी में आने वाले क्षेत्र में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, विद्युतीकरण या फिर निर्माण कार्यों पर पाबंदी है। हालांकि बिजनौर और चांदपुर क्षेत्र के अधिकांश इलाके विकसित हो गए थे और इसके पुनर्गठन की आवश्यकता थी। अब जो 212 गांव सेंक्चुअरी से बाहर होने जा रहे हैं, वह विकसित हो सकेंगे।
हस्तिनापुर सेंक्चुअरी में है बिजनौर डीएम आवास
वर्तमान में बिजनौर शहर का ही बड़ा हिस्सा सेंक्चुअरी में आता है। सीमांकन की जरूरत कितनी थी, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डीएम आवास, कलक्ट्रेट तक सेंक्चुअरी में आता है।
सीमांकन के लिए टीमों का गठन किया है
अभी तक हस्तिनापुर सेंक्चुअरी में 327 गांव आते हैं। इनमें से अब केवल 115 गांव ही सेंक्चुअरी क्षेत्र में रह जाएंगे। नए सीमांकन के लिए बिजनौर और चांदपुर तहसीलदार के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया है। शीघ्र ही सर्वे शुरू हो जाएगा। सर्वे में बता दिया जाएगा कि कौन से गांव सेंक्चुअरी में रहेंगे, कौन से बाहर होंगे। - उमेश मिश्रा, डीएम बिजनौर