मेरठ के हथियार देशभर में कर रहे वार, एक क्लिक में पढ़ें पूरी खबर
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लुधियाना के आरएसएस नेता रविंदर गोसाईं की हत्या में मेरठ का नाम जुड़ने से एक बार फिर साफ हो गया कि मेरठ के हथियार देश भर में वार कर रहे हैं। यहां के हथियारों की देश भर में डिमांड है और कई बडे़ नेता इनका शिकार बन रहे हैं, लेकिन इन सबके बावजूद मेरठ में हथियार निर्माण और तस्करी का काला कारोबार नहीं थम रहा।
लुधियाना के आरएसएस नेता की हत्या में मेरठ के हथियार सप्लायर परवेज उर्फ फरू सहित कई लोगों का नाम प्रकाश में आया है। दो तो पकड़ में आ चुके हैं, लेकिन हथियार का सौदा कराने का आरोपी परवेज पुलिस पकड़ से दूर है। साफ है कि मेरठ से हथियारों की आन डिमांड डिलीवरी बेहद आसानी से हो रही है।
मेरठ के हथियारों की पंजाब में सप्लाई का खुलासा तो कुछ माह पूर्व में भी हो चुका है। जब मेरठ क्राइम ब्रांच ने रार्धना से हथियारों का जखीरा ले जाते हुए सतनाम, राजेश, सोनू और गुरप्रीत निवासी पंजाब को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया था कि ये लोग पंजाब हरियाणा सहित कई राज्यों में आन डिमांड हथियार सप्लाई करते हैं। ये भी पता चला था कि वेस्ट यूपी में मेरठ सहित मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर सहित डेढ़ दर्जन स्थानों से हथियार लाते हैं। विधान सभा चुनाव से पूर्व पुलिस ने उक्त जिलों में एक के बाद एक दबिशें देकर पुलिस ने बड़ी संख्या में हथियार बरामद किए थे। लिसाड़ी गेट क्षेत्र का अरशद भी कुछ माह पूर्व दिल्ली में 21 पिस्टलों के साथ पकड़ा गया था।
सप्लाई भी खूब होती है
23 जनवरी को पुलिस ने कैंट क्षेत्र के काठ के पुल पर रार्धना के बदमाश को पकड़कर पूछताछ के बाद उसके मकान में छापा मारकर अवैध असलहों की फैक्ट्री पकड़ी थी। यहां से एक बंदूक, दो पिस्टल, रिवाल्वर, दो तमंचे और 60 कारतूस के साथ राधना के बदमाश को पकड़ा था। उसका साथी भाग गया था। 3 फरवरी को पुलिस ने राधना के जंगल में दबिश देकर वहां से अवैध असलहे बरामद किए थे। बाकायदा खेतों में असलहों का बाजार सजा था।
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विवाद में चलती हैं गोलियां
मेरठ में अवैध हथियारों का कारोबार कितना फल फूल रहा है कि छोटी छोटी बातों पर हथियार निकलते हैं। गोलियां चलती हैं। स्कूल कालेजों में आए दिन अवैध असलहों से फायरिंग हो रही है, लेकिन ठोस कार्रवाई ना होने से ये काम बदस्तूर जारी है।
ऊंची पहुंच से बचते हैं
हथियारों के साथ पकडे़ गए लोग बता चुके हैं कि ये हथियार कहां बनते हैं। पुलिस खुलासे में रार्धना, सरूरपुर खिर्वा, जलालपुर, चिंदौड़ी के नाम प्रकाश में आ चुके हैं, लेकिन यहां कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। अपने रसूख के कारण अपराधी बच निकलते हैं।
गोपनीय ढंग से किया काम
एनआईए टीम बेहद गोपनीय ढंग से काम को अंजाम दे रही है। लोकल पुलिस से भी जानकारियां साझा नहीं की। एसपी क्राइम शिवराम यादव ने बताया कि केस एनआईए देख रही है। लोकल पुलिस ने उन्हें सहयोग किया है।
चौथे दिन भी नाहली में दबिश
नाहली गांव में एनआईए टीम पर हमले के चौथे दिन भी मलूक की तलाश में पुलिस की ओर से दबिश जारी रही। सूत्रों के मुताबिक पुलिस मलूक के करीब पहुंच गई और जल्द ही उसे पकड़ने का दावा किया जा रहा है। सीओ राजकुमार सिंह ने बताया कि दोपहर बाद गांव के लोग घरों से निकल कर खेतों को गए। बच्चें चौथे दिन भी स्कूल, कालेज नहीं गए। गांव के नौजवान पहले ही घरों को छोड़ चुके हैं। एसओ रामेश्वर सिंह ने बताया कि मंगलवार रात पुलिस बल के साथ दबिश दी गई। अब तक तीन गिरफ्तारी हो चुकीं हैँ।
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