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यूपी: मेरठ में तेज बारिश और आंधी से मौसम बदला, फसलों को नुकसान का खतरा; ट्रेंड में ये सवाल
Thu, 15 Oct 2026 11:10 AM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 15 Oct 2026 11:10 AM IST
सार
मेरठ मौसम आज: मेरठ में आंधी के साथ मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। आज सुबह से काले बादल छाए थे। बारिश से फसलों पर नुकसान का खतरा है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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मेरठ में बारिश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
अक्तूबर में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। उत्तर प्रदेश के मेरठ में तेज बारिश और आंधी के चलते जनजीवन के साथ खेती-किसानी पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। बृहस्पतिवार यानि आज सुबह करीब नौ बजे आसमान में काले बादल छा गए।
इसके बाद तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। सुबह करीब 10 बजे तक अंधेरा इस कदर छा गया कि दिल्ली-देहरादून हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। बारिश और ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट आई और मौसम खुशनुमा हो गया।
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इसके बाद तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। सुबह करीब 10 बजे तक अंधेरा इस कदर छा गया कि दिल्ली-देहरादून हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। बारिश और ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट आई और मौसम खुशनुमा हो गया।
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अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में लगातार मौसम में हो रहे बदलाव से किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है। तेज आंधी और बारिश का असर खेतों में खड़ी धान, गन्ना और दलहनी फसलों पर पड़ सकता है। खासकर जिन खेतों में धान की फसल पकने के करीब है, वहां तेज हवाओं के कारण फसल गिरने का खतरा है।
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खेतों में पानी भरने और नमी अधिक बढ़ने से कटाई के लिए तैयार फसलों की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है। लगातार बारिश से खेतों में जलभराव होने पर सब्जियों और अन्य फसलों को भी नुकसान पहुंच सकता है।
धान और गन्ने की फसल पर सबसे ज्यादा खतरा
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, तेज आंधी के दौरान धान की पकी हुई फसल गिर सकती है। इससे कटाई में देरी होने के साथ दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने और पैदावार में कमी आने का खतरा रहता है। गन्ने की फसल गिरने से कटाई और ढुलाई में किसानों का खर्च बढ़ सकता है। खेतों में पानी भरने और मिट्टी में नमी अधिक होने से फसलों की देखभाल और कटाई के काम में भी परेशानी आ सकती है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, तेज आंधी के दौरान धान की पकी हुई फसल गिर सकती है। इससे कटाई में देरी होने के साथ दानों की गुणवत्ता प्रभावित होने और पैदावार में कमी आने का खतरा रहता है। गन्ने की फसल गिरने से कटाई और ढुलाई में किसानों का खर्च बढ़ सकता है। खेतों में पानी भरने और मिट्टी में नमी अधिक होने से फसलों की देखभाल और कटाई के काम में भी परेशानी आ सकती है।
कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार, तेज हवाओं से धान की पकी फसल और गन्ने को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। नुकसान कितना होगा, यह बारिश की मात्रा, हवा की गति और खेतों की स्थिति पर निर्भर करेगा।
सब्जियों और फूलों की खेती पर भी असर
तेज बारिश और हवाओं से टमाटर, मिर्च, फूलगोभी, पत्तागोभी समेत मौसमी सब्जियों को नुकसान पहुंच सकता है। खेतों में पानी जमा होने से पौधों की जड़ों पर असर पड़ सकता है और फफूंदजनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है। फूलों की खेती में फूल झड़ने और पौधों के टूटने की आशंका भी रहती है। हालांकि, जिन खेतों में नमी की कमी है, वहां हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद भी साबित हो सकती है।
तेज बारिश और हवाओं से टमाटर, मिर्च, फूलगोभी, पत्तागोभी समेत मौसमी सब्जियों को नुकसान पहुंच सकता है। खेतों में पानी जमा होने से पौधों की जड़ों पर असर पड़ सकता है और फफूंदजनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है। फूलों की खेती में फूल झड़ने और पौधों के टूटने की आशंका भी रहती है। हालांकि, जिन खेतों में नमी की कमी है, वहां हल्की बारिश फसलों के लिए फायदेमंद भी साबित हो सकती है।
किसानों को सतर्क रहने की सलाह
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जलभराव से बचाव करने और मौसम पर नजर रखने की सलाह दी है। कटाई के बाद खेतों या खुले स्थानों में रखी उपज को सुरक्षित जगह पर रखने की जरूरत है। खड़ी फसलों की नियमित निगरानी करें और बारिश के बाद खेतों की स्थिति देखकर ही कृषि कार्य करें। खेतों में पर्याप्त नमी होने पर अनावश्यक सिंचाई से बचना भी जरूरी है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जलभराव से बचाव करने और मौसम पर नजर रखने की सलाह दी है। कटाई के बाद खेतों या खुले स्थानों में रखी उपज को सुरक्षित जगह पर रखने की जरूरत है। खड़ी फसलों की नियमित निगरानी करें और बारिश के बाद खेतों की स्थिति देखकर ही कृषि कार्य करें। खेतों में पर्याप्त नमी होने पर अनावश्यक सिंचाई से बचना भी जरूरी है।
मौसम के बदले मिजाज से तापमान में गिरावट
सुबह हुई तेज बारिश से मौसम ठंडा हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। अक्तूबर में बार-बार बदल रहे मौसम के कारण दिन के तापमान और खेती-किसानी पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। किसानों की नजर अब बारिश और हवा की तीव्रता पर टिकी है, क्योंकि आने वाले समय में धान की कटाई के लिहाज से मौसम की स्थिति अहम रहेगी।
सुबह हुई तेज बारिश से मौसम ठंडा हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। अक्तूबर में बार-बार बदल रहे मौसम के कारण दिन के तापमान और खेती-किसानी पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। किसानों की नजर अब बारिश और हवा की तीव्रता पर टिकी है, क्योंकि आने वाले समय में धान की कटाई के लिहाज से मौसम की स्थिति अहम रहेगी।
ट्रेंड कर रहे सवाल
मेरठ में आज इतनी तेज बारिश क्यों हो रही है?
अक्टूबर में मेरठ में बारिश क्यों हो रही है?
मेरठ में बारिश कब तक जारी रहेगी?
मेरठ में आज मौसम अचानक क्यों बदल गया?
मेरठ में आज बारिश और तेज आंधी का क्या कारण है?
मेरठ में अगले कुछ दिनों तक मौसम कैसा रहेगा?
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मेरठ में अक्टूबर में सामान्य से ज्यादा बारिश क्यों हो रही है?
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