{"_id":"57c86ef24f1c1b81042cb4ef","slug":"mobile-shop-se-shuru-hui-kahaani","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोबाइल शॉप से शुरू प्रेम कहानी का कोठे पर अंत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोबाइल शॉप से शुरू प्रेम कहानी का कोठे पर अंत
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Fri, 02 Sep 2016 02:12 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैंने तो उस पर आंख मूंदकर भरोसा किया था। मां-बाप के बाद वही तो लगा था, जो मेरी परवाह करने वाला था। मैंने मौसी के तानों से तंग आकर एक मोबाइल शॉप पर नौकरी की थी। जहां उस धोखेबाज से पहली मुलाकात हुई थी। मुझे प्यार और शादी के जाल में फंसाकर दिल्ली ले आया और देह व्यापार के इस दलदल में धकेलकर फरार हो गया। यह दर्द भरी दास्तान बंगलूरू निवासी उस युवती की है, जिसे सीमा के कोठे से रेस्क्यू कराया गया। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो अपने साथ हुए इस विश्वासघात को आंसुओं के साथ बया किया।
सीओ कोतवाली रणविजय सिंह के अनुसार युवती ने बताया कि जब वह किशोरी थी तो उसके माता-पिता की मौत हो गई थी। कोई भाई-बहन नहीं था। मौसी ने उसे अपने साथ तो रखा। लेकिन गैरों से भी बदतर व्यवहार किया। वह हॉस्टल में पढ़ती थी, लेकिन मौसी ने 12वीं के बाद उसकी पढ़ाई छुड़वा दी। रोटी देते हुए भी ताने मारती थी। अपना खर्चा खुद निकालने का फैसला करते हुए वह एक मोबाइल शॉप पर नौकरी करने लगी।
वहां अक्सर राजू नाम का एक कस्टमर आता था। जिससे हुई दोस्ती प्यार में बदल गई। बकौल युवती राजू ने मुझे प्रेमजाल में फंसाकर मेरा भरोसा जीता था। मुझे लगने लगा था कि मां-बाप के बाद उसकी परवाह करने वाला भी कोई है। उसने मेरे हालात का फायदा उठाया और साजिश के तहत शादी का प्रस्ताव रखा तो मैं तैयार हो गई। शादी भी बंगलूरू के बजाय दिल्ली में करने का उसका फैसला पहले मुझे अटपटा लगा। लेकिन मुझे अपने से ज्यादा राजू पर भरोसा था। इसलिए एक साल पहले हम दोनों जून में दिल्ली आ गए थे।
विज्ञापन
हम दो दिन दिल्ली में घूमे। लेकिन तीसरे दिन ही राजू मुझे एक अजीब सी जगह लेकर पहुंचा। उसने वहां मिले लोगों को अपना परिचित बताया। अचानक एक जरूरी काम आने की बात कहकर मुझे कल आकर ले जाने की बात कहकर प्यार का वास्ता देकर छोड़ गया और फिर लौटा नहीं। बाद में पता चला कि जब जीबी रोड का बदनाम इलाका है।
जहां वह मेरे सारे सपने तोड़कर मेरे जिस्म का सौदा कर गया था। यहीं मेरी प्रेम कहानी का भी अंत हो गया था। मुझसे वहां जबरन देह व्यापार कराया गया। बाद में दिल्ली से मेरठ के इस कोठे पर लाया गया। सीओ के अनुसार ऐसी ही दूसरी युवतियों ने भी बताया कि पारिवारिक मजबूरी और हालातों का फायदा उठाकर उन्हें यहां लाकर बेच दिया गया था।
विज्ञापन
सीओ कोतवाली रणविजय सिंह के अनुसार युवती ने बताया कि जब वह किशोरी थी तो उसके माता-पिता की मौत हो गई थी। कोई भाई-बहन नहीं था। मौसी ने उसे अपने साथ तो रखा। लेकिन गैरों से भी बदतर व्यवहार किया। वह हॉस्टल में पढ़ती थी, लेकिन मौसी ने 12वीं के बाद उसकी पढ़ाई छुड़वा दी। रोटी देते हुए भी ताने मारती थी। अपना खर्चा खुद निकालने का फैसला करते हुए वह एक मोबाइल शॉप पर नौकरी करने लगी।
विज्ञापन
वहां अक्सर राजू नाम का एक कस्टमर आता था। जिससे हुई दोस्ती प्यार में बदल गई। बकौल युवती राजू ने मुझे प्रेमजाल में फंसाकर मेरा भरोसा जीता था। मुझे लगने लगा था कि मां-बाप के बाद उसकी परवाह करने वाला भी कोई है। उसने मेरे हालात का फायदा उठाया और साजिश के तहत शादी का प्रस्ताव रखा तो मैं तैयार हो गई। शादी भी बंगलूरू के बजाय दिल्ली में करने का उसका फैसला पहले मुझे अटपटा लगा। लेकिन मुझे अपने से ज्यादा राजू पर भरोसा था। इसलिए एक साल पहले हम दोनों जून में दिल्ली आ गए थे।
विज्ञापन
हम दो दिन दिल्ली में घूमे। लेकिन तीसरे दिन ही राजू मुझे एक अजीब सी जगह लेकर पहुंचा। उसने वहां मिले लोगों को अपना परिचित बताया। अचानक एक जरूरी काम आने की बात कहकर मुझे कल आकर ले जाने की बात कहकर प्यार का वास्ता देकर छोड़ गया और फिर लौटा नहीं। बाद में पता चला कि जब जीबी रोड का बदनाम इलाका है।
जहां वह मेरे सारे सपने तोड़कर मेरे जिस्म का सौदा कर गया था। यहीं मेरी प्रेम कहानी का भी अंत हो गया था। मुझसे वहां जबरन देह व्यापार कराया गया। बाद में दिल्ली से मेरठ के इस कोठे पर लाया गया। सीओ के अनुसार ऐसी ही दूसरी युवतियों ने भी बताया कि पारिवारिक मजबूरी और हालातों का फायदा उठाकर उन्हें यहां लाकर बेच दिया गया था।