UP: सीएम के साथ दिनेश खटीक की बैठक खत्म, स्वीकार नहीं हुआ इस्तीफा, कही यह बड़ी बात
जल शक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक के इस्तीफे की खबरों पर विराम लग गया है। शासन ने मंत्री दिनेश खटीक के त्याग पत्र को स्वीकार नहीं किया है। वह मंत्रिमंडल में बने रहेंगे।
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एक घंटे तक चली बैठक
जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक की मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री के साथ हुई एक घंटे की बैठक के बाद साफ हो गया है कि वे मंत्री मंडल में बने रहेंगे। उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद दिनेश खटीक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जीरो टॉलरेंस पर कार्य हो रहा है। स्वतंत्र देव सिंह से विवाद के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे मेरे बड़े भाई हैं। मेरे कैबिनेट मंत्री हैं।
गुरुवार को दिनेश खटीक मेरठ स्थित आवास से दिल्ली पहुंचे। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। इसके बाद वे लखनऊ पहुंचे। शाम को उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इसके बाद कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और विभागीय अधिकारियों के साथ करीब आधा घंटे तक मुख्यमंत्री ने चर्चा की। इस मुलाकात के बाद तय हो गया है कि दिनेश खटीक का इस्तीफा स्वीकार नहीं होगा, वे मंत्रीमंडल में बने रहेंगे। दिनेश खटीक ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में जीरो टॉलरेंस पर कार्य हो रहा है।
इस बात से थे आहत
जल शक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक यूं तो डेढ़ माह से कई मुद्दों पर अफसरों के प्रति नाराजगी जता रहे थे, लेकिन 19 जुलाई को वह अपने विभाग के अधिकारियों के बर्ताव से ज्यादा आहत हो गए। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया। तमाम आरोपों की फेहरिस्त के साथ उन्होंने अपना इस्तीफा राजभवन के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी भेजा था।
बुधवार को उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय नेताओं को पूरे मामले की जानकारी दी थी। आज अपराह्न चार बजे उनकी सीएम योगी से मुलाकात हुई। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
बुधवार को लगाए थे बड़े आरोप
जल शक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने सरकार की कार्यप्रणाली और विभिन्न विभागों में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर एक चिट्ठी सरकार को लिखी थी। जलशक्ति विभाग के राज्यमंत्री और हस्तिनापुर से विधायक दिनेश खटीक ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर सरकार की कार्यप्रणाली और विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए थे। उन्होंने सीएम योगी और राज्यपाल को अपना त्यागपत्र भेज दिया था। उन्होंने पत्र में लिखा था कि 'नमामि गंगे' और 'हर घर जल योजना' में नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
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कर्मचारियों और अधिकारियों के स्थानांतरण में गड़बड़ी की खोली थी पोल
उन्होंने लिखा था कि जल शक्ति विभाग में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों और अधिकारियों के स्थानांतरण में गड़बड़ी हुई। इसके बाद मैंने विभागाध्यक्ष से सूचना मांगी तो अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। राज्यमंत्री दिनेश खटीक बुधवार सुबह प्राइवेट गाड़ी से अपने मेरठ स्थित गंगानगर आवास से निकल गए थे। उनसे इस बारे में पूछे जाने पर उनका कहना था कि सब ठीक है।
पत्र में उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह के अथक परिश्रम एवं कुशल नेतृत्व में दलितों और पिछड़ों को साथ लेकर चलने के कारण आज भाजपा सरकार का गठन हुआ है। इसी क्रम में दलित समाज से जुड़े होने के कारण मुझे भी एक ईमानदार एवं स्वच्छ छवि वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जल शक्ति विभाग में राज्य मंत्री नियुक्त किया गया है। जिससे पूरा दलित समाज सरकार के प्रति पूरी तरह से उत्साहित एवं समर्पित है। इसके बाद भी जलशक्ति विभाग में दलित समाज का राज्य मंत्री होने के कारण मेरे किसी भी आदेश पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है और न ही मुझे किसी की सूचना दी जाती है।