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Meerut: सड़क पर पड़े कांवड़िये को डॉ. कुलदीप ने 20 मिनट तक मुंह से दी सीपीआर, और हो गया चमत्कार

Sun, 20 Jul 2025 01:21 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम शरद गुप्ता, मेरठ
शरद गुप्ता, मेरठ Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Sun, 20 Jul 2025 01:21 PM IST
सार

Good Job: वलीदपुर गांव के डॉ. कुलदीप ने भीड़ लगी देखी तो रुक गए। गाजियाबाद का शिवभक्त मरणासन्न अवस्था में पड़ा था। बिना संसाधनों के डॉ. कुलदीप ने 20 मिनट तक मुंह के जरिये पंप कर एक जिंदगी बचा ली।

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Meerut: Shiv devotee's breathing stopped as soon as he fell on the road, the doctor saved his life
कांवड़िये को सीपीआर देते डॉ. कुलदीप। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कांवड़ यात्रा में सड़क पर गिरने के बाद एक शिवभक्त प्रवीण की सांसें अचानक थमीं तो गांव वलीदपुर निवासी डॉ. कुलदीप ने कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) की मदद से उसकी जिंदगी बचा ली। छाती दबाकर और मुंह के जरिए सांस देकर शिवभक्त को बचाया गया। डॉ. कुलदीप की इस सेवा को लोगों ने सबसे अनूठी सेवा बताकर उसकी सराहना की।
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गाजियाबाद जिले के दौलतपुरा निवासी प्रवीण शुक्रवार को 10 वर्षीय बेटे, साले और कुछ दोस्तों के साथ अलग-अलग बाइकों पर हरिद्वार गंगाजल लेने जा रहे थे। वलीदपुर स्थित ट्रक यार्ड के पास प्रवीण की बाइक अज्ञात वाहन से टकरा गई। प्रवीण अपना संतुलन खो बैठे। इस कारण बाइक फिसल गई। बाइक फिसलने के कारण प्रवीण छाती के बल सड़क पर जा गिरे। बेटे, साले और दोस्तों ने उठाया तो उनकी सांसें रुक चुकी थीं। प्रवीण को इस अवस्था में सभी चिंता में पड़ गए। बेटा रोने लगा।
 
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20 मिनट तक दी सीपीआर...तब बची जिंदगी
वलीदपुर गांव की प्रधान राखी के पति डॉ. कुलदीप सीपीआर सहित अन्य कुछ चिकित्सीय प्रक्रियाओं के जानकार हैं। शुक्रवार रात वह बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में भीड़ देखकर वह रुक गए। घटना की जानकारी ली तो उन्होंने मानवता का धर्म निभाते हुए प्रवीण को चारपाई पर लिटाया। शिवभक्तों से प्रवीण की छाती दबाने के लिए कहा और स्वयं सीपीआर देना शुरू किया। करीब 20 मिनट तक लगातार प्रक्रिया को दोहराया गया। सीपीआर की मदद से प्रवीण की जिंदगी बच गई। कुलदीप ने बताया कि यूं तो उन्होंने कई जान बचाई हैं, लेकिन इस तरह उन्होंने पहली बार बिना संसाधन के सीपीआर थैरेपी के माध्यम से कोई जान बचाई है। 



 
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