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Meerut News: बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे बंदर
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हस्तिनापुर। कस्बा सहित आसपास के क्षेत्र में बंदरों की संख्या बढ़ गई है। लोग दिन के समय भी घर के बाहर निकलने में डर रहे हैं। बंदर आए दिन राहगीरों, महिलाओं और बच्चों पर हमला कर रहे हैं। बंदरों के काटने से हर महीने सैकड़ों लोग घायल हो रहे हैं।
ऐतिहासिक नगरी में इस समय बंदरों का उत्पात इस कदर है कि लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। अब ऐतिहासिक नगरी में बंदरों से भयभीत लोगों ने लोहे के एंगल, झटका मशीन और अन्य उपायों में हजारों रुपये खर्च कर रहे हैं। बंदरों के कारण छत पर कपड़े सुखाना भी दूभर हो गया है। इससे बचने के लिए कुछ लोगों ने जाली लगवा ली है। लेकिन, जिसके पास व्यवस्था नहीं है, उनको कपड़े आदि अपने घर के अंदर ही सुखाने पड़ते हैं।
अमनपाल ने बताया कि बंदरों के कारण बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजते समय भी डर लगता है। पता नहीं कब कहां बंदर हमला कर बच्चे को घायल कर दे। ऐतिहासिक नगरी में लगातार लोग नगर पंचायत से शिकायत कर बंदरों को पकड़वाकर दूसरे स्थान पर छोड़ने की मांग कर रहे हैं। हालत यह है कि सड़कों पर अकेले महिला और बच्चों का निकलना मुश्किल हो गया है। अब सड़कों पर बंदरों का आतंक बढ़ गया है। इससे ऐतिहासिक नगरी के लोग दहशत में हैं। तीन दिन पूर्व भी कुछ महिलाओं ने नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर बंदर को पकड़ने की मांग की थी।
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ऐतिहासिक नगरी में इस समय बंदरों का उत्पात इस कदर है कि लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। अब ऐतिहासिक नगरी में बंदरों से भयभीत लोगों ने लोहे के एंगल, झटका मशीन और अन्य उपायों में हजारों रुपये खर्च कर रहे हैं। बंदरों के कारण छत पर कपड़े सुखाना भी दूभर हो गया है। इससे बचने के लिए कुछ लोगों ने जाली लगवा ली है। लेकिन, जिसके पास व्यवस्था नहीं है, उनको कपड़े आदि अपने घर के अंदर ही सुखाने पड़ते हैं।
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अमनपाल ने बताया कि बंदरों के कारण बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजते समय भी डर लगता है। पता नहीं कब कहां बंदर हमला कर बच्चे को घायल कर दे। ऐतिहासिक नगरी में लगातार लोग नगर पंचायत से शिकायत कर बंदरों को पकड़वाकर दूसरे स्थान पर छोड़ने की मांग कर रहे हैं। हालत यह है कि सड़कों पर अकेले महिला और बच्चों का निकलना मुश्किल हो गया है। अब सड़कों पर बंदरों का आतंक बढ़ गया है। इससे ऐतिहासिक नगरी के लोग दहशत में हैं। तीन दिन पूर्व भी कुछ महिलाओं ने नगर पंचायत कार्यालय पहुंचकर बंदर को पकड़ने की मांग की थी।
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