Meerut Weather: शीतलहर का कहर जारी, गुनगुनी धूप भी बेअसर, ठंड ने बढ़ाई मुश्किलें
पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते पश्चिम उत्तर प्रदेश में ठंड का असर बढ़ता जा रहा है। शीतलहर, कमजोर धूप और बढ़ते प्रदूषण ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है, आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है।
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पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में साफ दिखाई दे रहा है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में बीते करीब 20 दिनों से ठंड का असर लगातार बना हुआ है। रविवार और सोमवार को भी शीतलहर का प्रकोप जारी रहा और गुनगुनी धूप भी लोगों को राहत नहीं दे सकी। दिन और रात के तापमान में गिरावट से ठिठुरन और बढ़ गई है। सुबह के समय 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से शीतलहर चली।
शीतलहर से कांप रहे लोग
सुबह और शाम के समय सर्द हवाओं के चलते ठिठुरन महसूस की जा रही है। दिन में धूप पूरी तरह नहीं निकल पा रही, जिससे ठंड से राहत नहीं मिल रही है। आसमान में बादलों और धुंध की आवाजाही के कारण धूप कमजोर बनी हुई है। लोग घरों और बाजारों में अलाव और हीटर का सहारा ले रहे हैं।
तापमान में उतार-चढ़ाव
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 17.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के तापमान में 1.2 डिग्री की मामूली बढ़ोतरी हुई, जबकि रात के तापमान में 1.4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। तापमान में और गिरावट आ सकती है और शीतलहर का असर बना रहेगा। दिन में हवा की रफ्तार 8 से 10 किमी प्रति घंटे रही।
प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता
ठंड के साथ-साथ प्रदूषण भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है। रविवार को मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 216 से बढ़कर 253 पहुंच गया। गंगानगर में 164, जयभीमनगर 317, पल्लवपुरम 279, दिल्ली रोड 301 और बेगमपुल में 331 AQI दर्ज किया गया। बेगमपुल क्षेत्र शहर में सबसे अधिक प्रदूषित रहा।
ठंड से बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां
-गर्म ऊनी कपड़े, मोजे, दस्ताने, टोपी और स्कार्फ का इस्तेमाल करें।
-गर्म पानी पिएं, अदरक-तुलसी या हल्दी वाली चाय और हल्दी वाला दूध लें।
-पौष्टिक आहार जैसे गुड़, मूंगफली, सूप, ड्राई फ्रूट्स, पालक और चुकंदर शामिल करें।
-हल्का व्यायाम, योग और स्ट्रेचिंग से ब्लड सर्कुलेशन बनाए रखें।
-धूप निकलने पर कुछ देर धूप सेंकें और गुनगुने पानी से स्नान करें।