Meerut: आठ घंटे धरने के बाद महिलाओं ने थामी मशाल, कमिश्नरी कूच पर पुलिस ने रोका; 15 दिन में समाधान का आश्वासन
मेरठ के शंकरनगर में सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सफाई की समस्याओं को लेकर महिलाओं ने आठ घंटे धरना दिया। मशाल लेकर कमिश्नरी की ओर बढ़ने पर पुलिस ने रोका, अधिकारियों ने 15 दिन में समाधान का आश्वासन दिया।
विस्तार
मेरठ के शंकरनगर में सड़क, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सफाई की समस्याओं को लेकर बृहस्पतिवार को महिलाओं ने नगर निगम परिसर में प्रदर्शन किया। करीब आठ घंटे तक धरना देने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने पर महिलाओं ने मशाल थाम ली और कमिश्नरी की ओर बढ़ने लगीं। पुलिस ने घंटाघर पर उन्हें रोक लिया। इसके बाद नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर 15 दिन में समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी लौट गए।
आठ ट्रैक्टर-ट्रॉली से नगर निगम पहुंचे प्रदर्शनकारी
वार्ड-6 के पार्षद प्रशांत कसाना के नेतृत्व में बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे 100 से अधिक लोग आठ ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर नगर निगम परिसर पहुंचे। मौके पर अधिकारी नहीं मिलने पर लोगों ने धरना शुरू कर दिया। महिलाओं ने बताया कि शंकरनगर में करीब 35 साल से सड़क और पेयजल की समस्या बनी हुई है। स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण हादसों का खतरा रहता है। उनका दावा है कि तीन साल के भीतर एक मासूम सहित आठ लोगों की हादसों में मौत हो चुकी है।
मुख्य अभियंता और नगर आयुक्त को बुलाने पर अड़ीं महिलाएं
दोपहर करीब 1:30 बजे अपर नगर आयुक्त पंकज सिंह प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता या नगर आयुक्त खुद मौके पर आकर समाधान की समयसीमा बताएं। इस दौरान नगर आयुक्त के पीआरओ पंकज शर्मा संबंधित अधिकारियों से फोन पर संपर्क करते रहे, लेकिन प्रदर्शनकारी जिम्मेदार अधिकारियों के पहुंचने पर अड़े रहे।
मशाल लेकर कमिश्नरी की ओर बढ़ीं, पुलिस ने रोका
शाम करीब छह बजे भी सुनवाई नहीं होने पर महिलाओं और अन्य प्रदर्शनकारियों ने मशाल थाम ली और नगर निगम परिसर से कमिश्नरी की ओर बढ़ने लगे। सूचना पर सीओ कोतवाली संग्राम सिंह, देहलीगेट इंस्पेक्टर अतुल कुमार और पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची।
पुलिस ने घंटाघर पर प्रदर्शनकारियों को रोक लिया। इसके बाद मुख्य अभियंता निर्माण प्रमोद कुमार सिसोदिया, अधिशासी अभियंता देशराज सिंह और अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने सड़क निर्माण समेत समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया।
मलिन बस्ती में विकास कार्य नहीं होने का आरोप
अधिकारियों की ओर से 15 दिन में समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन मिलने के बाद शाम करीब 6:30 बजे प्रदर्शनकारी लौट गए। पार्षद प्रशांत कसाना ने आरोप लगाया कि नगर निगम में अधिकारी लोगों की समस्याएं सुनने के लिए उपलब्ध नहीं रहते और चुनिंदा क्षेत्रों में ही विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने शंकरनगर की मलिन बस्ती में विकास कार्य नहीं कराने का आरोप भी लगाया। धरने में वार्ड-31 की पार्षद कीर्ति घोपला, वार्ड-36 के पार्षद आशीष चौधरी, पूर्व पार्षद गजेंद्र सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।