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मेरठ : पंजाब में मूल्य बढ़ा, लखनऊ से बढ़ी प्रदेश के गन्ना किसानों की उम्मीद

Thu, 26 Aug 2021 12:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ 
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ  Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 26 Aug 2021 12:45 AM IST
सार

  • प्रदेश में भी गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति कुंतल किए जाने की मांग

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Meerut: Price increased in Punjab, sugarcane farmers expecting from Lucknow
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विस्तार

नया पेराई सत्र शुरू होने से पहले पंजाब सरकार ने गन्ना मूल्य में 50 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी कर दी है। किसान नेताओं ने इसे किसान आंदोलन का असर बताया है। यूपी के गन्ना किसानों की उम्मीद लखनऊ से अब और अधिक बढ़ गई है। प्रदेश सरकार पर भी गन्ना रेट में बढ़ोतरी का दबाव रहेगा। प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव है और तीन कृषि कानूनों को लेकर किसान नौ महीने से आंदोलन कर रहे हैं। पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत भी है। प्रदेश में पिछले तीन पेराई सत्र से गन्ना मूल्य नहीं बढ़ा है। पेराई सत्र 2017-18 में 10 रुपये की वृद्धि हुई थी।

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किसान नेता मांग रहे 450 रुपये प्रति कुंतल रेट 
किसान नेता सरदार वीएम सिंह ने कहा कि सरकारी गन्ना शोध संस्थानों के अनुसार ही गन्ना उत्पादन लागत 300 रुपये प्रति कुंतल से ज्यादा आ रही है तो इस हिसाब से किसानों को 50 फीसदी लाभ के साथ 450 रुपये कुंतल रेट मिलना चाहिए। जहां तक केंद्र सरकार द्वारा एफआरपी में पांच रुपये की बढ़ोत्तरी कर 290 रुपये की गई है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। क्योंकि प्रदेश सरकारों को पहले से ही राज्य परामर्शी मूल्य एसएपी घोषित करने का अधिकार हैं।
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गन्ना विकास समिति दौराला के पूर्व चेयरमैन चौधरी पीतम सिंह ने बताया कि पिछले साल किसानों का गन्ना उत्पादन लागत गणित 335 रुपये कुंतल आ रहा था। इस बार डीजल, मजदूरी, यूरिया के रेट बढ़ने से लागत में और ज्यादा बढ़ोतरी हो गई है। इस हिसाब से गन्ने का रेट 450 रुपये प्रति कुंतल होना जरूरी है। 
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जय किसान आंदोलन के प्रदेश प्रवक्ता मनीष भारती ने एफआरपी में पांच रुपये की बढ़ोतरी को नाकाफी बताते हुए कहा कि आरबीआई के अनुसार मुद्रास्फीति की दर छह फीसदी है और एफआरपी में केवल 1.75 फीसदी की ही वृद्धि की गई है। सरकार किसानों को बैठाकर गन्ने की उत्पादन लागत निकलवानी चाहिए और उसके बाद 50 फीसदी लाभांश के साथ गन्ना रेट घोषित करें। 

रालोद के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. राजकुमार सांगवान और क्षेत्रीय अध्यक्ष यशवीर सिंह और किसान नेता अरविंद सिंह ने कहा कि गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति कुंतल किया जाना जरूरी है। गन्ना किसानों को अधिक खर्च करना पड़ रहा है। वर्तमान गन्ना मूल्य से किसानों को उनकी लागत भी नहीं मिल पा रही है।


पंजाब में हुई किसान आंदोलन की जीत : टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि पंजाब में गन्ना रेट में 50 रुपये की वृद्धि किसान आंदोलन की जीत है। यूपी में गन्ना उत्पादन लागत पंजाब के किसानों से ज्यादा आती है। इस हिसाब से यूपी सरकार को गन्ने के रेट में बढ़ोत्तरी करनी होगी। पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली किसान महापंचायत में गन्ना रेट को लेकर बनने वाली रणनीति का एलान किया जाएगा।

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