मंत्री सुरेश खन्ना ने किया मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण, व्यवस्था देख जताई नाराजगी, अधिकारियों को हड़काया
- चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार को मेरठ मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया
- मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था देखकर कड़ी नाराजगी जताई
- मंत्री सुरेश खन्ना ने लोगों की समस्याएं सुनी और अधिकारियों को हड़काया
विस्तार
प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना सोमवार को मेरठ मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ओपीडी का निरीक्षण किया। मंत्री सुरेश कुमार ने कहा कि कोरोना के संदिग्ध मरीजों के लिए 100 बेड का वार्ड तैयार रहे। गभीर मरीजों को तुरंत इलाज मिले। वहीं मेडिकल से बंदरों को भगाने के लिए लंगूर का लाया गया। इस दौरान लंगूर को सैनिटाइज भी किया गया।
उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि अस्पताल में कितने मरीज आ रहे और कितनों की जांच हो रही है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज की हालत देखकर कड़ी नाराजगी जताई। मंत्री ने कहा ओपीडी में तीन हजार मरीज आते होंगे, लेकिन अब कुल 46 आए। यह गलत है और कुछ कमी है। इस दौरान जिलाधिकारी अनिल ढींगरा, सीएमओ डॉ. राजकुमार और प्राचार्य एस.के. गर्ग साथ रहे।
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इसके बाद मंत्री सुरेश खन्ना नॉन कोविड इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे और वहां मरीजों का हाल जाना। उन्होंने मरीजों से पूछा कि दवाइयां और खाना समय से मिल रहा है या नहीं। खाने की गुणवत्ता कैसी है। इसके बाद एक्स-रे यूनिट भी देखी।
उन्होंने बताया कि सूचनाएं मिल रही थी कि गंभीर मरीजों को कोविड की वजह से इलाज नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल प्रशासन से गर्भवती महिलाओं और अब तक कितने पॉजिटिव मिले, कितने भर्ती हुए, कितनों की मौत हुई और ओपीडी में अभी तक कितने मरीज देखें गए। इन सभी की सूचनाएं मांगी है। वहीं रिकॉर्ड को लेकर अस्पताल के अधिकारी एक दूसरे को देखने लगे तो मंत्री ने अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों को हड़काया। कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि सारा रिकॉर्ड अपडेट होना चाहिए।
उधर, इमरजेंसी से बाहर किए गए तीमारदारों की मंत्री सुरेश खन्ना ने समस्याएं सुनी। इन लोगों का आरोप है कि दवाई बाहर से लेनी पड़ रही है। साथ ही कहा कि पीपीई किट खुद बाहर से ही लानी पड़ रही है। मंत्री से लोगों ने शिकायत की कि इमरजेंसी में सफाई के लिए भी 200 रुपये मांगे जा रहे हैं। मंत्री ने कहा जल्द यह परेशानी दूर होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द कार्रवाई करेंगे। उन्होंने सीएमओ को कहा, लोगों की समस्या का जल्द से जल्द समाधान करें।
वहीं मेडिकल इमरजेंसी के बाहर कोरोना सस्पेक्ट मरीजों के परिजन मंत्री सुरेश खन्ना को अपनी समस्याएं बताते समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भूल गए।
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