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कांवड़ यात्रा : मेरठ जोन को 18 सुपर जोन में बांटा
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मेरठ। कांवड़ यात्रा के चलते मेरठ जोन को सुरक्षा के दृष्टिकोण से 18 सुपर जोन, 104 जोन, 53 सब-जोन, 306 सेक्टर, 80 सब-सेक्टर में बांटा गया है।
एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बुलंदशहर, सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर में कांवड़ मार्ग पर मिश्रित आबादी वाले 444 क्षेत्र हैं। विभिन्न स्थानों पर 75 वाच टावर एवं 746 सीसीटीवी लगाये जाने प्रस्तावित हैं। कांवड मार्ग में 337 अस्पताल हैं, जिन्हें आपात स्थिति में तैयार रहने को कहा गया है। स्थानीय पुलिस के अतिरिक्त मुख्यालय स्तर से प्राप्त 19 कंपनी, 01 प्लाटून पीएसी, 02 कंपनी फ्लड पीएसी, अपर पुलिस अधीक्षक 11, सीओ 26, निरीक्षक 77, दरोगा 160 आरक्षी 650, यातायात निरीक्षक 02, यातायात उपनिरीक्षक 05, यातायात मुख्य आरक्षी 15, यातायात आरक्षी 50 को सुरक्षा ड्यूटी के लिए नियुक्त किया जायेगा। विभिन्न स्थानों पर मुख्यालय से प्राप्त क्यूआरटी 06, एटीएस टीम 02, बीडीडीएस टीम 03 रहेंगी। कांवड़ मार्गों पर जनपदों में उपलब्ध 411 चार पहिया एवं 212 दुपहिया पीआरवी वाहनों को इस प्रकार नियुक्त किया जायेगा कि उनका रिस्पांस टाइम कम से कम रहे।
कांवड़ यात्रा में ये होंगे इंतजाम
- नहर पटरी कांवड़ मार्ग पर फ्लड पीएसी के अतिरिक्त स्थानीय गोताखोरों की मदद लिए जाने की व्यवस्था की गई है।
- कांवड मार्ग पर खानपान का सामान बेचने वाली दुकानों पर रेट लिस्ट लगाये जाने एवं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जांच अधिकारी नियुक्त करने के लिए खाद्य विभाग को सूचित किया गया है।
-कांवड़ मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं एंबुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराई जा रही है।
- कांवड़ यात्रा मार्ग पर निरंतर डिस्पले मोबाइल वैन की व्यवस्था की गई है। इससे श्रद्धालुओं को सूचनाएं दी जाएंगी।
- यातायात डायवर्जन के लिए सभी जनपदों को स्थान चिन्हित कर व्यवस्था के लिए निर्देशित किया गया है। जहां जहां से रूट डायवर्जन किया जायेगा, उसका समय से प्रचार प्रसार भी कराया जायेगा।
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-रूट डायवर्जन को लेकर डीजीपी द्वारा सीमावर्ती प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को पत्राचार कर सूचित कराया गया है कि अपने अपने राज्यों के सभी ट्रांसपोर्टरों को अधीनस्थों के माध्यम से सूचित कराएं कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर जाने के लिए रूट डायवर्जन को ध्यान में रखकर जरूरी सामान वाले सामान की बुकिंग न करें।
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एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बुलंदशहर, सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर में कांवड़ मार्ग पर मिश्रित आबादी वाले 444 क्षेत्र हैं। विभिन्न स्थानों पर 75 वाच टावर एवं 746 सीसीटीवी लगाये जाने प्रस्तावित हैं। कांवड मार्ग में 337 अस्पताल हैं, जिन्हें आपात स्थिति में तैयार रहने को कहा गया है। स्थानीय पुलिस के अतिरिक्त मुख्यालय स्तर से प्राप्त 19 कंपनी, 01 प्लाटून पीएसी, 02 कंपनी फ्लड पीएसी, अपर पुलिस अधीक्षक 11, सीओ 26, निरीक्षक 77, दरोगा 160 आरक्षी 650, यातायात निरीक्षक 02, यातायात उपनिरीक्षक 05, यातायात मुख्य आरक्षी 15, यातायात आरक्षी 50 को सुरक्षा ड्यूटी के लिए नियुक्त किया जायेगा। विभिन्न स्थानों पर मुख्यालय से प्राप्त क्यूआरटी 06, एटीएस टीम 02, बीडीडीएस टीम 03 रहेंगी। कांवड़ मार्गों पर जनपदों में उपलब्ध 411 चार पहिया एवं 212 दुपहिया पीआरवी वाहनों को इस प्रकार नियुक्त किया जायेगा कि उनका रिस्पांस टाइम कम से कम रहे।
कांवड़ यात्रा में ये होंगे इंतजाम
- नहर पटरी कांवड़ मार्ग पर फ्लड पीएसी के अतिरिक्त स्थानीय गोताखोरों की मदद लिए जाने की व्यवस्था की गई है।
- कांवड मार्ग पर खानपान का सामान बेचने वाली दुकानों पर रेट लिस्ट लगाये जाने एवं खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जांच अधिकारी नियुक्त करने के लिए खाद्य विभाग को सूचित किया गया है।
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-कांवड़ मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं एंबुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराई जा रही है।
- कांवड़ यात्रा मार्ग पर निरंतर डिस्पले मोबाइल वैन की व्यवस्था की गई है। इससे श्रद्धालुओं को सूचनाएं दी जाएंगी।
- यातायात डायवर्जन के लिए सभी जनपदों को स्थान चिन्हित कर व्यवस्था के लिए निर्देशित किया गया है। जहां जहां से रूट डायवर्जन किया जायेगा, उसका समय से प्रचार प्रसार भी कराया जायेगा।
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-रूट डायवर्जन को लेकर डीजीपी द्वारा सीमावर्ती प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों को पत्राचार कर सूचित कराया गया है कि अपने अपने राज्यों के सभी ट्रांसपोर्टरों को अधीनस्थों के माध्यम से सूचित कराएं कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर जाने के लिए रूट डायवर्जन को ध्यान में रखकर जरूरी सामान वाले सामान की बुकिंग न करें।