UP: 77 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया ये अफसर, फफक कर रोया, फिर जमीन पर बैठ गया
Meerut News : विजिलेंस की टीम ने वन निगम के DLM को 77 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। जैसे ही टीम उसे लेकर चली तो नरेंद्र पाल फफक कर रो पड़ा और जमीन पर बैठ गया।
विस्तार
शासन के आदेश पर मेरठ में शनिवार को 15 सदस्यीय विजिलेंस टीम ने शताब्दीनगर स्थित वन निगम ऑफिस में छापा मारा। इस दौरान टीम ने विभाग के डीएलएम नरेंद्र कुमार पाल को ठेकेदार से 77 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। विजिलेंस टीम ने परतापुर थाने में डीएलएम व शिकायतकर्ता ठेकेदार के मोबाइलों को अपने पास लेकर घंटों पूछताछ की।
शताब्दीनगर स्थित वन निगम कार्यालय में नरेंद्र कुमार पाल प्रभागीय लॉगिंग प्रबंधक (DLM) पद पर दो साल से तैनात है। बताया गया कि उनके अंडर में नौ जिलों का प्रभार था। नरेंद्र कुमार पाल द्वारा वन निगम के ठेकेदारों से रिश्वत मांगी जाती थी, जिसकी शिकायत शासन के बड़े अधिकारियों से की गई।
वहीं, शिकायत मिलने के बाद शासन स्तर से मेरठ प्रशासन व विजिलेंस को कार्रवाई के आदेश दिए गए। इसके बाद टीम ने शनिवार को शिकायतकर्ता वन निगम के ठेकेदार जब्बार पुत्र अनजार निवासी किठौर को 77 हजार की रिश्वत लेकर नरेंद्र कुमार पाल के पास भेजा। ठेकेदार ने जैसे ही डीएलएम को रिश्वत दी तो उन्होंने यह रकम अपनी दराज में रख ली। इसी दौरान विजिलेंस टीम मौके पर पहुंच गई और नरेंद्र कुमार पाल को रंगे हाथ पकड़ लिया।
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डीएलएम को थाने ले आई टीम
इसके बाद विजिलेंस टीम डीएलएम को पकड़ कर थाने ले आई। वहीं डीएलएम व शिकायतकर्ता ठेकेदार के मोबाइल लेकर उनकी कॉल डिटेल निकलवाई। शिकायतकर्ता वन निगम के ठेकेदार जब्बार ने बताया कि जिस समय वह नरेंद्र कुमार को रिश्वत दे रहा था, तभी उसने कॉल रिकॉर्डिंग सुनाकर वन निगम के एकाउंटेट अनिल कुमार के हिस्से के 20 हजार रुपये देने की भी बात कही। लेकिन तभी टीम ने उन्हें पकड़ लिया। बताया गया कि टीम में प्रशासनिक अधिकारी व विजिलेंस टीम के अधिकारी रहे।
फफक कर रो पड़े नरेंद्र कुमार
शनिवार को जैसे ही विजिलेंस टीम ने डीएलएम को 77 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा तो वह फफक कर रो पड़े और जमीन पर बैठ गए। तभी विजिलेंस के सीओ दीपक त्यागी ने उनको उठाया और गाड़ी में बैठाकर परतापुर थाने ले आए। इस मौके पर एसपी विजिलेंस इंदु भी मौजूद रहीं।
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पिछले दो साल से तैनात थे डीएलएम
वन निगम के डीएलएम पद पर नरेंद्र कुमार पाल दो साल से तैनात थे और इन पर नौ जिलों का प्रभार था। दो ही साल इनकी सेवानिवत्ति के रह गए थे। शिकायतकर्ता ठेकेदार जब्बार ने बताया कि नरेद्र कुमार कमीशन 15 प्रसेंट लेते थे और एकाउंटेंट पांच प्रतिशत लेता था। वन निगम में कई ठेकेदार हैं जो सभी से लाखों का कमीशन ले रहे हैं।