Meerut: थाने में विवादित बैनर लगाने में अब सपा कार्यकर्ता दबोचा, पुलिस बोली- बवाल में रहा सबसे आगे
मेडिकल थाने में विवादित बैनर लगाने के मामले में पुलिस ने सातवें आरोपी अभिषेक भाटी को जागृति विहार में मंशा देवी मंदिर के पास स्थित मकान से गिरफ्तार किया है। पुलिस अब मामले में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के सिर पर ठीकरा फोड़ रही है।
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मेडिकल थाने में विवादित बैनर लगाने के मामले में पुलिस ने अब सपा कार्यकर्ता अभिषेक भाटी निवासी जागृति विहार मेडिकल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया है कि भाजपा कार्यकर्ता शंभू, सागर पोसवाल के साथ अभिषेक भी शामिल था। थाने में विवादित बैनर साजिश के तहत लगाया गया। हंगामा करने में अभिषेक सबसे आगे था। इससे पहले भाजपा के 6 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया था। जहां से उन्हें छोड़ दिया गया था। पुलिस का दावा है कि आरोपी अभिषेक सपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री का करीबी है।
गढ़ रोड पर स्थित एक दुकान के विवाद में 27 मई को भाजपा कार्यकर्ता मेडिकल थाने पहुंचे थे। समझौता नहीं होने पर हंगामा हो गया था। कुछ लोगों ने थाने पर विवादित बैनर लगा दिया था। इस पर लिखा था- भाजपा कार्यकर्ताओं का थाने में आना मना है। पुलिस ने केस दर्ज कर शंभू पहलवान, सागर पोसवाल, कुलदीप मसूरी, अंकुर चौधरी, अमर शर्मा और अमित भड़ाना को गिरफ्तार किया था। उनको अंतरिम जमानत दे दी।
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मंगलवार शाम को पुलिस ने सातवें आरोपी अभिषेक भाटी को जागृति विहार में मंशा देवी मंदिर के पास स्थित मकान से गिरफ्तार किया है। इंस्पेक्टर मेडिकल संतशरण सिंह ने बताया कि अभिषेक समाजवादी पार्टी से जुड़ा है। उसकी पहचान वीडियो फुटेज से हुई थी। उसने मेडिकल थाने में बवाल कराया था। उसका संबंध सपा के वरिष्ठ नेता से है। आज आरोपी अभिषेक को कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि मामले में दो और आरोपी चिह्नित हुए हैं। जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
पुलिस बोली- बवाल में अभिषेक रहा आगे
हंगामा और बैनर लगाने में भाजपा कार्यकर्ता आगे थे। इसकी वीडियो और फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। अभिषेक की गिरफ्तारी होने के बाद पुलिस अब समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं पर ठीकरा फोड़ने में लग गई है।
पुलिस कह रही कि बवाल कराने में अभिषेक सबसे आगे था। पुलिस ने अभिषेक के साथ पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर, ओमपाल गुर्जर के साथ बैनर वाला फोटो भी वायरल किया है। इस पूरे मामले में सपा कार्यकर्ताओं की भूमिका पर पुलिस ने सवाल उठाए हैं।