मेरठ सहित 12 जनपदों में लागू होगा आईटीएमएस
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की टीम इस योजना पर काम कर रही है।मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि ट्रैफि क व्यवस्था में परिवर्तन के लिए कंसल्टेंसी कंपनी पीडब्ल्यूसी को प्रोजेक्ट दिया गया है।कंपनी की रिपोर्ट पर प्रदेश के 12 जिलों में तीन चरणों में आईटीएमएस और स्मार्ट सिटी सर्विलांस प्रोजेक्ट लागू किया जाएगा, जो अक्तूबर से मूर्त रूप लेगा।
उन्होंने एजेंसी के पदाधिकारी को निर्देशित किया कि वह 12 जिलों के मंडलायुक्तों के सामने रिपोर्ट का प्रेजेंटेशन दें, ताकि उनके सुझाव और आपत्तियों पर विचार कर नई व्यवस्था को अमली जामा पहनाया जा सके। उन्होंने मंडलायुक्तों को प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों को अपने स्तर से देखने और निस्तारित करने के निर्देश दिये।
प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा ने कहा कि संबंधित 12 जिलों में इस प्रोजेक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था जल्द कराई जाए और जरूरत पड़ने पर नई भर्ती की भी प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके लिये नॉन आईटी में उठाये जाने वाले कदमों में चिह्नित 931 जंक्शन सुधारे जाएंगे, साईनेज लगेंगे और रोड मार्किंग कराई जाएगी।
आईटी में उठाये जाने वाले कदमों में चिह्नित स्थानों पर 621 ट्रैफिक सर्विलांस कैमरे लगेंगे, ताकि नियमो ंका उल्लंघन करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। जिलों में ट्रैफिक और सर्विलांस सेंटर बनाते हुये 2604 फिक्स कैमरा, 732 पीटीजैड कैमरा, 639 एएनडीआर कैमरा, 576 पीए सिस्टम, 84 इमरजेंसी कॉल बॉक्स लगाए जाएंगे। साथ ही 21 वीडियो एनालिस्ट होंगे।
पहले चरण में ये जिले
मंडलायुक्त ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर समेत लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, गोरखपुर, आगरा, अलीगढ़, बरेली और मुरादाबाद शामिल हैं। इन 12 जिलों में आईटीएमएस के तहत 491.6 करोड़ रुपये और स्मार्ट सिटी सर्विलांस के लिये 163.6 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। आईटीएमएस में सालाना 46 करोड़ और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 68.3 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। यह तीन चरणों इंटीग्रेटेड, इंटेलीजेंस और ऑप्टीमाइज फेज में होगा। इसके लिये बजट का इंतजाम नगर निकाय की अवस्थापना निधि, विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और पुलिस विभाग द्वारा किया जाएगा। मॉल और स्कूल आदि में लगे कमैरों का प्रयोग भी इसमें किया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान आईजी मेरठ जोन सुजीत पांडेय, डीआईजी लक्ष्मी सिंह, डीएम पंकज यादव, एसएसपी डीसी दूबे सहित अन्य पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।