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मेरठ : स्मार्टफोन नहीं मिलने पर छात्रों ने प्रधानाचार्य और स्टाफ को कॉलेज में बंधक बनाया
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मेरठ : स्मार्टफोन नहीं मिलने पर छात्रों ने प्रधानाचार्य और स्टाफ को कॉलेज में बंधक बनाया
हस्तिनापुर/मवाना। कस्बे के स्वामी कल्याण देव डिग्री कॉलेज के बीए अंतिम वर्ष छात्र-छात्राओं ने अभी तक स्मार्टफोन नहीं मिलने पर कॉलेज में हंगामा किया। प्राचार्य सहित कॉलेज स्टाफ को कमरे में बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने उपजिलाधिकारी से बात कर जल्द ही स्मार्टफोन दिलाने के आश्वासन का दिलाया। इसके बाद धरना समाप्त किया गया।
प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद कॉलेज के सभी छात्र छात्राओं ने स्मार्टफोन लेने के लिए कागजात पूरे कर जमा कर दिए थे। 167 छात्र छात्राओं की सूची तैयार की गई। उसे अंतिम रूप देकर कॉलेज ने अधिकारियों को भेज दिया था, परंतु स्मार्टफोन अभी तक नहीं भेजे गए। छात्र-छात्राएं पिछले लंबे समय से स्मार्टफोन की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को बीए तृतीय वर्ष के छात्र छात्राओं ने कॉलेज में जमकर हंगामा किया। उन्होंने कॉलेज प्राचार्य और स्टाफ को कार्यालय में बंधक बना लिया और कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। प्राचार्य डॉ. महेश कुमार ने थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रों से कॉलेज के स्टाफ को बंधन मुक्त कराने की बात कही, परंतु छात्र तैयार नहीं हुए।
युवा नेता गौरव गुर्जर भी छात्रों के समर्थन में कॉलेज पहुंचे और धरने पर बैठ गए। एसडीएम को मौके पर बुलाने की मांग की। थाना प्रभारी कुंवरपाल सिंह राठौर ने एसडीएम अखिलेश यादव की। एसडीएम ने जल्द ही स्मार्टफोन देने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों का धरना समाप्त हुआ। विद्यार्थियों ने मवाना उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर उन्हें ज्ञापन दिया। कहा कि जल्द ही स्मार्टफोन नहीं मिले तो वह कस्बे की सड़कों पर धरना देंगे। सिमरन पोसवाल, रविता चौहान, शुभम ठाकुर, अभिषेक चौहान, सिकंदर, शुभम बढ़ाना, प्रतिभा पोसवाल, वंदना गौतम, अभिषेक चौहान, विश्वजीत सिंह, नवनीत पवार, शिवानी पोसवाल, कोमल कुमारी आदि मौजूद रहे।
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प्राचार्य डॉ. महेश कुमार ने कहा कि उन्होंने कागजों की सभी कार्रवाई पूर्ण कराकर उच्च अधिकारियों को भेज दी है जहां से स्मार्टफोन मिलने का इंतजार किया जा रहा है। स्मार्टफोन कॉलेज पहुंचते ही तुरंत वितरित किए जाएंगे।
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हस्तिनापुर/मवाना। कस्बे के स्वामी कल्याण देव डिग्री कॉलेज के बीए अंतिम वर्ष छात्र-छात्राओं ने अभी तक स्मार्टफोन नहीं मिलने पर कॉलेज में हंगामा किया। प्राचार्य सहित कॉलेज स्टाफ को कमरे में बंधक बना लिया। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने उपजिलाधिकारी से बात कर जल्द ही स्मार्टफोन दिलाने के आश्वासन का दिलाया। इसके बाद धरना समाप्त किया गया।
प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद कॉलेज के सभी छात्र छात्राओं ने स्मार्टफोन लेने के लिए कागजात पूरे कर जमा कर दिए थे। 167 छात्र छात्राओं की सूची तैयार की गई। उसे अंतिम रूप देकर कॉलेज ने अधिकारियों को भेज दिया था, परंतु स्मार्टफोन अभी तक नहीं भेजे गए। छात्र-छात्राएं पिछले लंबे समय से स्मार्टफोन की मांग कर रहे हैं। शुक्रवार को बीए तृतीय वर्ष के छात्र छात्राओं ने कॉलेज में जमकर हंगामा किया। उन्होंने कॉलेज प्राचार्य और स्टाफ को कार्यालय में बंधक बना लिया और कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। प्राचार्य डॉ. महेश कुमार ने थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रों से कॉलेज के स्टाफ को बंधन मुक्त कराने की बात कही, परंतु छात्र तैयार नहीं हुए।
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युवा नेता गौरव गुर्जर भी छात्रों के समर्थन में कॉलेज पहुंचे और धरने पर बैठ गए। एसडीएम को मौके पर बुलाने की मांग की। थाना प्रभारी कुंवरपाल सिंह राठौर ने एसडीएम अखिलेश यादव की। एसडीएम ने जल्द ही स्मार्टफोन देने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों का धरना समाप्त हुआ। विद्यार्थियों ने मवाना उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर उन्हें ज्ञापन दिया। कहा कि जल्द ही स्मार्टफोन नहीं मिले तो वह कस्बे की सड़कों पर धरना देंगे। सिमरन पोसवाल, रविता चौहान, शुभम ठाकुर, अभिषेक चौहान, सिकंदर, शुभम बढ़ाना, प्रतिभा पोसवाल, वंदना गौतम, अभिषेक चौहान, विश्वजीत सिंह, नवनीत पवार, शिवानी पोसवाल, कोमल कुमारी आदि मौजूद रहे।
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प्राचार्य डॉ. महेश कुमार ने कहा कि उन्होंने कागजों की सभी कार्रवाई पूर्ण कराकर उच्च अधिकारियों को भेज दी है जहां से स्मार्टफोन मिलने का इंतजार किया जा रहा है। स्मार्टफोन कॉलेज पहुंचते ही तुरंत वितरित किए जाएंगे।