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मेरठ साउथ स्टेशन पर लिफ्ट रुकने का मामला...चार बिंदुओं पर जांच शुरू
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संदीप,,, परतापुर के मेरठ साउथ स्टेशन पर लिफ्ट में जांच करती मेंटनेंस की टीम 2
मेरठ। परतापुर में रैपिड के मेरठ साउथ स्टेशन पर लिफ्ट में बच्चों-महिलाओं आदि के फंसने के मामले जांच शुरू हो गई है। इस मामले में चार मुख्य बिंदु हैं जिन पर जांच की जा रही है। ये हैं तकनीकी खराबी, मानवीय लापरवाही, यात्रियों की अधिकता और पावर कट। अगर लापरवाही मिली तो गाज गिरना तय है।
सोमवार सुबह मेंटेनेंस टीम ने लिफ्ट की जांच की। इसके अलावा एनसीआरटीसी के एमडी शलभ गोयल, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स सहित कई अधिकारियों और ओटीआईएस कंपनी के स्टाफ ने भी स्टेशन का जायजा लिया। मेंटेनेंस टीम लिफ्ट में चारों मुख्य बिंदुओं पर जांच की। वहीं, इस जांच प्रक्रिया के चलते सोमवार को आने वाले यात्रियों को दूसरी लिफ्ट से भेजा गया। यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। मेरठ साउथ स्टेशन से दिल्ली और गाजियाबाद के लिए ट्रेन पकड़ने वाले काफी संख्या में यात्रियों को लिफ्ट बंद होेने के चलते वापस लौटना पड़ा। इसके बाद लोग एस्कलेटर, सीढ़ियों और दूसरी लिफ्ट के माध्यम से रैपिड स्टेशन पहुंचे।
एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि सराय काले खां से मोदीपुरम तक नमो भारत का लगातार ट्रायल रन चल रहा है। सोमवार को रूटीन में एमडी ने टीम के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि लिफ्ट के रुकने के मामले में ओटीआईएस कंपनी की ओर से तकनीकी टीम जांच कर रही है।
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यह है मामला
रक्षाबंधन पर्व पर मेरठ आए तीन बच्चों, चार महिलाओं सहित आठ लोग रविवार शाम सात बजे मेरठ साउथ रैपिड स्टेशन से दिल्ली और गाजियाबाद जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए पार्किंग स्थल के पास बनी लिफ्ट में चढ़े थे। थोड़ा चलने के बाद ही लिफ्ट एकाएक रुक गई। यात्रियों ने बताया कि लिफ्ट रुकने के बाद उसके सभी बटन ने काम करना बंद कर दिया था। हेल्पलाइन नंबर भी नहीं मिल रहा था। सीसीटीवी कैमरों में मदद का इशारा करने के बाद भी कोई सहायता के लिए नहीं पहुंचा। लगभग एक घंटे तक बच्चों और महिलाओं सहित आठ लोग लिफ्ट में फंसे रहे। लिफ्ट में गर्मी और उमस के कारण दम घुटने से कई लोगों की हालत बिगड़ गई थी। इसके बाद यात्रियों ने पुलिस और अपने रिश्तेदारों को फोन कर मामले की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह लिफ्ट को खोलकर यात्रियों को बाहर निकाला। इस दौरान एक यात्री की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। उसे सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इन आठ लोगों की बिगड़ी थी हालत
दिल्ली के रोहिणी निवासी रूबीना जफर, विजयनगर गाजियाबाद निवासी संगीता और उनकी बहन ज्योति, दिल्ली गेट निवासी कोमल, उनकी दस वर्षीय बेटी वृंदा और एक वर्षीय बेटी काव्या,संजीव कुशवाहा निवासी कैलाशपुरी, उनकी दो वर्षीय बेटी रूही मेरठ साउथ स्टेशन पर रैपिड स्टेशन पर जाने के लिए लिफ्ट में चढ़े थे। एक घंटे लिफ्ट में फंसे रहने के कारण सभी की हालत बिगड़ गई थी। रूबीना जफर ने मेरठ साउथ रैपिड स्टेशन के मैनेजमेंट के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाकर परतापुर थाने में तहरीर दी थी।
एक लिफ्ट से जा सकते हैं आठ लोग
मेरठ साउथ स्टेशन से यात्रियों को रैपिड स्टेशन पर ले जाने के लिए दो लिफ्ट लगी हैं। एक लिफ्ट से एक बार में सुविधापूर्वक आठ ही लोग आ जा सकते हैं। ऐसे में यात्रियों के पास बच्चे व अन्य सामान भी होता है। वहीं, लिफ्ट में 13 लोगों को ले जाने का साइन बोर्ड लगा है। वजन क्षमता एक हजार किलोग्राम लिखी है। कंपनी की टीम के अनुसार लिफ्ट में एक बार में सिर्फ आठ लोगों की ही चढ़ना चाहिए। इससे अधिक होने पर लिफ्ट में जगह नहीं बचती। इससे यात्रियों को परेशानी होती है।
लोग बोले-बंदर कर रहे परेशान, इनसे भी बचाएं
