{"_id":"5d279db58ebc3e6d1b73e6d2","slug":"mobile-loot-meerut-news-mrt432722310","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ पुलिस का मेरठ में डेरा, पांच ओर मोबाइल मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ पुलिस का मेरठ में डेरा, पांच ओर मोबाइल मिले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। नेताओं के घरों से चोरी के मोबाइल मिलने का मामला लखनऊ तक गूंजा है। लखनऊ पुलिस ने बृहस्पतिवार को कई जगह पर दबिश देकर आठ और मोबाइल बरामद कर लिए हैं। लखनऊ पुलिस पर व्यापारियों ने वसूली करने का आरोप लगाकर हंगामा भी किया। आरोप है कि पुलिस असली गुनहगार को नहीं पकड़ रही। मोबाइल के साथ पैसा भी नेताओं से वसूल रही है।
लखनऊ पुलिस ने मेरठ में डेरा डाला हुआ है। एक ब्रांडेड कंपनी के मोबाइलों की खेप लखनऊ से चोरी हुई थी। जिसमें से 36 मोबाइल की लोकेशन शहर के नेताओं के घरों में मिली है। बुधवार को दस मोबाइल मिले थे। बृहस्पतिवार को आठ और मोबाइल लखनऊ पुलिस तक पहुंच गए। जिसमें अधिकांश मोबाइल नेताओं ने पुलिस से साठगांठ करके लौटाए हैं। बृहस्पतिवार को भी मोबाइल आने का सिलसिला चला। नेताओं के घर चोरी के मोबाइल मिलने से अधिकारियों में भी खलबली मच गई।
पश्चिम उप्र संयुक्त व्यापार मंडल अध्यक्ष आशु शर्मा ने बृहस्पतिवार को एसपी क्राइम रामअर्ज से शिकायत की। आरोप लगाया कि लखनऊ पुलिस ने लिसाड़ीगेट का सलमान नाम का युवक पकड़ा हुआ है। जिसके जरिये पुलिस नेताओं के घरों पर जाती है। मोबाइल लेती हैं और वसूली भी करती है। कई जगह से सलमान वसूली कर लखनऊ पुलिस को दे चुका है। असली आरोपी को क्यों पुलिस नहीं पकड़ती। एसपी क्राइम ने लखनऊ पुलिस की जांच करने का आश्वासन दिया है। व्यापारी नेता ने एडीजी से शुक्रवार को शिकायत करने की बात कहीं।
विज्ञापन
दिनभर चला दबिशों का दौर
लखनऊ पुलिस का बृहस्पतिवार को दिन भर दबिशों का दौरा चला। वसूली का धंधा बना है, इसकी जानकारी लगने पर मेरठ पुलिस ने लखनऊ पुलिस से किनारा कर लिया है। लिसाड़ीगेट, कोतवाली, सदर बाजार और देहलीगेट पुलिस ने लखनऊ पुलिस से कहा कि वह दबिश में शामिल नहीं होंगे। थानों में चोरी के मोबाइल चलाने वालों को बुलाया जाएगा।
एसटीएफ लगाएंगे, मोबाइल बरामद कराएंगे
एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि लखनऊ पुलिस मेरठ में चार दिन से आई हुई है इसकी जानकारी मुझे मिली है। चोरी के सारे मोबाइल बरामद कराएंगे। लेकिन वसूली बर्दाश्त नहीं होगी। इस मामले में एसटीएफ को लगाया जाएगा। स्थानीय पुलिस की कोई गलती मिली तो बड़ी कार्रवाई होगी। जिनके घरों में मोबाइल मिले हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी।
किसने बेचे मेरठ में मोबाइल
बड़ा सवाल फिर भी अटका है कि लखनऊ से चोरी करके मेरठ में किसने मोबाइल बेचे। इसका जवाब अभी पुलिस के पास नहीं है। लोगों ने दुकानदारों से मोबाइल खरीदना बताया। दुकानदारों ने डिस्टीब्यूटर से लेना। लेकिन डिस्टीब्यूटर को किसने दिया, इसकी तह तक अभी पुलिस नहीं गई। नेताओं के घरों तक पहुंचने के पीछे कोई दूसरी वजह तो नहीं है। इसका खुलासा जांच के बाद ही होगा।
विज्ञापन
लखनऊ पुलिस ने मेरठ में डेरा डाला हुआ है। एक ब्रांडेड कंपनी के मोबाइलों की खेप लखनऊ से चोरी हुई थी। जिसमें से 36 मोबाइल की लोकेशन शहर के नेताओं के घरों में मिली है। बुधवार को दस मोबाइल मिले थे। बृहस्पतिवार को आठ और मोबाइल लखनऊ पुलिस तक पहुंच गए। जिसमें अधिकांश मोबाइल नेताओं ने पुलिस से साठगांठ करके लौटाए हैं। बृहस्पतिवार को भी मोबाइल आने का सिलसिला चला। नेताओं के घर चोरी के मोबाइल मिलने से अधिकारियों में भी खलबली मच गई।
विज्ञापन
पश्चिम उप्र संयुक्त व्यापार मंडल अध्यक्ष आशु शर्मा ने बृहस्पतिवार को एसपी क्राइम रामअर्ज से शिकायत की। आरोप लगाया कि लखनऊ पुलिस ने लिसाड़ीगेट का सलमान नाम का युवक पकड़ा हुआ है। जिसके जरिये पुलिस नेताओं के घरों पर जाती है। मोबाइल लेती हैं और वसूली भी करती है। कई जगह से सलमान वसूली कर लखनऊ पुलिस को दे चुका है। असली आरोपी को क्यों पुलिस नहीं पकड़ती। एसपी क्राइम ने लखनऊ पुलिस की जांच करने का आश्वासन दिया है। व्यापारी नेता ने एडीजी से शुक्रवार को शिकायत करने की बात कहीं।
विज्ञापन
दिनभर चला दबिशों का दौर
लखनऊ पुलिस का बृहस्पतिवार को दिन भर दबिशों का दौरा चला। वसूली का धंधा बना है, इसकी जानकारी लगने पर मेरठ पुलिस ने लखनऊ पुलिस से किनारा कर लिया है। लिसाड़ीगेट, कोतवाली, सदर बाजार और देहलीगेट पुलिस ने लखनऊ पुलिस से कहा कि वह दबिश में शामिल नहीं होंगे। थानों में चोरी के मोबाइल चलाने वालों को बुलाया जाएगा।
एसटीएफ लगाएंगे, मोबाइल बरामद कराएंगे
एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि लखनऊ पुलिस मेरठ में चार दिन से आई हुई है इसकी जानकारी मुझे मिली है। चोरी के सारे मोबाइल बरामद कराएंगे। लेकिन वसूली बर्दाश्त नहीं होगी। इस मामले में एसटीएफ को लगाया जाएगा। स्थानीय पुलिस की कोई गलती मिली तो बड़ी कार्रवाई होगी। जिनके घरों में मोबाइल मिले हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी।
किसने बेचे मेरठ में मोबाइल
बड़ा सवाल फिर भी अटका है कि लखनऊ से चोरी करके मेरठ में किसने मोबाइल बेचे। इसका जवाब अभी पुलिस के पास नहीं है। लोगों ने दुकानदारों से मोबाइल खरीदना बताया। दुकानदारों ने डिस्टीब्यूटर से लेना। लेकिन डिस्टीब्यूटर को किसने दिया, इसकी तह तक अभी पुलिस नहीं गई। नेताओं के घरों तक पहुंचने के पीछे कोई दूसरी वजह तो नहीं है। इसका खुलासा जांच के बाद ही होगा।