STF ने किया गिरोह का पर्दाफाश, 12 लाख में लेते थे वीडीओ बनवाने का ठेका, मास्टरमाइंड सहित 9 दबोचे
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एसटीएफ मेरठ की टीम ने 12-12 लाख रुपये में वीडीओ (ग्राम विकास अधिकारी) की नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये ऐंठने वाले गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सरगना फतेहपुर के शिक्षामित्र समेत चार सदस्य फरार हैं। आरोपियों के कब्जे से सनद, मार्कशीट, ब्लैंक चेक, ओएमआर सीट, आधार कार्ड, मोबाइल, आठ सौ रुपये और एक कार बरामद हुई है। एक आरोपी मेट्रो दिल्ली में कंट्रोलर, जबकि दूसरा निर्माण विभाग में दिल्ली में कार्यरत बताया। आगरा में हुई वीडीओ की परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाएं बदलकर नौकरी दिलाने के नाम पर पश्चिम उत्तर प्रदेश से अभ्यर्थियों के ठेके इस गैंग के सदस्यों ने लिए थे।
वहीं यूपी एसटीफ की नोएडा यूनिट ने बिजनौर के थाना शिवाला कला क्षेत्र से विभिन्न सरकारी नौकरियों जैसे ग्राम विकास अधिकारी, पुलिस, सेना, एलटी ग्रेड, एसएससी आदि की परीक्षाओं में पास कराने के नाम पर झांसा देकर बड़े पैमाने पर ठगी करने वाले गैंग के सरगना शैलेंद्र मालिक उर्फ सूरज ग्राम भदौड़ा, थाना रोहटा मेरठ और उसके सहयोगी विरेंद्र, बिजनौर को गिरफ्तार किया है।
बरामदगी
1- सेना में भर्ती के लिए 5 अनफिट अभ्यर्थीयों के मिलिट्री हॉस्पिटल द्वारा जारी किया ओरिजिनल मेडिकल सर्टिफिकेट
2- ग्राम विकास अधिकारी, पुलिस भर्ती आदि से संबंधित एडमिट कार्ड
3- 1,65,000 कैश
4- एक फॉर्च्यूनर कार
5- एक फोर्ड एंडेवर कार
6- अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज
सीओ एसटीएफ ब्रिजेश कुमार के नेतृत्व में एसआई अरुण कुमार, सुनील कुमार और हेड कांस्टेबल रकम सिंह ने दिल्ली बस स्टैंड पर छापा मारकर सात आरोपियों को दबोच लिया। कानपुर के राजीव नगर निवासी गिरोह के एजेंट सगे भाई जितेंद्र कुमार और भूपेंद्र कुमार स्विफ्ट कार नंबर एचआर 10-5878 में सवार होकर गिरोह के स्थानीय सदस्यों से खाली चेक, धनराशि और अन्य सामान लेने के लिए आए थे। पकड़े गए आरोपियों में अनुज वाजिदपुर, शहवान उर्फ सावन बड़ौत, दिनेश ढिकौली एजेंट हैं, जबकि बालैनी के अजय एवं सचिन सॉल्वर (प्रश्नपत्र हल करने वाला) हैं। इनके पास से सनद, मार्कशीट, एटीएम कार्ड, खाली चेक, ओएमआरसीट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल और आठ सौ रुपये बरामद किए गए हैं। टीम ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
इनसेट
एसटीएफ को अब इनकी तलाश
एसटीएफ ने बताया कि इस गिरोह में फतेहपुर का शिक्षामित्र बाल कृष्ण मिश्रा मुख्य है। इसके अलावा मेरठ के कंकर खेड़ा का अंकित पूनिया, सोनीपत के गोहाना के गांव वजीरपुर निवासी कुलदीप उर्फ छोटू पुत्र धनेराम, वाजिदपुर निवासी विजय तोमर उर्फ नीटू शामिल हैं। पुलिस को इनकी तलाश है।
दो सदस्य कर रहे हैं नौकरी
पकड़े गए इस गिरोह में बालैनी का अजय मेट्रो दिल्ली में कंट्रोलर, जबकि अनुज दिल्ली मेें निर्माण विभाग में बाबू के पद पर कार्यरत बताए गए हैं। एसटीएफ इसकी छानबीन में जुटी है।
यह हुआ बरामद
17 खाली चेक
आठ प्रवेश पत्र, वीडीओ परीक्षा
छह हाईस्कूल की मार्कशीट
छह इंटरमीडिएट की मार्कशीट
तीन हाईस्कूल की सनद
शहरी विकास मंत्रालय का पहचान पत्र
सफेद रंग की स्विफ्ट गाड़ी
आठ मोबाइल फोन
आठ सौ रुपये की नगद
एक पेन कार्ड
तीन आधार कार्ड
दो ड्राइविंग लाइसेंस
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