एक्सक्लूसिव: राधना के बाग में हथियार चलाने की ट्रेनिंग देता था सुहेल, बार-बार आते थे IS एजेंट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा का निवासी सुहेल किठौर स्थित राधना के बाग में छोटे हथियार सप्लायरों को ट्रेनिंग देता था। बाग में ट्रेनिंग देने के लिए बाहर से भी एजेंट आते थे, ऐसा बताया गया। यह भी माना जा रहा है कि ये छोटे हथियार सप्लायर किठौर के गांव राधना और ईशापुर समेत पांच गांवों के युवकों को ट्रेनिंग सेंटर में बुलाते थे। हालांकि अभी इसका खुलासा होना बाकी है कि यहां हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जाती थी या फिर इन युवकों को अपने संगठन से जोड़ने की तैयारी चल रही थी। उधर, देहात क्षेत्र में चले इस ऑपरेशन की पूरे जिले में चर्चा रही।
आईएसआईएस से जुड़े बताए गए सुहेल और छोटे हथियार सप्लायर नईम को रिमांड पर लेने के बाद एनआईए और एटीएस ने संयुक्त रूप से शनिवार को किठौर के राधना इलाके में पहुंचकर कई बिंदुओं पर सर्च ऑपरेशन चलाया। सुहेल और नईम को लेकर जांच एजेंसियों की टीमें और ईशापुर गांव मार्ग पर स्थित महबूब के बाग में पहुंची।
सूत्रों के अनुसार हथियार सप्लायरों से देशविरोधी संगठन के संपर्क हैं, इसकी पुष्टि हो चुकी है। लेकिन अब बताया जा रहा है कि हथियार सप्लायरों के जरिये इस संगठन ने राधना गांव के जंगल के बाग में ट्रेनिंग सेंटर खोला। बताया जा रहा है कि यहां पर पिस्टल और तमंचे जैसे हथियार चलाने और किसी धमाके जैसी वारदात को अंजाम देने की ट्रेनिंग दी जाती थी। इसके तथ्यों को पुष्ट करने के लिए जांच एजेंसियों की टीमों ने सुहेल की निशानदेही पर बाग में तीन घंटे तक गहन जांच पड़ताल की।
इलाका सील, बुलाया बम निरोधक दस्ता
इस सर्च ऑपरेशन के दौरान बड़े स्तर पर एहतियात बरती गई। सीआरपीएफ और पीएसी के साथ चले ऑपरेशन के दौरान एनआईए और एटीएस ने बाग के चारों तरफ का इलाका सील करा दिया था, ताकि कोई बाग की तरफ न आ सके। बताया गया कि जांच एजेंसी से जुड़ी टीम सुहेल और नईम को पहले सीधे बाग में ले जाने की तैयारी में थी।
लेकिन, फिर अंदेशा जताया गया कि बाग में बाहरी एजेंटों का आना-जाना था। बाग में हथियार या कोई विस्फोटक सामग्री हो सकती है इसलिए बम निरोधक दस्ते को भी बुला लिया गया। उसके बाद बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉयड की मौजूदगी में सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
राधना पहले से बदनाम
यह बाग राधना गांव निवासी महबूब का बताया गया है। अमरोहा से आकर सुहेल ने बाग में कैसे ट्रेनिंग दी, इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह भी बड़ा सवाल है कि स्थानीय पुलिस और खुफिया तंत्र को इसकी क्यों भनक नहीं लगी। जबकि राधना गांव पहले से अवैध हथियार बनाने के मामले में बदनाम है। इसको लेकर पुलिस महकमे की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अधिकारी अब कह रहे हैं कि बाग के मालिक को बुलाकर पूछताछ की जाएगी।
सुहेल पर रहा एनआईए का फोकस
एनआईए की टीम का फोकस अमरोहा के सुहेल पर ज्यादा रहा। सुहेल को दोनों जगह ले जाया गया। पुलिस टीम के एक अधिकारी ने बताया कि सुहेल आईएसआईएस से जुड़ा हुआ था। उसने ही राधना में आईएसआईएस के एजेंटों के इशारे पर जाल फैलाया है। वह हथियार सप्लायरों के जरिये अपने नेटवर्क को और फैलाने की तैयारी में था, इसको लेकर जांच कराई जा रही है।
ऐसा चला सर्च ऑपरेशन
पूर्वाह्न 11:30 बजे : एनआईए और एटीएस की टीम सुहेल और नईम को लेकर किठौर थाने पहुंची
दोपहर 12:36 बजे : थाने से राधना गांव में पहुंची पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां
दोपहर 1:00 बजे : राधना में आरिफ व मतलूब के घर पर दबिश दी
दोपहर 2:35 बजे : बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉयड बुलाया गया
दोपहर 2:.40 बजे : सीआरपीएफ और पीएसी बल भी मौके पर पहुंचा
दोपहर 2:57 बजे : टीम दस्ता लेकर नवलसूरजपुरा मार्ग स्थित जंगल में एक खेत में पहुंची
मध्याह्न 3:10 बजे : टीम ईसापुर और राधना गांव के बीच एक बाग में पहुंची
शाम 4:27 बजे : टीम बाग से निकली और किठौर थाने पहुंची
शाम 5:20 बजे : टीम नईम और सुहेल को लेकर किठौर से निकल गई
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/