Meerut: 48 घंटे जिंदगी और मौत से लड़ती रही वानिया, चौथी मंजिल से कूदी थी छात्रा, आज सुपुर्द-ए-खाक होगा शव
वानिया असद शेख सुभारती विवि से बीडीएस द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। एक सहपाठी द्वारा छेड़े जाने से आहत होकर वानिया ने कॉलेज की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया था। वह 48 घंटे तक जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई।
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सुभारती विवि में लाइब्रेरी की चौथी मंजिल से कूदने वाले बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा वानिया असद शेख ने शुक्रवार को 48 घंटे बाद दम तोड़ दिया। डॉक्टरों द्वारा मौत की पुष्टि करते ही परिवार में कोहराम मच गया। एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि आरोपी सिद्धांत कुमार पंवार पर आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा बढ़ाकर कोर्ट में पेश किया गया, वहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वहीं पोस्टमार्टम के बाद छात्रा का शव घर पहुंच गया। आज छात्रा का शव सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
रशीदनगर निवासी प्रॉपर्टी डीलर असद शेख की बेटी वानिया असद शेख सुभारती विवि से पढ़ाई कर रही थी। सहपाठी के छेड़छाड़ करने और थप्पड़ मारने से क्षुब्ध होकर बुधवार दोपहर वानिया ने लाइब्रेरी की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी थी। गंभीर रूप से घायल छात्रा का सुभारती अस्पताल में इलाज चल रहा था।
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छात्रा के पिता असद शेख ने छात्र सिद्धांत सिंह पंवार निवासी शिवालिक नगर हरिद्वार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। जानी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार दोपहर तीन बजे छात्रा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। लोगों की भीड़ पहुंचने से पहले पुलिस विवि पहुंची और छात्रा का शव पोस्टमार्टम हाउस भेजा। सीसीएस यूनिवर्सिटी के छात्रनेता विनीत चपराणा अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और छात्रा को इंसाफ दिलाने की मांग की।
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48 घंटे जिंदगी के लिए लड़ी वानिया
चौथी मंजिल से छात्रा के कूदने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। 48 घंटे वानिया जिंदगी के लिए लड़ी। डॉक्टरों का कहना है कि छात्रा को बचाने का पूरा प्रयास किया गया। रीढ़ की हड्डी में दो फ्रैक्चर व खून का रिसाव ज्यादा हो गया था। इस कारण मौत हो गई।
होनहार थी बेटी, भूल नहीं पाऊंगा
वानिया तीन परिवारों की इकलौती बेटी थी। पिता असद शेख का रो-रोकर बुरा हाल था। उनका कहना है कि वह बेटी को कभी नहीं भूल पाएंगे। बड़े शौक से उसे पढ़ाया। वानिया ने सेंट मेरीज से स्कूली पढ़ाई की थी। पोस्टमार्टम पर परिवार के पांच सदस्य थे, जिनकी आंखों से आंसू बंद नहीं हो रहे थे। असद ने कहा कि पुलिस उन्हें इंसाफ दिलाएगी। आरोपी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।