NIA के बाद अब मेरठ पुलिस ने शुरू की असलाह कारीगरों की धर-पकड़, डोजियर बनाने की तैयारी
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मेरठ में असलहा बनाने वाले कारीगरों को एनआईए ने रडार पर लिया तो पुलिस भी एक्टिव हो गई। पुलिस ने जेल भेजे असलहा कारीगरों का रिकॉर्ड मांगा है। पुलिस ने कारीगरों का डोजियर बनाने की तैयारी कर ली है और सप्लायरों की तलाश शुरू की।
मेरठ पुलिस ने साल 2018 में अवैध हथियारों की खेप बरामद कर 28 कारीगरों को जेल भेजा। इसके अलावा भी पुलिस तमंचे व पिस्टल के साथ कई अपराधियों को जेल भेज चुकी है। 26 दिसंबर को एनआईए और एटीएस ने आईएस से जुड़े संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार कर खुलासा किया था कि आईएस दिल्ली, एनसीआर और वेस्ट यूपी में हथियार सप्लायरों के जरिये अपने नापाक मंसूबे पूरा करना चाहती है।
एनआईए ने मेरठ के राधना गांव निवासी नईम को गिरफ्तार किया था। जिसने बताया कि आईएसआईएस का नेटवर्क काफी फैला है। जिसके बाद एनआईए ने हथियार बनने वाले कारीगरों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने बुधवार जेल भेजे कारीगरों का रिकार्ड मांगा है। पुलिस का दावा कि हथियार बनने वाले कारीगरों का डोजियर बनाया जाएगा। ताकि हथियार सप्लायरों की तलाश आसानी के कारीगरों के जरिये की जा सके।
सप्लायरों की तलाश में दबिश
एसएसपी के निर्देश पर हथियार सप्लायरों की तलाश में कई जगहों पर बुधवार को दबिश दी गई। जेल से छूटे कारीगरों को पुलिस ढूंढ रही है। एसएसपी अखिलेश कुमार ने बताया कि हथियार बनाने व सप्लाई करने वालों की तलाश में अभियान चलेगा। इस मामले में थानेदारों को निर्देश दिया है कि अगर लापरवाही हुई तो कार्रवाई की जाएगी।
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