मेरठ: ऑनलाइन होंगी निगम की एक हजार से ज्यादा दुकानें, किराया वसूली में भ्रष्टाचार पर अब कसेगी नकेल
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किराया वसूली की धनराशि निगम खजाने में पहुंचेगी। अमर उजाला ने जनवरी माह में निगम की 70 दुकानों का मामला उजागर किया था। जिनसे पिछले 14 साल से निगम को किराया नहीं मिला है। रोड पटरी के नाम पर दुकानों को ऐसे ही दर्शाया गया है। इस खेल में निगम को लगभग दो करोड़ से भी अधिक रुपये का नुकसान हुआ है।
एक हजार से ज्यादा दुकानें
महानगर में नगर निगम की एक हजार से भी अधिक दुकानें हैं। जिनमें बच्चा पार्क, पालिका मार्केट, भगत सिंह मार्केट, नगर निगम मार्ग पर मार्केेट, देहली गेट चौराहा मार्केट, जेल चुंगी, सूरजकुंड सहित विभिन्न स्थानों पर निगम की दुकानें हैं। शुक्रवार को अपर नगरायुक्त अमित सिंह ने आदेश दिए कि वह शीघ्र दुकानों को ऑनलाइन कराएं। ताकि निगम की आय बढ़े और दुकानों से अवैध कब्जेधरियों को निकाला जा सके।
वहीं, रोड पटरी में दर्ज निगम की 70 दुकानों पर भी अब निर्णय होगा। या तो शासनादेश के मुताबिक दुकानों पर बुलडोजर चलाया जाएगा या फिर उनसे किराया वसूली की जाएगी। निगम द्वारा तैयार की गयी रोड पटरी में दुकानों की बात करें तो जिन दुकानों को रोड पटरी में लिया गया है उनके ठीक बगल में संचालित प्राइवेट दुकानें भी रोड पटरी में शामिल होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है।