मेरठ साउथ रैपिड स्टेशन पर लोगों को बंदरों के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोगों ने बताया कि स्टेशन के चारों ओर बंदर रहते हैं। एस्कलेटर और सीढ़ियों के पास बैठे रहने वाले बंदर लोगों को परेशान करते हैं। लोगों ने बताया कि कुछ महीने पहले बंदरों को रोकने के लिए एक लंगूर को रखा गया था, जिसे देखकर बंदर भाग जाते थे। अब लंगूर के न होने से बंदर यात्रियों को परेशान करते हैं। इन बंदरों से बचाया जाए।
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सोमवार सुबह मेंटेनेंस टीम ने लिफ्ट की जांच की। इसके अलावा एनसीआरटीसी के एमडी शलभ गोयल, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स सहित कई अधिकारियों और ओटीआईएस कंपनी के स्टाफ ने भी स्टेशन का जायजा लिया। मेंटेनेंस टीम लिफ्ट में चारों मुख्य बिंदुओं पर जांच की। वहीं, इस जांच प्रक्रिया के चलते सोमवार को आने वाले यात्रियों को दूसरी लिफ्ट से भेजा गया। यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। मेरठ साउथ स्टेशन से दिल्ली और गाजियाबाद के लिए ट्रेन पकड़ने वाले काफी संख्या में यात्रियों को लिफ्ट बंद होेने के चलते वापस लौटना पड़ा। इसके बाद लोग एस्कलेटर, सीढ़ियों और दूसरी लिफ्ट के माध्यम से रैपिड स्टेशन पहुंचे।
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एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि सराय काले खां से मोदीपुरम तक नमो भारत का लगातार ट्रायल रन चल रहा है। सोमवार को रूटीन में एमडी ने टीम के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि लिफ्ट के रुकने के मामले में ओटीआईएस कंपनी की ओर से तकनीकी टीम जांच कर रही है।
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यह है मामला
रक्षाबंधन पर्व पर मेरठ आए तीन बच्चों, चार महिलाओं सहित आठ लोग रविवार शाम सात बजे मेरठ साउथ रैपिड स्टेशन से दिल्ली और गाजियाबाद जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए पार्किंग स्थल के पास बनी लिफ्ट में चढ़े थे। थोड़ा चलने के बाद ही लिफ्ट एकाएक रुक गई। यात्रियों ने बताया कि लिफ्ट रुकने के बाद उसके सभी बटन ने काम करना बंद कर दिया था। हेल्पलाइन नंबर भी नहीं मिल रहा था। सीसीटीवी कैमरों में मदद का इशारा करने के बाद भी कोई सहायता के लिए नहीं पहुंचा। लगभग एक घंटे तक बच्चों और महिलाओं सहित आठ लोग लिफ्ट में फंसे रहे। लिफ्ट में गर्मी और उमस के कारण दम घुटने से कई लोगों की हालत बिगड़ गई थी। इसके बाद यात्रियों ने पुलिस और अपने रिश्तेदारों को फोन कर मामले की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह लिफ्ट को खोलकर यात्रियों को बाहर निकाला। इस दौरान एक यात्री की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। उसे सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इन आठ लोगों की बिगड़ी थी हालत
दिल्ली के रोहिणी निवासी रूबीना जफर, विजयनगर गाजियाबाद निवासी संगीता और उनकी बहन ज्योति, दिल्ली गेट निवासी कोमल, उनकी दस वर्षीय बेटी वृंदा और एक वर्षीय बेटी काव्या,संजीव कुशवाहा निवासी कैलाशपुरी, उनकी दो वर्षीय बेटी रूही मेरठ साउथ स्टेशन पर रैपिड स्टेशन पर जाने के लिए लिफ्ट में चढ़े थे। एक घंटे लिफ्ट में फंसे रहने के कारण सभी की हालत बिगड़ गई थी। रूबीना जफर ने मेरठ साउथ रैपिड स्टेशन के मैनेजमेंट के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाकर परतापुर थाने में तहरीर दी थी।
एक लिफ्ट से जा सकते हैं आठ लोग
मेरठ साउथ स्टेशन से यात्रियों को रैपिड स्टेशन पर ले जाने के लिए दो लिफ्ट लगी हैं। एक लिफ्ट से एक बार में सुविधापूर्वक आठ ही लोग आ जा सकते हैं। ऐसे में यात्रियों के पास बच्चे व अन्य सामान भी होता है। वहीं, लिफ्ट में 13 लोगों को ले जाने का साइन बोर्ड लगा है। वजन क्षमता एक हजार किलोग्राम लिखी है। कंपनी की टीम के अनुसार लिफ्ट में एक बार में सिर्फ आठ लोगों की ही चढ़ना चाहिए। इससे अधिक होने पर लिफ्ट में जगह नहीं बचती। इससे यात्रियों को परेशानी होती है।
लोग बोले-बंदर कर रहे परेशान, इनसे भी बचाएं
मेरठ साउथ रैपिड स्टेशन पर लोगों को बंदरों के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ लोगों ने बताया कि स्टेशन के चारों ओर बंदर रहते हैं। एस्कलेटर और सीढ़ियों के पास बैठे रहने वाले बंदर लोगों को परेशान करते हैं। लोगों ने बताया कि कुछ महीने पहले बंदरों को रोकने के लिए एक लंगूर को रखा गया था, जिसे देखकर बंदर भाग जाते थे। अब लंगूर के न होने से बंदर यात्रियों को परेशान करते हैं। इन बंदरों से बचाया जाए।