Meerut: सैनिक पवन कश्यप का पार्थिव शरीर गांव लाया गया, अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, बेटे ने दी मुखाग्नि
इंचौली में गांव के श्मशान पर पवन कश्यप के पार्थिव शरीर पर सैन्य अधिकारियों ने पुष्प अर्पित किए। उसके बाद सलामी दी गई। मुखाग्नि उनके बेटे अभिषेक ने दी।
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असम राइफल्स में नायक रहे पवन कश्यप का पार्थिव शरीर सिख रेजीमेंट के सैनिक उनके पैतृक गांव बना लेकर पहुंचे। गांव में सैकड़ों की संख्या में लोग पहले से ही मौजूद थे। तिरंगे झंडों के साथ बड़ी संख्या में युवा उनके साथ चले। घर पर परिजनों को उनके अंतिम दर्शन कराए गए। उसके बाद सभी गांव स्थित श्मशान में पहुंचे। वहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
ये है मामला
मवाना रोड बना गांव निवासी 47 वर्षीय पवन कुमार कश्यप करीब 20 वर्ष पूर्व भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वह मणिपुर की राजधानी इम्फाल में असम राइफल्स में नायक थे। तीन दिन पूर्व सुबह की परेड के दौरान पवन को हार्ट अटैक आया था। उन्हें सेना के अस्पताल लेजाया गया था। डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। 2 दिन बाद उनका शव बना गांव में पहुंचा।
ये लोग पहुंचे
सैनिक पवन कश्यप की अंतिम यात्रा के दौरान पूर्व विधायक प्रभु दयाल वाल्मीकि, किशोर वाल्मीकि, भाजपा जिला पंचायत सदस्य विकास उपाध्याय, विजपाल कश्यप आदि मौजूद रहे।
बेटे ने किया अंतिम संस्कार
गांव के श्मशान पर पवन कश्यप के पार्थिव शरीर पर सैन्य अधिकारियों ने पुष्प अर्पित किए। उसके बाद सलामी दी गई। मुखाग्नि उनके बेटे अभिषेक ने दी।
परिवार में पत्नी और तीन बच्चे
पवन कुमार पांच बहन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके परिवार में पत्नी अनीता, तीन बच्चे अभिषेक, प्रियांशु और बेटी वंशिका हैं।